
संवाददाता
नई दिल्ली । अगर आप आने वाले दिनों में नई गाड़ी खरीदने की सोच रहे हैं, तो रुकिए! दिल्ली सरकार आपकी जेब का बोझ कम करने और राजधानी की हवा को सुधारने के लिए देश की सबसे महत्वाकांक्षी ‘इलेक्ट्रिक व्हीकल नीति 2026’ का ड्राफ्ट लेकर आई है. मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इस मेगा प्लान का ऐलान करते हुए साफ कर दिया कि अब दिल्ली की सड़कों पर धुआं नहीं, बल्कि बिजली की रफ्तार दौड़ेगी. सरकार ने इसके लिए 3,954.25 करोड़ रुपये का भारी-भरकम बजट आवंटित किया है.
सब्सिडी का ‘सुपर डोज’: किसे, कितना मिलेगा फायदा
नई ईवी ड्राफ्ट पॉलिसी में सरकार ने इलेक्ट्रिक वाहनों की खरीदारी पर मिलने वाले इंसेंटिव को तीन साल के स्लैब में बांटा है. खास बात यह है कि फायदा ‘पहले आओ, पहले पाओ’ के आधार पर मिलेगा.
- अगर आप पहले साल में इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर खरीदते हैं, तो 30,000 तक की सीधी सब्सिडी मिल सकती है.
- दूसरे साल में यह 20,000 और तीसरे साल में 10,000 हो जाएगी. शर्त यह की कीमत 2.25 लाख से कम हो.
- 30 लाख तक की इलेक्ट्रिक कारों पर 31 मार्च 2030 तक रोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन फीस जीरो रहेगी.
- स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड कारों पर भी 50% की छूट मिलेगी.
- कमर्शियल वाहन ई-ऑटो पर पहले साल 50,000 और ई-लोडर (N1 श्रेणी) पर एक लाख तक की राहत मिलेगी. सरकार द्वारा जारी ईवी ड्राफ्ट पॉलिसी में आमलोग कोई सुझाव देना चाहते हैं तो वे सरकार के परिवहन विभाग की वेबसाइट पर जाकर 10 मई तक सुझाव दे सकते हैं. उसके कुछ दिनों बाद सरकार फाइनल पॉलिसी जारी करेगी.
10 मई तक आमलोग ऐसे दे सकते हैं अपने सुझाव
सरकार द्वारा जारी ड्राफ्ट पॉलिसी आधिकारिक वेबसाइट https://transport.delhi.gov.in पर सभी हितधारकों एवं आम जनता की जानकारी के लिए अपलोड किया गया है. विभाग ने इस मसौदा नीति पर सुझाव और टिप्पणियां आमंत्रित करते हुए कहा है कि सूचना के प्रकाशन की तिथि से 30 दिनों के भीतर, अर्थात 10 मई तक, इच्छुक व्यक्ति अपने अभिमत भेज सकते हैं. इसके लिए ई-मेल के माध्यम से [email protected] पर सुझाव भेजे जा सकते हैं, जबकि डाक द्वारा संयुक्त आयुक्त (ईवी), परिवहन विभाग, जीएनसीटीडी, 5/9, अंडर हिल रोड, दिल्ली-110054 के पते पर भी आवेदन भेजने की व्यवस्था की गई है.
पुरानी गाड़ी कबाड़ में दो, 1 लाख घर ले जाओ!
- सरकार का सबसे बड़ा दांव ‘स्क्रैपिंग इंसेंटिव’ पर है. अगर आप अपना पुराना पेट्रोल या डीजल वाहन (BS-IV या उससे पुराना) कबाड़ में देते हैं, तो नई ई-कार खरीदने पर 1 लाख तक की अलग से छूट मिलेगी.
- इसी तरह टू-व्हीलर पर 10,000 और थ्री-व्हीलर पर 25,000 का स्क्रैपिंग बोनस दिया जाएगा.
