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दिल्ली बजट 2026-27: सीएम रेखा गुप्ता का ‘ग्रीन’ धमाका, 1.03 लाख करोड़ के बजट में प्रदूषण पर प्रहार और महिलाओं को ई-ऑटो का तोहफा

दिल्ली सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 1,03,700 करोड़ का बजट पेश किया है, जिसमें विकास, पर्यावरण और शहरी सुविधाओं पर विशेष ध्यान

संवाददाता

नई दिल्ली। दिल्ली की मुख्यमंत्री और वित्त मंत्री रेखा गुप्ता ने मंगलवार को विधानसभा में वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 1,03,700 करोड़ रुपये का बजट पेश किया. इस बार बजट की थीम ‘ग्रीन बजट’ रखी गई है, जिसमें विकास के साथ-साथ पर्यावरण को बचाने पर सबसे ज्यादा जोर दिया गया है. मुख्यमंत्री ने साफ किया कि अब दिल्ली ‘फ्रीबीज’ (मुफ्त सुविधाओं) के कल्चर से बाहर निकलकर बुनियादी ढांचे और पर्यावरण पर निवेश कर रही है.

बजट की 5 बड़ी बातें:

ग्रीन दिल्ली पर फोकस: कुल बजट का 21% हिस्सा (लगभग 21,777 करोड़ रुपये) विशेष रूप से पर्यावरण और ग्रीन पहलों के लिए आवंटित किया गया है.

शिक्षा और स्वास्थ्य टॉप पर: शिक्षा को 19,326 करोड़ (18.64%) और स्वास्थ्य क्षेत्र को 13,034 करोड़ (12.57%) रुपये दिए गए हैं.

महिलाओं के लिए ‘पिंक’ रोजगार: 1,000 महिलाओं को मुफ्त ई-ऑटो परमिट दिए जाएंगे, ताकि वे आत्मनिर्भर बन सके.

धूल मुक्त सड़कें: दिल्ली की सड़कों को धूल मुक्त बनाने के लिए 1,392 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है.

बिजली और पानी: ‘प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना’ के जरिए दिल्ली को ऊर्जा में आत्मनिर्भर बनाया जाएगा. दिल्ली जल बोर्ड को 9,000 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं.

मुख्यमंत्री ने शहर के बुनियादी ढांचे को सुधारने के लिए कई बड़े ऐलान किए. कालकाजी से मोदी मिल फ्लाईओवर के विस्तार और सावित्री सिनेमा तिराहे पर नए फ्लाईओवर को मंजूरी दी गई है, जिस पर 371 करोड़ खर्च होंगे. नजफगढ़ नाले के किनारे 54 किमी लंबी सड़क बनाई जाएगी. आसमान में लटकते बिजली के तारों से मुक्ति दिलाने के लिए तारों को अंडरग्राउंड करने हेतु 200 करोड़ का प्रावधान है.

एमसीडी को मिला भारी फंड

दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) के लिए सरकार ने खजाना खोल दिया है. एमसीडी को 11,266 करोड़ रुपये दिए गए हैं, जो पिछले वर्षों की तुलना में काफी अधिक है. इसमें से 1,000 करोड़ रुपये विशेष रूप से सड़कों के सुधार के लिए होंगे.

पर्यावरण के लिए ‘सोलर’ और ‘साइकिल’ का मेल

बजट में यमुना के किनारे साइकिल ट्रैक विकसित करने और नालों के ऊपर सोलर पैनल लगाने जैसी नई योजनाएं शामिल हैं. इससे न केवल बिजली पैदा होगी, बल्कि नालों में कचरा गिरने से भी रुकेगा. बजट पेश करते हुए सीएम ने तंज करते हुए बजट पेश करते हुए कहा, “पिछली सरकारों की वोट बैंक की राजनीति ने दिल्ली के राजस्व को नुकसान पहुंचाया, लेकिन हमारी ‘ट्रिपल इंजन’ सरकार अब दिल्ली को विकास की नई ऊंचाइयों पर ले जा रही है.

