
संवाददाता
नई दिल्ली। इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉर्पोरेशन यानी आईआरसीटीसी की ऑनलाइन टिकट बुकिंग सुविधा से यात्रियों को काफी राहत मिली है। अब लोगों को टिकट लेने के लिए लंबी लाइनों में खड़े होने की जरूरत नहीं पड़ती, जिससे समय और पैसे दोनों की बचत हो रही है। रेलवे के अनुसार, अब लगभग 88 फीसदी आरक्षित टिकट ऑनलाइन बुक हो रहे हैं। वित्त वर्ष 2025-26 (26 फरवरी तक) में 48.25 करोड़ टिकट ऑनलाइन बुक किए गए, जबकि 6.15 करोड़ टिकट काउंटर से लिए गए।
आईआरसीटीसी इस सेवा के संचालन और रखरखाव पर खर्च करता है, इसलिए यात्रियों से एक छोटा सुविधा शुल्क लिया जाता है। वहीं, वेटिंग लिस्ट टिकट कैंसिल कराने पर नियमों के अनुसार क्लर्केज शुल्क भी लिया जाता है।
रेलवे ने टिकट बुकिंग में गड़बड़ी रोकने के लिए नए नियम लागू किए हैं। 1 जुलाई 2025 से तत्कल टिकट केवल आधार सत्यापित यूजर्स ही बुक कर सकते हैं। साथ ही, सामान्य टिकट की शुरुआती बुकिंग भी अब आधार प्रमाणित यूजर्स के लिए ही उपलब्ध है।) इससे फर्जी अकाउंट्स के जरिए टिकट बुकिंग पर रोक लगी है और आम यात्रियों को फायदा हुआ है। हालांकि, आधार लिंक न होने पर किसी भी अकाउंट को बंद नहीं किया गया है।
आईआरसीटीसी ने 2025 में 3.04 करोड़ संदिग्ध अकाउंट बंद किए और 2.94 करोड़ को अस्थायी रूप से सस्पेंड किया। वहीं, जनवरी 2025 से फरवरी 2026 के बीच 1.80 लाख से ज्यादा अकाउंट दोबारा चालू किए गए। टिकट दलालों और बॉट्स को रोकने के लिए आईआरसीटीसी ने नई तकनीकें अपनाई हैं। एंटी-बॉट सिस्टम से करीब 64 फीसदी संदिग्ध गतिविधियों को रोका जा रहा है। साथ ही, 4.07 लाख संदिग्ध पीएनआर से जुड़े 408 मामलों की शिकायत साइबर क्राइम पोर्टल पर की गई है और 13,023 संदिग्ध ईमेल डोमेन ब्लॉक किए गए हैं।
इसे लिए रेलवे लगातार निगरानी और जरूरत पड़ने पर कार्रवाई कर रहा है। यह जानकारी केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने लोकसभा में दी है।



