
संवाददाता
नई दिल्ली। दिल्ली विधानसभा की विशेषाधिकार समिति के समक्ष शुक्रवार को पंजाब के शीर्ष अधिकारी पेश हुए. मामला सदन की गरिमा और विशेषाधिकार हनन से जुड़ा है, जिसकी जांच वर्तमान में समिति द्वारा की जा रही है. बैठक में पंजाब के अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह) आलोक शेखर, डीजीपी गौरव यादव और जालंधर की पुलिस आयुक्त धनप्रीत कौर ने उपस्थित होकर अपना पक्ष रखा.
सदन के पटल पर रखी जाएगी रिपोर्ट
दिल्ली विधानसभा के अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने इस महत्वपूर्ण बैठक के बाद कहा कि समिति मामले की गहन जांच कर रही है. उन्होंने स्पष्ट किया कि फिलहाल यह कहना कठिन है कि जांच प्रक्रिया में कितना समय लगेगा, लेकिन समिति की रिपोर्ट तैयार होते ही इसे सदन के पटल पर रखा जाएगा. इसके बाद सदन की सिफारिशों और नियमों के आधार पर अध्यक्ष (चेयर) द्वारा अंतिम निर्णय लिया जाएगा. उन्होंने कहा कि सदन और उसके सदस्यों के विशेषाधिकारों के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जा सकता। विधानसभा की गरिमा बरकरार रखना हमारी प्राथमिकता है, क्योंकि यह हमारे संवैधानिक ढांचे का प्रतिबिंब है.
विधानसभा अध्यक्ष ने कार्यवाही के दौरान ‘बेअदबी’ के मुद्दे का भी जिक्र किया. उन्होंने बताया कि 6 जनवरी 2026 को सदन के पटल पर गुरुओं के कथित अपमान से जुड़ी एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना हुई थी. इस पूरे मामले के समाधान की प्रक्रिया वर्तमान में जारी है और इसे तार्किक निष्कर्ष तक पहुंचाया जाएगा. विजेंद्र गुप्ता ने आश्वस्त किया कि पूरी कार्यवाही स्थापित नियमों और पारदर्शी प्रक्रिया के तहत संचालित की जा रही है. उन्होंने कहा कि विधानसभा की कोई भी कार्रवाई किसी दुर्भावना से प्रेरित नहीं है, बल्कि यह न्याय और निष्पक्षता के सिद्धांतों पर आधारित है. समिति की बैठक में अध्यक्ष प्रद्युम्न सिंह राजपूत, अभय कुमार वर्मा, अजय कुमार महावर, नीरज बसोया, राम सिंह नेताजी, रवि कांत, सतीश उपाध्याय, सुरेंद्र कुमार और सूर्य प्रकाश खत्री उपस्थित थे.
आतिशी पर सिख गुरुओं के अपमान का आरोप
दिल्ली विधानसभा द्वारा इन अधिकारियों को भेजे गए पहले नोटिस पर यह अधिकारी उपस्थित नहीं हुए थे. साथ ही उन्होंने अगली बार उपस्थित होने के लिए समय मांगा था. इसके बाद विधानसभा सचिव रंजीत सिंह की ओर से फिर से दूसरा नोटिस भेज करके इनको तलब किया गया. इस दूसरे नोटिस पर आज वह विशेषाधिकार समिति के सामने पेश होकर अपना पक्ष रखा. बता दें कि आतिशी द्वारा गुरुओं के कथित अपमान के विरोध में भाजपा विधायकों ने दो दिन तक विधानसभा नहीं चलने दी थी और आतिशी पर कार्रवाई करने की मांग पर अड़े रहे थे.
बता दें कि जनवरी में आयोजित किए गए दिल्ली विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दौरान नेता प्रतिपक्ष आतिशी पर विधानसभा में चर्चा के दौरान सिख गुरुओं के अपमान का आरोप लगा था. उस कथित आरोप के वीडियो को दिल्ली सरकार के मंत्री कपिल मिश्रा द्वारा अपने एक्स हैंडल से पोस्ट कर दिया गया था, जिस पर जालंधर में आम आदमी पार्टी के एक कार्यकर्ता इकबाल सिंह द्वारा जालंधर पुलिस को शिकायत दी गई थी. उस वीडियो को आधार बनाकर जालंधर पुलिस ने कपिल मिश्रा के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया था.



