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यूपी विधानसभा में पेश हुआ आर्थिक सर्वे, प्रदेश की GDP 30 लाख करोड़ के पार

संवाददाता

लखनऊ । उत्तर प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र के दौरान पहली बार वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने आर्थिक सर्वे पेश किया. रिपोर्ट के अनुसार यूपी की अर्थव्यवस्था तेज गति से आगे बढ़ रही है. वित्त मंत्री ने बताया कि प्रदेश का GDP 30 लाख करोड़ से अधिक का हो चुका है. यही नहीं अगले वित्तीय वर्ष में यह 36 लाख करोड़ के पार होगा. बता दें कि इससे पहले राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के अभिभाषण के दौरान समाजवादी पार्टी का जोरदार हंगामा किया. हंगामे के बीच राज्यपाल ने अभिभाषण पूरा किया और फिर आर्थिक सर्वेक्षण के बाद सदन को स्थगित कर दिया गया. समाजवादी पार्टी SIR, अहिल्याबाई होलकर की प्रतिमा व तमाम मुद्दे को लेकर हंगामा कर रहे थे. समाजवादी पार्टी के विधायक ‘गवर्नर मैडम गो बैक गो बैक’ के नारे लगा रहे थे.

उत्तर प्रदेश विधानसभा का बजट सत्र सोमवार से शुरू हुआ. यह सत्र 9 फरवरी से 20 फरवरी तक चलेगा, जिसमें योगी सरकार वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए अपना बजट पेश करेगी. विधानसभा सचिवालय द्वारा बजट सत्र का कार्यक्रम जारी कर दिया है. योगी सरकार 2.0 का आखिरी बजट 11 फरवारो को पेश किया जाएगा.

आज संसदीय कार्य एवं वित्त मंत्री सुरेश खन्ना आर्थिक सर्वेक्षण सदन में पेश करेंगे. आज सदन में 11 विधेयकों को मंजूरी के लिए रखा जाएगा. विधानसभा बजट सत्र हंगामेदार रहने के आसार. विपक्ष सरकार को एसआईआर, कानून व्यवस्था और अमेरिका के साथ हो रही ट्रेड डील के मामलों पर घेरने की तैयारी में.

पोस्टर लेकर पहुंचे सपा विधायक

बजट सत्र के पहले दिन समाजवादी पार्टी के एमएलसी आशुतोष सिन्हा साइकिल पर सवार होकर विधानसभा पहुंचे. उन्होंने एक पोस्टर ले रखा था, जिसमें लिखा गया था कि राजमाता अहिल्याबाई का अपमान हिंदुस्तान नहीं सहेगा. साथ ही उन्होंने अपने पोस्टर में मणिकर्णिका घाट पर हुई कार्रवाई को लेकर अपना विरोध दर्शाया था. आशुतोष सिन्हा ने कहा है कि इस पूरे मामले को सड़क से लेकर सदन तक उठाएंगे.

बजट के नाम पर दिखावा

उत्तर प्रदेश विधानसभा बजट सत्र के पहले दिन कांग्रेस विधानमंडल दल की नेता आराधना मिश्रा मोना ने कहा सरकार बजट के नाम पर दिखावा करती है. रकम बढ़ा देने से बजट बड़ा कर देने से प्रदेश का विकास नहीं होगा. बजट का सदुपयोग होना चाहिए. संघ प्रमुख मोहन भागवत के द्वारा सावरकर को भारत रत्न देने की मांग पर आराधना मिश्रा मोना ने कहा भारत रत्न की शोभा पहले से ही बड़ी है. किसी के सर्टिफिकेट की जरूरत नहीं है.

