
संवाददाता
नई दिल्ली । महिला आरक्षण बिल को लेकर सियासत गरमा गई है. सरकार इस बिल को संसद में पेश करने को लेकर पूरी तरह से तैयार है. वहीं विपक्ष भी बिल के विरोध को लेकर एकजुट हो गया. कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने विपक्षी दलों की बैठक के बाद केंद्र सरकार पर हमला बोला है.मल्लिकार्जुन खरगे ने आगे कहा कि हमने हमेशा इस बिल का समर्थन किया है, लेकिन हमारा आग्रह है कि पुराने संशोधनों को लागू किया जाए. सरकार ये मानने को तैयार नहीं है. अब हमे सरकार के तरीके पर आपत्ति है. सरकार की नियत में खोट दिख रहा है.
उन्होंने कहा कि सभी विपक्षी दल आरक्षण के खिलाफ नहीं हैं. लेकिन सरकार जिस तरह से इसे लागू कराने का प्रयास कर रही है वो गलत है. एक तरह राजनीतिक से प्रेरित है. परिसीमन में चालाकी की गई है. सरकार कार्यपालिका के जरिए संविधान की उन शक्तियों को हथिया रही है जो संसद और संस्थाओं के पास होनी चाहिए. इन्होंने पहले भी असम और जम्मू-कश्मीर के परिसीमन में हमें धोखा दिया है. इसलिए संसद में इस बिल का विरोध किया जाएगा. खरगे ने कहा कि संसद में सभी विपक्षी दल एकजुट होकर लड़ेंगे और इस बिल का विरोध करेंगे.
543 के आधार पर दिया जाए एक तिहाई आरक्षण
कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने भी बिल को लेकर प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा, विपक्ष चाहता है कि मौजूदा लोकसभा की संख्या 543 है. उसके आधार पर एक तिहाई आरक्षण दिया जाए और इसे महिलाओं के लिए 2029 से लागू किया जाए.
उन्होंने कहा कि परिसीमन के प्रावधान के मामले पर हम हरगिज समर्थन नहीं कर सकते. हम इसका विरोध करेंगे और बहस में भाग लेंगे. क्योंकि इस बिल में सिर्फ सरकार की मनमानी है इस पर विपक्ष की किसी भी राय पर अमल नहीं किया गया है.
परिसीमन बिल के खिलाफ वोट करेंगे : केसी वेणुगोपाल
कांग्रेस महासचिव के.सी. वेणुगोपाल ने भी महिला आरक्षण बिल को लेकर सरकार को घेरा है. उन्होंने अपने सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि सरकार का परिसीमन कदम लोकतांत्रिक व्यवस्था, विशेषकर संघीय ढांचे पर गंभीर प्रभाव डाल सकता है. इसलिए हम परिसीमन बिल के खिलाफ वोट करेंगे.
इससे पहले उन्होंने लिखा कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के नई दिल्ली स्थित आवास पर लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के साथ वरिष्ठ विपक्षी नेताओं की बैठक आयोजित की गई. बैठक में संसद के आगामी विशेष सत्र की रणनीति और परिसीमन के मुद्दे पर चर्चा हुई.
महिला आरक्षण बिल के विरोध में विपक्ष के साथ आप
आम आदमी पार्टी ने भी महिला आरक्षण बिल को लेकर अपना रुख साफ कर दिया है. आप ने कहा कि पार्टी महिला आरक्षण बिल पर विपक्ष के साथ है. आप का कहना है कि संसद में 543 सीटों का 33% आरक्षण आज लागू होता है तो हम सरकार के साथ जा सकते हैं. आप का आरोप है कि बिना जनगणना के परिसीमन राज्यों के साथ धोखा करना है. सरकार यह काम खुलेआम कर रही है, जो सरासर गलत है.



