
संवाददाता
नई दिल्ली। दिल्ली में एलपीजी से जुड़ी समस्याओं से निपटने के लिए एनडीएमसी ने बड़ा निर्णय लिया है। उसने कनॉट प्लेस समेत पूरे एनडीएमसी क्षेत्र में पीएनजी पाइपलाइन की खुदाई के लिए सड़क बहाली शुल्क माफ करने का निर्णय लिया है।
हाल ही में एनडीएमसी ने 20 वर्ष के उहापोह के बाद इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड (आईजीएल) को कनॉट प्लेस में पीएनजी पाइपलाइन बिछाने की आखिरकार मंजूरी दे दी है, जिससे वहां के 200 से अधिक रेस्तरां व भोजनालयों को सीधे लाभ पहुंचेगा।
20 साल बाद मिली मंजूरी
इस संबंध में एनडीएमसी के एक अधिकारी ने बताया कि वर्तमान स्थिति और व्यापक जनहित को देखते हुए एनडीएमसी ने एक सर्कुलर जारी किया है, ताकि आईजीएल द्वारा पालिका परिषद के अधिकार क्षेत्र में पीएनजी कनेक्शनों का तेजी से विस्तार किया जा सके।
अधिकारी के अनुसार, इस निर्णय का मकसद पाइपलाइन के कामों को तेजी से पूरा करना है, ताकि निवासियों और संस्थानों को बिना किसी अनावश्यक देरी के पीएनजी कनेक्शन मिल सकें।

तीन महीने तक नहीं लगेगा सड़क बहाली शुल्क
एनडीएमसी द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार, पीएनजी कनेक्शनों के लिए आईजीएल पाइपलाइन बिछाने पर लगने वाला सड़क बहाली शुल्क सर्कुलर जारी होने की तारीख से तीन महीने की अवधि के लिए माफ कर दिया गया है।
यह कदम बुनियादी ढांचे के विकास की गति को तेज करने और उपभोक्ताओं के बीच स्वच्छ और अधिक सुविधाजनक ईंधन के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए उठाया गया है।
24 घंटे में मिलेगी सड़क काटने की अनुमति
एनडीएमसी ने आगे निर्देश दिया है कि आईजीएल पाइपलाइन बिछाने से संबंधित सड़क काटने की अनुमति पूरा अनुरोध मिलने के 24 घंटे के भीतर दे दी जाएगी। साथ ही काम तुरंत शुरू करने के निर्देश भी दिए जाएंगे।
इस कदम का मकसद प्रक्रियात्मक देरी को दूर करना और विभागों के बीच सुचारू समन्वय सुनिश्चित करना है।
काम के बाद तुरंत होगी सड़क की बहाली
साथ ही आईजीएल को निर्देश दिया गया है कि वह पर्याप्त जनशक्ति और संसाधनों को तैनात करके प्राथमिकता के आधार पर काम करें और यह सुनिश्चित करें कि खोदे गए सभी हिस्सों को बिना किसी देरी के ठीक से भर दिया जाए और सुरक्षित कर दिया जाए, ताकि जनता को कोई असुविधा न हो।
इस क्रम में संबंधित सड़क डिवीजनों को भी निर्देश दिया गया है कि वे प्रभावित सड़क हिस्सों की बहाली प्राथमिकता के आधार पर और निश्चित समय सीमा के भीतर करें, ताकि यातायात में रुकावट और आम जनता को होने वाली असुविधा कम से कम हो।
सर्कुलर में सभी संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देशित किया गया है कि वे इन निर्देशों का तत्काल प्रभाव से कड़ाई से पालन सुनिश्चित करें।



