
संवाददाता
नई दिल्ली । आज चैत्र नवरात्र का पहला दिन है और पहले दिन मां शैलपुत्री की पूजा की जाती है. वहीं आज कालकाजी मंदिर में सुबह 5:00 बजे माता कालका की आरती की गई. इसके बाद भक्तों के दर्शन के लिए माता का द्वार खोल दिया गया है. चैत्र नवरात्रि के पहले दिन मां शैलपुत्री की पूजा की जाती है. इन्हें माता पार्वती (हिमालय की पुत्री) के नाम से भी जाना जाता है और ये स्थिरता व शक्ति का प्रतीक हैं, इस दिन घटस्थापना (कलश स्थापना) के साथ माता की पूजा की जाती है और गाय के घी का भोग लगाना शुभ माना जाता है.
नवरात्र के अवसर पर कालकाजी मंदिर में 9 दिन विशेष तैयारी की जाती है. इस दौरान माता कालका की आरती सुबह 5:00 बजे किए जाने के बाद भक्तों के लिए मां कालका का द्वार खोल दिया जाता है. नवरात्रि के दौरान दिल्ली के कालकाजी मंदिर में माता कालका की विशेष आरती (संध्या आरती) शाम 8:30 बजे से 9:00 बजे के बीच होती है, जिसमें भारी भीड़ उमड़ती है. इस दौरान मां का भव्य श्रृंगार किया जाता है.
आज नवरात्रि का पहला दिन, मां शैलपुत्री को होती है पूजा
इस साल चैत्र नवरात्र 19 मार्च से लेकर 27 मार्च तक रहेंगे. नवरात्र में मां दुर्गा के नौ अलग-अलग स्वरूपों की पूजा का विधान है. इसकी शुरुआत चैत्र शुक्ल प्रतिपदा तिथि पर घटस्थापना के साथ होती है. इस दिन कलश स्थापना के बाद ही लोग उपवास और देवी की विधिवत पूजा आरंभ करते हैं. घर में पूरे नौ दिन सात्विकता और शुद्धि का ख्याल रखा जाता है. फिर अष्टमी और नवमी तिथि पर कन्या पूजन के बाद पारण किया जाता है.

कालकाजी मंदिर में कड़ी सुरक्षा
नवरात्रि के दौरान पूरे दिन माता कालका के दर्शन करने के लिए भक्तों की लंबी लाइन लगती है और इस दौरान बड़े संख्या में दिल्ली पुलिस के जवान और मंदिर के वॉलिंटियर्स श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए तैनात मंदिर में किए जाते हैं.
नवरात्र के पहले दिन सुबह से ही श्रद्धालु माता कालका के दर्शन करने के लिए कालकाजी मंदिर पहुंच रहे हैं दर्शन करने पहुंचे श्रद्धालु बताते हैं कि माता के दर्शन बहुत अच्छे से हो रहे हैं. खुले दर्शन हो रहे हैं कोई भीड़ नहीं है. प्रशासन की अच्छी व्यवस्था है. वहीं बबीता बताती हैं कि वह नवरात्र पर माता कालका के दर्शन करने पहुंची है दर्शन बहुत अच्छे से हुए हैं, अच्छा लग रहा है मन को शांति मिल रही है. वहीं पंजाब से पहुंचे काशी ने बताया कि मैं माता कालका का दर्शन करने के लिए नवरात्र में दिल्ली आया हूं और आज माता कालका का दर्शन कर मुझे बहुत अच्छा लगा यहां का पुलिस प्रशासन भी बहुत अच्छा है. बहुत हेल्प कर रहे हैं और माता में हमें आस्था है इसलिए हम इतनी दूर से चलकर माता कालका के दर्शन कर रहे हैं. वहीं अरविंदर सिंह ने बताया कि मैं दिल्ली का ही हूं लेकिन नवरात्र में माता कालका के दर्शन करना नहीं भूलता हूं और आज मैं माता कालका के दर्शन करने के लिए आया हूं अच्छा लग रहा है यहां पर पुलिस प्रशासन की अच्छी व्यवस्था है माता के बहुत अच्छे से दर्शन हो रहे हैं.

झंडेवालान मंदिर में भक्तों की भारी भीड़
झंडेवालन मंदिर में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़
झंडेवालन देवी मंदिर में सुबह 4:30 बजे आरती शुरू हो जाती है देर रात 9:30 बजे तक यह मंदिर खुला रहता है. चैत्र नवरात्र के पहले दिन सुबह से ही मंदिर में रौनक देखने को मिली. जय माता दी के नारों से मंदिर प्रांगण गूंज उठा है. दिल्ली के करोल बाग स्थित झंडेवालन देवी मंदिर की साज सजावट बेहद ही खूबसूरत तरीके से की गई है. चारों तरफ रंग बिरंगी लाइट और फूलों से माता के दरबार को सजाया गया है. इतना ही नहीं मंदिर के आसपास पूरे एरिया को रंग बिरंगी लाइटों से सजाया गया है. सुरक्षा को लेकर मंदिरों में अतिरिक्त सेवादारों को लगाया गया. इसके अलावा दिल्ली पुलिस के जवान भी मंदिर परिसर के बाहर तैनात है.

मंदिर के भीतर सुंदर साज सज्जा
नवरात्रि के पहले दिन मां शैलपुत्री की पूजा, जानिए पूजा विधि
नवरात्र पर व्रत रखने वाले श्रद्धालु नवरात्रि के पहले दिन ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करें और स्वच्छ कपड़े पहनें. चौकी को गंगाजल से शुद्ध करके उस पर मां शैलपुत्री की प्रतिमा स्थापित करें. इसके बाद मां को सिंदूर, अक्षत और सफेद या लाल फूल अर्पित करें. विधिपूर्वक कलश की स्थापना करें और घी का दीपक जलाएं. इसके बाद कपूर या घी के दीपक से मां शैलपुत्री की आरती उतारें. इसके बाद पूजा में हुई गलती के लिए मां से क्षमा याचना करें. पूजा के बाद पूजा के बाद दुर्गा स्तुति या दुर्गा सप्तशती का पाठ करें.