शिक्षा पर रिकॉर्ड बजट आवंटन

दिल्ली सरकार ने शिक्षा के लिए 19,148 करोड़ रुपए का बजट प्रस्तावित किया है. नए स्कूल भवनों के निर्माण के लिए 200 करोड़ रुपए और मौजूदा स्कूलों के विस्तार के लिए 275 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं. इसके साथ ही सभी सरकारी स्कूलों में मेडिकल रूम स्थापित करने की योजना भी शामिल है, जिससे छात्रों को प्राथमिक स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें.

छात्रों के लिए नई सुविधाएं और प्रोत्साहन

कक्षा 9वीं में पढ़ने वाले लगभग 1.30 लाख छात्रों को मुफ्त साइकिल देने का ऐलान किया गया है, जिससे उनकी स्कूल तक पहुंच आसान होगी. इस योजना के लिए 90 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है. वहीं, 10वीं पास मेधावी छात्रों को लैपटॉप देने की योजना भी लाई गई है, जिसके लिए 10 करोड़ रुपए निर्धारित किए गए हैं.

स्मार्ट क्लास और डिजिटल शिक्षा पर जोरसरकार ने डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देते हुए 2026-27 में 8777 नई स्मार्ट क्लास स्थापित करने का लक्ष्य रखा है. पहले से 7000 कक्षाओं में स्मार्ट बोर्ड लगाए जा चुके हैं और भविष्य में इसे 21000 तक बढ़ाने की योजना है. इस पहल के लिए 150 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं.

खेल और हॉस्टल सुविधाओं का विस्तार

छात्रों के शारीरिक विकास को ध्यान में रखते हुए स्पोर्ट्स हॉस्टल, खेल मैदान और स्विमिंग पूल के लिए 50 करोड़ रुपए का बजट रखा गया है. साथ ही सरकारी स्टेडियमों में रिहैबिलिटेशन सेंटर स्थापित करने की योजना भी बनाई गई है. आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डाटा एनालिसिस, एक्सचेंज प्रोग्राम और एक्सपोजर विजिट जैसी योजनाओं के माध्यम से छात्रों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तैयार करने का लक्ष्य है. इन योजनाओं के लिए 18.5 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है.

तकनीकी शिक्षा और ITI संस्थानों का विस्तार

तकनीकी शिक्षा के लिए 720 करोड़ रुपए का बजट रखा गया है. शाहदरा, पूसा और जेल रोड स्थित ITI संस्थानों में इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार किया जाएगा. जीबी पंत इंजीनियरिंग कॉलेज और पॉलिटेक्निक संस्थानों के नए भवनों के निर्माण के लिए 100 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है. इसके अलावा ITI जहांगीरपुरी, धीरपुर, शाहदरा, नरेला और नंद नगरी में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित किए जाएंगे. नरेला में ‘EduCity’ विकसित करने की योजना है, जहां उच्च शिक्षा और रिसर्च को बढ़ावा मिलेगा. अंबेडकर विश्वविद्यालय का विस्तार और खेल विश्वविद्यालय के स्थायी परिसर का निर्माण भी प्रस्तावित है. नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी के लिए 10 करोड़ रुपए का आवंटन किया गया है.

युवाओं के लिए टैलेंट हंट और सैनिक स्कूल

दिल्ली सरकार “टैलेंट हंट स्कीम” शुरू करने जा रही है, जिसमें 70 विधानसभा क्षेत्रों के युवा भाग ले सकेंगे. इसके लिए 10 करोड़ रुपए निर्धारित किए गए हैं. साथ ही युवाओं में अनुशासन और नेतृत्व क्षमता विकसित करने के लिए दिल्ली में एक सैनिक स्कूल स्थापित करने की योजना है.छात्रों को समान शैक्षणिक संसाधन उपलब्ध कराने के लिए कॉमन लाइब्रेरी इंफ्रास्ट्रक्चर और डिजिटल लाइब्रेरी सिस्टम विकसित किया जाएगा, जिससे हर छात्र को बेहतर पढ़ाई का अवसर मिल सके.दिल्ली सरकार प्राइवेट प्ले स्कूल पॉलिसी और प्राइवेट स्पोर्ट्स अकैडमी पॉलिसी भी लाने जा रही है. इससे सरकारी स्कूलों के छात्रों को बेहतर खेल सुविधाएं और एक्सपोजर मिलेगा साथ ही निजी क्षेत्र को भी नई संभावनाएं मिलेंगी.

 

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