
संवाददाता
नई दिल्ली । ईरान-अमेरिका-इजरायल के बीच का युद्ध थमने का नाम नहीं ले रहा है. युद्ध की वजह से ग्लोबल इकोनॉमी को झटका लग रहा है. युद्ध के चलते भारत में महंगाई का बम फूटा है. सिलेंडर से लेकर पेट्रोल-डीजल की कीमतें बढ़ गई है. अब फ्लाइट्स किराया भी बढ़ने जा रहा है. धीरे-धीरे कर स्थिति नियंत्रण से बाहर हो रही है. स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का रास्ता बंद होने की वजह से ग्लोबल सप्लाई चेन टूटने से कच्चे तेल और गैस की कीमतों में बेतहाशा बढ़ोतरी हो रही है. कच्चे तेल के दाम दोगुने हो गए हैं. अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड ऑयल (Brent Crude) लगभग $116 प्रति बैरल के आसपास कारोबार कर रहा है, जो अपनी पूर्व कीमत से दोगुना है. इस बीच भारत में तेल से लेकर सिलेंडर की कीमतें बढ़ चुकी हैं. 23 मार्च से सिलेंडर पर नया नियम लागू होने जा रहा है.
23 मार्च से सिलेंडर पर नया नियम
युद्ध की वजह से गैस आपूर्ति में बाधा आने के बाद सरकार ने घरेलू सिलेंडर की कीमतों में 60 रुपये और कमर्शियल सिलेंडर के दाम 115 रुपये बढ़ा दिए. गैस संकट के बीच ECA एक्ट लागू कर दिया गया. घरेलू सप्लाई को जारी रखने के लिए कमर्शियल सिलेंडरों की आपूर्ति रोक दी गई, जिससे होटल,ढाबा, रेस्टोरेंट पर संकट मंडराने लगा. अब केंद्र सरकार ने राज्यों को कमर्शियल LPG का अतिरिक्त 20 प्रतिशत आवंटन करने की अनुमति दी है. 23 मार्च 2026 से नया नियम लागू होगा. इस नियम से कुल सप्लाई प्री-क्राइसिस स्तर के 50 प्रतिशत तक पहुंच गई है. यह अतिरिक्त सप्लाई मुख्य रूप से रेस्टोरेंट, ढाबा, होटल और अन्य कमर्शियल और इंडस्ट्रियल सेक्टर के लिए होगी.
23 मार्च से बढ़ सकता है किराया
एक तरफ जहां सिलेंडरों की सप्लाई बढ़ाकर सरकार ने रेस्टोरेंट, होटल मालिकों को राहत ही है तो वहीं 23 मार्चे से हवाई सफर करने वालों को बड़ा झटका लग सकता है. अब एयरलाइन कंपनियां घरेलू फ्लाइट्स का किराया सीटों की मांग की हिसाब से बढ़ा सकेंगी. सिविल एविएशन मिनिस्ट्री ने हवाई किराए पर लगी रोक को हटा दी है, जिसके बाद23 मार्च से एयरलाइंस किराए में बढ़ोतरी कर सकती है. ईंधन पर बढ़ते खर्च की वजह से एयरलाइंस कंपनियों की लागत बढ़ रही है. सरकार ने इसे हटा दिया है. सरकार ने बीते साल दिसंबर में इस पर कैपिंग लगा दी थी. ये रोक ऐसे वक्त में हटाई गई है जब ग्लोबल मार्केट में तेल की कीमतें बढ़ रही है. वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों की वजह से विमान में इस्तेमाल होने वाले ATF का भाव बढ़ रहा है. हर महीने को ATF के रेट्स तय होते हैं. ऐसे में 1 अप्रैल से इसका असर दिख सकता है. वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में तेजी सीधे तौर पर ATF की दरें बढ़ा देता है, जिसका असर एयरलाइंस के किरए पर पड़ता है. सरकार ने अब टिकट से कैंपिंग हटा दी है.
इन पेट्रोल-डीजल के बढ़े दाम
तेल मार्केटिंग कंपनियों ने शुक्रवार को अपने प्रीमियम पावर पेट्रोल की कीमत में 2.09 से 2.35 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी कर दी. पेट्रोल के साथ-साथ इंडस्ट्रियल या बल्क डीजल में 22 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई. रेट बढ़ाए जाने के बाद दिल्ली में 95 ऑक्टेन वाले प्रीमियम पेट्रोल के दाम 101.89 रुपये प्रति लीटर और इंडस्ट्रियल डीजल की कीमत 109.59 रुपये प्रति लीटर पर पहुंच गई है.
क्या नॉर्मल पेट्रोल-डीजल के दाम भी बढ़े
फिलहाल प्रीमियम पेट्रोल-डीजल के दाम में यह बढ़ोतरी की गई है. आम आदमी पर इसका असर नहीं होगा. प्रीमियम पेट्रोल का कुल खपत में हिस्सा केवल 2 से 4 प्रतिशत का है, इसलिए फिलहाल आम आदमी इस महंगाई की चोट से बाहर है. ईरान युद्ध और स्ट्रेट ऑफ हॉरमुज़ में बढ़ते जोखिम के चलते तेल का आयात महंगा हो रहा है. साल 2010 और 2014 में डी-रेगुलेशन के बाद से तेल की कीमतें तय करने का अधिकार तेल कंपनियों के पास पहुंच गया. कंपनियां तेल की कीमतों में बढ़ोतरी तक अपने नुकसान की भरपाई करती है. अगर वैश्विक बाजार में कच्चे तेल कीमत इसी तरह से बढ़ते रहे तो तेल कंपनियों को मजबूरी में पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ाने होंगे. फिलहाल इन कीमतों का दवाब तेल कंपनियां झेल रही है, लेकिन वो बहुत दिनों तक इस दवाब को नहीं सह पाएंगी. ऐसे में उसे पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ाने पड़ सकते हैं.
क्या है आज पेट्रोल-डीजल के दाम
दिल्ली में पेट्रोल 94.77 रुपये, डीजल 87.67 रुपये
मुंबई में पेट्रोल 103.54रुपये, डीजल 92.15 रुपये
कोलकाता में पेट्रोल 103.94 रुपये, डीजल 90.76 रुपये
चेन्नई में पेट्रोल 100.75 रुपये, डीजल 92.34 रुपये



