
संवाददाता
नई दिल्ली। ईरान पर अमेरिका और इजरायल की संयुक्त सैन्य कार्रवाई के बाद भारत में गृह मंत्रालय (MHA) ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को संभावित हिंसा, छिटपुट विरोध प्रदर्शन और आतंकी गतिविधियों को लेकर सतर्क रहने की चेतावनी जारी की है। मंत्रालय ने पत्र जारी कर कहा है कि ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद देश के कई हिस्सों में विरोध प्रदर्शन हुए हैं, जिनमें आगे और उग्रता आने की आशंका है।
देशभर में प्रदर्शन: कट्टर प्रचारकों और सोशल मीडिया पर सख्त नजर
गृह मंत्रालय के अनुसार, उत्तर प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, कर्नाटक और दिल्ली समेत कई राज्यों में शिया समुदाय के लोगों ने सड़कों पर उतरकर अमेरिका और इजरायल के खिलाफ प्रदर्शन किए। इसको देखते हुए मंत्रालय ने राज्यों के मुख्य सचिवों और पुलिस महानिदेशकों को पत्र भेजकर ईरान, अमेरिका और इजरायल के दूतावासों और वाणिज्य दूतावासों के आसपास सुरक्षा कड़ी करने के निर्देश दिए हैं।
साथ ही इन देशों से जुड़े प्रतिष्ठानों, प्रतिनिधिमंडलों और उनके कर्मचारियों की सुरक्षा बढ़ाने को कहा गया है। मंत्रालय ने राज्यों से कहा है कि वे ऐसे कट्टरपंथी प्रचारकों की पहचान करें जो भड़काऊ भाषण देकर हिंसा के लिए उकसा सकते हैं।
इसके अलावा प्रो-ईरान कट्टरपंथी संगठनों, वैश्विक आतंकी संगठनों जैसे ISIS और अल-कायदा से जुड़े सोशल मीडिया हैंडल्स पर भी कड़ी निगरानी रखने को कहा गया है। छात्र संगठनों और सामाजिक-राजनीतिक समूहों की गतिविधियों पर भी नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं ताकि किसी भी तरह की अफवाह, उकसावे या हिंसक योजना को समय रहते रोका जा सके।
संभावित आतंकी खतरे और सुरक्षा इंतजामों को मजबूत करने के निर्देश
गृह मंत्रालय ने चेताया है कि अमेरिका और इजरायल के दूतावास, उनके कर्मचारी, कारोबारी प्रतिष्ठान, रिसॉर्ट्स, पर्यटक स्थल, यहूदी समुदाय केंद्र, सिनेगॉग, चाबाद हाउस और कोषेर दुकानों जैसे स्थान संभावित निशाने पर हो सकते हैं।
इसी तरह ईरान के दूतावास और सांस्कृतिक केंद्रों पर भी खतरा बना रह सकता है। मंत्रालय ने संवेदनशील इलाकों में CCTV कवरेज बढ़ाने, IED और विस्फोटक पदार्थों की जाँच करने तथा अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात करने के निर्देश दिए हैं, ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके और देश में शांति व कानून-व्यवस्था बनाए रखी जा सके।



