
संवाददाता
गाजियाबाद। नगर निगम द्वारा शहर में बढ़ती आवारा कुत्तों की समस्या के समाधान के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए नई डॉग कैचिंग वैन का शुभारंभ किया गया। नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक तथा विजयनगर जोन के पार्षदों ने निगम मुख्यालय में बुधवार को आयोजित कार्यक्रम के दौरान इस विशेष वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। नगर निगम की इस पहल से शहर में संचालित एनिमल बर्थ कंट्रोल (एबीसी) अभियान को नई गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। नगर निगम लंबे समय से निराश्रित श्वानों के नियंत्रण, टीकाकरण तथा नसबंदी अभियान को व्यवस्थित रूप से संचालित करने की दिशा में कार्य कर रहा है। नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने बताया कि पूर्व में नगर निगम के पास केवल चार डॉग कैचिंग वैन उपलब्ध थीं, जिनके माध्यम से रोस्टर के अनुसार विभिन्न क्षेत्रों में आवारा कुत्तों को पकडऩे की कार्रवाई की जाती थी। लेकिन शहर के बढ़ते विस्तार और शिकायतों की संख्या को देखते हुए प्रत्येक जोन के लिए अलग-अलग वैन उपलब्ध कराने की योजना बनाई गई। इसी क्रम में नई डॉग कैचिंग वैन को विजयनगर जोन के लिए समर्पित किया गया है। नगर आयुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि नई वैन के माध्यम से क्षेत्र में नियमित रूप से अभियान चलाया जाए ताकि नागरिकों को राहत मिल सके।
उन्होंने कहा कि नगर निगम की प्राथमिकता शहरवासियों की समस्याओं का त्वरित समाधान करना है और डॉग मेनस से जुड़ी शिकायतें निगम के संज्ञान में लगातार आ रही थीं, जिनके समाधान के लिए यह कदम उठाया गया है। कार्यक्रम के दौरान उपमुख्य पशु चिकित्सा एवं कल्याण अधिकारी डॉ. अनुज कुमार सिंह तथा मुख्य पशु चिकित्सा एवं कल्याण अधिकारी डॉ. आशीष त्रिपाठी भी मौजूद रहे। उन्होंने बताया कि नई डॉग कैचिंग वैन आधुनिक सुविधाओं से लैस है। वाहन में टीम के सुरक्षित बैठने की व्यवस्था के साथ-साथ डॉग कैचिंग उपकरणों को व्यवस्थित रखने के लिए विशेष स्थान बनाया गया है, जिससे अभियान अधिक सुरक्षित और प्रभावी ढंग से संचालित किया जा सकेगा। डॉ. अनुज कुमार सिंह ने जानकारी दी कि यह डॉग कैचिंग वैन कोटक बैंक द्वारा कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (सीएसआर) योजना के अंतर्गत गाजियाबाद नगर निगम को उपलब्ध कराई गई है।
उन्होंने कहा कि निजी संस्थानों के सहयोग से जनहित से जुड़े अभियानों को मजबूती मिल रही है और भविष्य में भी ऐसे सहयोग को बढ़ावा दिया जाएगा। नगर आयुक्त ने बताया कि एनिमल बर्थ कंट्रोल अभियान का मुख्य उद्देश्य आवारा कुत्तों की संख्या को मानवीय तरीके से नियंत्रित करना, रेबीज जैसी बीमारियों की रोकथाम करना तथा नागरिकों और पशुओं के बीच संतुलन स्थापित करना है। नई वैन के शामिल होने से नसबंदी और टीकाकरण अभियान की गति कई गुना बढ़ेगी, जिससे शहर में डॉग बाइट की घटनाओं में भी कमी आने की उम्मीद है। विजयनगर क्षेत्र के पार्षदों ने नगर आयुक्त का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि क्षेत्र में लंबे समय से आवारा कुत्तों की समस्या को लेकर नागरिकों की शिकायतें मिल रही थीं। नई डॉग कैचिंग वैन मिलने से क्षेत्रवासियों को राहत मिलेगी और अभियान अधिक प्रभावी रूप से चलाया जा सकेगा। कार्यक्रम में पार्षद कन्हैया, पार्षद देवनारायण शर्मा, पार्षद भारत गौतम, पार्षद संतोष सहित अन्य जनप्रतिनिधि भी उपस्थित रहे।





