
संवाददाता
नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में दिल्ली पुलिस अपराधियों के खिलाफ एक्शन मोड में है. ताजा मामला दिल्ली के द्वारका जिले का है जहां कानून व्यवस्था को ताक पर रखने वाले दो खूंखार अपराधी को पुलिस ने मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया है. यह अपराधी दिल्ली के डाबड़ी इलाके में चाकू बाजी और हत्या की वारदात में शामिल थे. जिसके बाद पुलिस ने पूरी रात ऑपरेशन चला कर अपराधियों को दबोचा है. दिल्ली के द्वारका जिले में 29 और 30 मार्च की रात को अपराधिक घटनाओं ने पूरे द्वारका जिला को दहशत में डाल दिया था. द्वारका के डाबड़ी इलाके में कुछ मिनट के अंतराल में दो अलग-अलग चाकू बाजी की घटनाएं हुई थी जिम एक व्यक्ति की मौत हो गई थी जबकि इस घटना में तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए थे. पुलिस ने अपराधियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी.
डीसीपी कुशल पाल सिंह ने दी जानकारी
वही इस पूरे मामले में द्वारका जिला के डीसीपी कुशल पाल सिंह ने बताया कि अपराध के प्रति जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई गई है. किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा और कानून का राज हर हाल में कायम रखा जाएगा. इसी के तहत एएटीएस की टीम ने ओल्ड नजफगढ़ ट्रेन रोड (ककरोला रोड) पर एनकाउंटर किया है. जिसमें प्रेम उर्फ हिमांशु नाम के एक क्रिमिनल के दाहिने पैर में गोली लग गई है.
खुफिया जानकारी के आधार पर पुलिस ने की कार्रवाई
पुलिस को खुफिया जानकारी मिली थी कि यह अपराधी नजफगढ़ से आ रहा है. उसे देखते ही पुलिस पार्टी ने उसे घेर लिया और सरेंडर करने को कहा तो आरोपी अपराधी ने पुलिस पार्टी पर फायरिंग कर दी. जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने उसके पैर में गोली मार दी जिससे से वो घायल हो गया और बाद में उसे पकड़ लिया गया. इस अपराधी ने साथियों के साथ मिलकर 29 मार्च को एक हत्या की वारदात को अंजाम दिया था.
द्वारका की स्पेशल स्टाफ की टीम ने किया एनकाउंटर
दूसरा एनकाउंटर द्वारका की स्पेशल स्टाफ की टीम ने किया है जिसमें एक वांटेड क्रिमिनल रोहित उर्फ नोएडा को गिरफ्तार किया गया है. यह 29 मार्च को द्वारका जिले में हुई एक हत्या और हत्या की कोशिश के सिलसिले में वांटेड था. ऑपरेशन के दौरान क्रिमिनल के पैर में गोली लग गई. उसने एक साथी के साथ मिलकर द्वारका जिला में एक धारदार हथियार का इस्तेमाल करके वारदात को अंजाम दिया था.
दो आरोपियों को एनकाउंटर के बाद पकड़ा गया
पुलिस की स्पेशल स्टाफ और एएटीएस की टीम ने ऑपरेशन चलाया था जिसमें दो आरोपियों को एनकाउंटर के बाद पकड़ा गया है. पुलिस का मकसद सिर्फ अपराध करने वाले लोगों को ये मैसेज देना है कि अगर आप अपराध करते हैं तो पुलिस आपको बख्शेगी नहीं. इसलिए अब दिल्ली में रहना है तो अपराधियों को अपराध छोड़ना होगा अन्यथा इसी तरह के एनकाउंटर होते रहेंगे.



