संवाददाता
नई दिल्ली । दिल्ली विधानसभा में व्यक्ति द्वारा जबरन गाड़ी घुसाने के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है. हालांकि अभी पुलिस मामले की पड़ताल कर रही है. पुलिस के अनुसार पूछताछ में पुलिस ने बताया कि आरोपी सरबजीत ने यह काम ध्यान खींचने और अपने लापता भांजे के मामले में ध्यान दिलाने के लिए की थी.
पुलिस के अनुसार, सरबजीत का भांजा 1 अप्रैल से लापता था और उसकी हरि नगर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी. सरबजीत चाहता था कि उसकी इस शिकायत पर कोई बड़ा अधिकारी ध्यान दे. उसने सोचा कि विधानसभा में गाड़ी घुसाकर वहां मौजूद बड़े अधिकारियों का ध्यान अपनी समस्या की ओर आकर्षित कर सकता है. इस वजह से ऐसा किया है.
सरबजीत ने पूछताछ में बताया कि उसे लगा था कि विधानसभा के अंदर कोई बड़ा अधिकारी उसकी बात सुनेगा और उसके भांजे के मामले में तुरंत कार्रवाई होगी. हालांकि पुलिस इस थ्योरी पर अभी पूरी तरह यकीन नहीं कर रही है. वहीं दूसरी ओर परिवार का कहना है कि सरबजीत मानसिक डिस्टर्ब है, लेकिन पुलिस इसे मानने को तैयार नहीं है.
पुलिस का कहना है कि सरबजीत हट्टा-कट्टा और आर्थिक रूप से मजबूत शख्स है. उसने फरवरी 2026 में ही नई टाटा सियारा गाड़ी खरीदी है. सरबजीत अकेला इसी गाड़ी लेकर विधानसभा परिसर में घुस गया था. उसके साथ कोई और नहीं था. गाड़ी में या उसके पास से कोई हथियार बरामद नहीं हुआ. गाड़ी किसी भी व्यक्ति पर चढ़ सकती थी, इसलिए पुलिस ने इस मामले में आत्महत्या के प्रयास की धारा लगा दी है.
एक और चौंकाने वाली बात यह है कि सरबजीत को दिल्ली के रास्ते नहीं पता थे. इसलिए उसने दो टैक्सी ड्राइवरों को 2000 रुपये देकर अपनी गाड़ी में बिठाया और उनसे रास्ता पूछते हुए कहा कि वह संसद जाना चाहता है. पुलिस इन दोनों टैक्सी ड्राइवरों से भी पूछताछ कर रही है, हालांकि अभी तक इनका कोई संदिग्ध रोल नहीं सामने आया है.
सरबजीत की पत्नी ने शाहजापुर के एक मेडिकल का पर्चा दिया है, जिसमें उसका इलाज चल रहा है. पुलिस इस दस्तावेज की जांच कर रही है. साथ ही सरबजीत के मोबाइल के CDR डिटेल्स भी निकलवाए जा रहे हैं. मेडिकल जांच के बाद सरबजीत को मंगलवार को तीस हजारी कोर्ट में पेश किया जाएगा. पुलिस ने बताया कि लॉकअप में भी उसका व्यवहार बहुत हिंसक था. वह लॉकअप की ग्रिल पकड़कर हिलाता रहा, चिल्लाता रहा.