नई दिल्ली। केंद्रीय बजट में दिल्ली को मिलने वाली हिस्सेदारी को लेकर लंबे समय से राजनीतिक बहस जारी है.है इसी बीच पूर्वी दिल्ली से सांसद और केंद्र सरकार में राज्य मंत्री हर्ष मल्होत्रा ने एक प्रेस वार्ता कर बजट से जुड़े अहम तथ्यों को सार्वजनिक किया.
विपक्ष लगातार भ्रम फैलाने की कर रहा कोशिश- बीजेपी
हर्ष मल्होत्रा ने कहा कि विपक्ष लगातार यह भ्रम फैलाने की कोशिश कर रहा है कि केंद्र सरकार दिल्ली के साथ सौतेला व्यवहार कर रही है, जबकि सच्चाई इसके बिल्कुल उलट है. केंद्रीय बजट में दिल्ली को कुल 11,000 करोड़ रुपये विभिन्न क्षेत्रों में दिए गए हैं, जिससे राजधानी के बुनियादी ढांचे, पर्यावरण और नागरिक सुविधाओं को मजबूत किया जाएगा.
2027 तक गाजीपुर और ओखला लैंडफिल साइट को खत्म करने का लक्ष्य
उन्होंने दिल्ली की तीन बड़ी लैंडफिल साइट भलस्वा, गाजीपुर और ओखला का मुद्दा उठाते हुए कहा कि पिछली सरकार इन पहाड़ जैसे कचरे को खत्म करने में नाकाम रही थी,जबकि तब भी इसके लिए साढ़े 3,500 करोड़ रुपये का बजट दिया गया था इस बार भी केंद्र सरकार ने उतनी ही राशि आवंटित की है योजना के अनुसार भलस्वा लैंडफिल को 2026 तक समाप्त किया जाएगा, जबकि 2027 तक गाजीपुर और ओखला लैंडफिल साइट को पूरी तरह खत्म करने का लक्ष्य रखा गया है.
स्वच्छ पेयजल के लिए 400 करोड़ रुपये का विशेष पैकेज
दिल्ली में स्वच्छ पेयजल की समस्या पर बोलते हुए केंद्रीय मंत्री ने बताया कि बजट में 400 करोड़ रुपये विशेष रूप से इस उद्देश्य के लिए रखे गए हैं. इसके तहत चंदावल में नया वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट लगाया जाएगा, जिससे लाखों लोगों को साफ पानी मिल सकेगा. परिवहन और कनेक्टिविटी के क्षेत्र में भी दिल्ली को बड़ी सौगात मिली है.
विपक्ष लगातार भ्रम फैलाने की कर रहा कोशिश -बीजेपी
रेलवे नेटवर्क के नवीनीकरण के लिए 2,700 करोड़ रुपये
दिल्ली–वाराणसी कॉरिडोर और रेलवे नेटवर्क के नवीनीकरण के लिए 2,700 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं इसके अलावा दिल्ली के 13 प्रमुख रेलवे स्टेशनों के सौंदर्यीकरण, ढांचागत मजबूती और सुविधाओं के विस्तार के लिए 5,887 करोड़ रुपये दिए गए हैं.
प्रशासनिक ढांचा मजबूत करने के लिए 12,840 करोड़ रुपये
कानून-व्यवस्था को मजबूत करने के लिए दिल्ली पुलिस को भी केंद्र सरकार का बड़ा सहयोग मिला है. आईटी और अन्य आधुनिक व्यवस्थाओं को सशक्त बनाने के लिए दिल्ली पुलिस को 12,840 करोड़ रुपये का बजट दिया गया है.
स्वास्थ्य सेवाओं के बेहतरी के लिए 5,500 करोड़ रुपये
स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में भी केंद्र का योगदान जारी है. दिल्ली के एम्स (AIIMS) से जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए 5,500 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं.हर्ष मल्होत्रा ने कहा कि यह बजट साफ दिखाता है कि केंद्र सरकार दिल्ली के विकास के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और राजनीति से ऊपर उठकर राजधानी के हित में काम कर रही है.