
संवाददाता
नई दिल्ली। दिल्ली के पटियाला हाउस कोर्ट ने भारत मंडपम में एआई समिट में 20 फरवरी को शर्टलेस प्रदर्शन करने के मामले में यूथ कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु चिब को जमानत दे दी है. ड्यूटी मजिस्ट्रेट ने चिब को 50 हजार रुपये के मुचलके पर जमानत देने का आदेश दिया.
चिब को जमानत पर रिहा करने का आदेश
कोर्ट ने चिब को अपना पासपोर्ट सरेंडर करने और अपने इलेक्ट्रॉनिक गजट जमा करने का निर्देश दिया है. पुलिस हिरासत खत्म होने के बाद दिल्ली पुलिस ने कल देर रात चिब को ड्यूटी मजिस्ट्रेट के आवास पर पेश किया और चिब की सात दिनों की हिरासत की मांग की. चिब की ओर से भी जमानत याचिका दायर की गई. उसके बाद कोर्ट ने चिब को जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया.
यूथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं को पांच दिनों की पुलिस हिरासत
इसके पहले 24 फरवरी को कोर्ट ने चिब को चार दिनों की पुलिस हिरासत में भेजा था. दिल्ली पुलिस के मुताबिक चिब ने इस प्रदर्शन की साजिश रची और प्रदर्शन करने वालों को लॉजिस्टिक्स उपलब्ध कराए. इसके पहले 21 फरवरी को कोर्ट ने चार यूथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं पांच दिनों की पुलिस हिरासत में भेज दिया था. चारों आरोपियों को 20 फरवरी को दोपहर में प्रगति मैदान के भारत मंडपम में प्रदर्शन करते हुए गिरफ्तार किया गया था. दिल्ली पुलिस ने जिन चार यूथ कांग्रेस प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार किया था, उनमें कृष्णा हरि, कुंदन यादव , अजय कुमार और नरसिम्हा यादव शामिल हैं.
टीशर्ट उतार कर प्रदर्शन
दिल्ली पुलिस के मुताबिक इनकी गिरफ्तारी के पहले पुलिस से हाथापाई भी हुई जिसमें तीन पुलिसकर्मी घायल हो गए थे. दिल्ली पुलिस के मुताबिक इन प्रदर्शनकारियों ने पहले तो काला छाता और छपे हए स्टिकर लेकर एआई समिट के स्थल पर प्रवेश करने की योजना बनाई थी. लेकिन पकड़े जाने के डर से इन प्रदर्शनकारियों ने अपनी योजना में बदलाव किया और टीशर्ट पहनकर आए जिसमें प्रिंटेड मैसेज था. टीशर्ट के ऊपर इन प्रदर्शनकारियों ने स्वेटर और जैकेट पहन रखे थे. बाद में भारत मंडपम के हॉल नंबर पांच पहुंचकर ये प्रदर्शनकारी टीशर्ट उतार कर उसे हवा में लहराने लगे.
बता दें कि इस मामले में कोर्ट ने 27 फरवरी को यूथ कांग्रेस के महासचिव निगम भंडारी को 24 मार्च तक की अंतरिम जमानत दे दी थी. 26 फरवरी को कोर्ट ने इस प्रदर्शन के मामले में हिमाचल प्रदेश से गिरफ्तार तीन यूथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं सौरभ, अरबाज और सिद्धार्थ को तीन दिनों की पुलिस हिरासत में भेजने का आदेश दिया था.