- शर्त यह कि नई गाड़ी की खरीद अधिकृत स्क्रैपिंग सेंटर से सर्टिफिकेट मिलने के 6 महीने के भीतर होनी चाहिए.
डेडललाइन तय: 2027 के बाद नहीं चलेंगे तेल वाले ऑटो
सरकार ने दिल्ली को पूरी तरह इलेक्ट्रिक मोड में डालने के लिए सख्त टाइमलाइन सेट की है. 1 जनवरी 2027 से दिल्ली में नए पेट्रोल/सीएनजी थ्री-व्हीलर का रजिस्ट्रेशन पूरी तरह बंद हो जाएगा. केवल इलेक्ट्रिक थ्री-व्हीलर ही रजिस्टर होंगे. 1 अप्रैल 2028 से टू-व्हीलर सेगमेंट में भी केवल इलेक्ट्रिक वाहनों की ही एंट्री होगी. बच्चों की सेहत को ध्यान में रखते हुए 2030 तक 30% स्कूल बसों को इलेक्ट्रिक करना अनिवार्य होगा.
चार्जिंग की टेंशन खत्म, बनेगा डिजिटल पोर्टल
इलेक्ट्रिक गाड़ी लेने वालों का सबसे बड़ा डर ‘चार्जिंग’ होता है. इसे दूर करने के लिए सरकार 1,000 करोड़ खर्च कर चार्जिंग स्टेशनों का जाल बिछाएगी. दिल्ली ट्रांसको लिमिटेड को इसकी जिम्मेदारी सौंपी गई है. एक ऐसा ऐप या पोर्टल होगा जहां आपको पता चलेगा कि नजदीकी चार्जिंग पॉइंट कहां है और वहां स्लॉट खाली है या नहीं.
सरकारी बेड़े में अब सिर्फ ‘बिजली’
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि अब सरकारी बेड़े में किराए पर लिए जाने वाले सभी वाहन केवल इलेक्ट्रिक होंगे. इसके अलावा, दिल्ली से दूसरे राज्यों में जाने वाली सभी नई बसें भी अब ई-बसें ही होंगी. वहीं 2027 और 2028 की डेडलाइन कंपनियों और खरीदारों को मानसिक रूप से तैयार करने के लिए काफी है.
बजट का ब्रेकअप
- कुल बजट: 3954.25 करोड़
- खरीद पर छूट: 1236.25 करोड़
- पुरानी गाड़ी स्क्रैप करने पर: 1718 करोड़
- चार्जिंग ढांचा: 1000 करोड़
- सरकार ने नई नीति में ‘पहले आओ, पहले पाओ’ की तर्ज पर शुरुआती वर्षों में अधिक प्रोत्साहन देने का निर्णय लिया है.
| दोपहिया वाहन | 2.25 लाख तक की कीमत वाले ई-स्कूटर या बाइक पर पहले साल प्रति किलोवाट घंटा 10,000 (अधिकतम 30,000) की सब्सिडी मिलेगी. अगले दो वर्षों में यह राशि क्रमश 20,000 और 10,000 तक कम होती जाएगी. |
| तीन पहिया और माल वाहन | ई-ऑटो पर पहले साल 50,000 और ई-माल वाहनों पर 1,00,000 तक की सीधी खरीद सब्सिडी दी जाएगी. |
| अनिवार्य पंजीकरण: 2027 से बंद होंगे तेल वाले तीन पहिया |
| 1 जनवरी 2027 से: दिल्ली में केवल इलेक्ट्रिक तीनपहिया वाहनों का ही नया पंजीकरण होगा |
| 1 अप्रैल 2028 से: दोपहिया श्रेणी में भी केवल इलेक्ट्रिक वाहनों के ही नए रजिस्ट्रेशन की अनुमति होगी |
| स्कूल बसें: 2030 तक दिल्ली की 30% स्कूल बसों का इलेक्ट्रिक होना अनिवार्य कर दिया गया है |