सपा सरकार को घेरने की तैयारी में

विधानसभा सत्र के चलते सुरक्षा और ट्रैफिक मैनेजमेंट के पुख़्ता इंतज़ाम किए गए हैं. सुरक्षा के लिए विधानसभा और आसपास के इलाके को 10 सेक्टर में बांटा गया है. एक हजार पुलिसकर्मी, 6 कंपनी पीएसी और आरआरएफ की तैनाती की गई है. आज से शुरू हो रहे उत्तर प्रदेश के बजट सत्र के लिये सपा ने तय की सदन की रणनीति. बजट सत्र में सरकार को घेरने की सपा की रणनीति. महंगाई, बेरोजगारी, SIR, एनकाउंटर, बुलडोज़र करवाई, कानून व्यवस्था, किसानो की समस्याओ पर सरकार से सपा करेगी सवाल. आज 10:00 बजे से चौधरी चरण सिंह की प्रतिमा पर सपा विधायकों का प्रदर्शन.

बजट सत्र का पूरा कार्यक्रम

9 फरवरी सुबह 11 बजे सत्र की शुरुआत होगी. दोपहर 12:30 बजे राज्यपाल आनंदीबेन पटेल का अभिभाषण होगा. इसके बाद सदन के पटल पर विभिन्न अध्यादेश, अधिसूचनाएं और अन्य औपचारिक दस्तावेज रखे जाएंगे. 10 फरवरी को सदन में वर्तमान और पूर्व सदस्यों के निधन पर शोक प्रस्ताव पारित किया जाएगा और श्रद्धांजलि अर्पित की जाएगी. 11 फरवरी को वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना द्वारा वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट पेश किया जाएगा. साथ ही राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा शुरू होगी. 12 फरवरी और 13 फरवरी: राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव की आगे चर्चा होगी. 13 फरवरी को चर्चा समाप्त होने के बाद प्रस्ताव पारित किया जाएगा. 16 फरवरी से 18 फरवरी: बजट पर सामान्य चर्चा होगी, जिसमें विधायक राज्य की आर्थिक स्थिति, विकास योजनाओं और विभिन्न क्षेत्रों में प्रस्तावित प्रावधानों पर अपनी राय रखेंगे.19 फरवरी: बजट की अनुदान मांगों पर विस्तृत विचार-विमर्श और मतदान होगा. 20 फरवरी: बजट पर अंतिम चर्चा के साथ मतदान और सत्र का समापन.

अखिलेश सरकार से तीन गुना ज्यादा बड़ा बजट

चुनावी वर्ष होने की वजह से सरकार विकास के साथ ही लोक लुभावन बजट पेश कर सकती है, ताकि सत्ता की हैट्रिक लगाई जा सके. बताया जा रहा है कि सरकार करीब आठ लाख करोड़ से अधिक का बजट पेश कर सकती है. यह अखिलेश सरकार से तीन गुना ज्यादा है.

सत्र से पहले सर्वदलीय बैठक

यह 12 दिवसीय सत्र राज्य के लिए काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इसमें सरकार विकास, बुनियादी ढांचे, कृषि, शिक्षा, स्वास्थ्य और युवा रोजगार जैसी प्राथमिकताओं पर फोकस कर सकती है. पिछले वर्षों की तरह इस बार भी बजट का आकार बड़ा होने की उम्मीद है, जिसमें विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं को मजबूती मिल सकती है. सत्र से पहले विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने सर्वदलीय बैठक में सभी दलों से सदन की गरिमापूर्ण कार्यवाही सुनिश्चित करने की अपील की है. विपक्ष भी सरकार की नीतियों पर सवाल उठाने और जनहित के मुद्दों को उठाने की तैयारी में जुटा है. यह बजट सत्र न केवल राज्य की वित्तीय रूपरेखा तय करेगा, बल्कि आगामी समय में उत्तर प्रदेश के विकास की दिशा भी निर्धारित करने में अहम भूमिका निभाएगा. सभी की निगाहें 11 फरवरी को पेश होने वाले बजट पर टिकी हैं, जो राज्य की प्रगति की नई कहानी लिख सकता है.

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