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‘मोहब्बत की दुकान’ वाले कब्र खोदने की बात करते हैं- राज्यसभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का कांग्रेस पर तीखा हमला

संवाददाता

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को राज्यसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव का जवाब देते हुए विपक्षी दलों, खासकर कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। उनका भाषण तीखा और तंज से भरा था। उन्होंने कहा कि जो लोग ‘मोहब्बत की दुकान’ चलाने का दावा करते हैं, वे असल में उनकी ‘कब्र खोदने’ की बातें कर रहे हैं। प्रधानमंत्री ने साफ शब्दों में कहा कि विपक्ष की यह बौखलाहट इसलिए है क्योंकि वे इस बात को पचा नहीं पा रहे हैं कि एक गरीब का बेटा इतने समय से प्रधानमंत्री की कुर्सी पर कैसे बैठा है। प्रधानमंत्री मोदी ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि यह बयानबाजी इसलिए हो रही है क्योंकि गांधी परिवार को लगता है कि प्रधानमंत्री की कुर्सी उनकी पारिवारिक संपत्ति है।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस बात को पचा नहीं पा रही कि एक सामान्य परिवार से आया व्यक्ति इतने सालों तक देश की सेवा कैसे कर रहा है और लगातार जनता का भरोसा कैसे जीत रहा है। उन्होंने कहा कि मोहब्बत की दुकान से मोदी की कब्र खोदने जैसे नारे निकल रहे हैं। वे ऐसा इसलिए चाहते हैं क्योंकि मोदी ने धारा 370 की दीवार गिरा दी, नॉर्थ ईस्ट में शांति लाए और आतंकवाद पर निर्णायक प्रहार किया। पीएम ने मजाकिया लहजे में यह भी कहा कि जब लोग उनके स्वास्थ्य का राज पूछते हैं, तो वे बताते हैं कि वह रोज 2 किलो गाली खाते हैं, जो उन्हें ऊर्जा देती है। सदन में यह टिप्पणी आते ही सत्ता पक्ष की तरफ से ठहाके और मेज थपथपाने की आवाजें सुनाई दीं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि कांग्रेस ने दशकों तक सिर्फ ‘गरीबी हटाओ’ का खोखला नारा दिया, लेकिन उनकी सरकार ने पिछले 10 साल में 25 करोड़ लोगों को गरीबी से बाहर निकाला है। उन्होंने गिनाया कि कैसे उनकी सरकार ने बिना बिजली वाले 18 हजार गांवों को रोशन किया, मानवरहित रेलवे क्रॉसिंग खत्म की और करोड़ों गरीबों को पक्के घर, गैस, पानी और शौचालय की सुविधा दी। उन्होंने कहा कि करोड़ों लोगों का यही आशीर्वाद विपक्ष को चुभ रहा है।

धन्यवाद प्रस्ताव पर जवाब देते हुए उन्होंने कांग्रेस के समय की ‘फोन बैंकिंग’ पर तंज कसा। उन्होंने कहा कि पहले नेताओं के फोन पर चहेतों को लोन मिलते थे जिससे एनपीए का पहाड़ खड़ा हो गया था। पीएम मोदी ने दावा किया कि आज बैंकिंग सेक्टर स्वस्थ है और एनपीए एक प्रतिशत से भी कम है। उन्होंने एलआईसी और एसबीआई जैसी सरकारी कंपनियों के बारे में कहा कि जिन्हें कांग्रेस ने बर्बाद होने के कगार पर छोड़ दिया था, वे आज रिकॉर्ड मुनाफा कमा रही हैं और युवाओं के लिए रोजगार पैदा कर रही हैं।

पीएम मोदी ने पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के एक पुराने किस्से का जिक्र करते हुए कांग्रेस की कार्यशैली पर सवाल उठाए। उन्होंने बताया कि कैसे उस दौर में पॉलिसी न होने के कारण खच्चरों की जगह जीप के लिए पैसे दिए जाते थे, जबकि सड़कें ही नहीं थीं। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने इस ‘अटकाने-लटकाने’ वाले कल्चर को खत्म कर ‘नीति आयोग’ और ‘प्रगति’ प्लेटफॉर्म बनाया। उन्होंने बताया कि ‘प्रगति’ के माध्यम से 85 लाख करोड़ रुपये के अटके हुए प्रोजेक्ट्स को गति दी गई है, जिसमें बोगीबील ब्रिज और जम्मू-कश्मीर की रेल लाइन शामिल है।

प्रधानमंत्री मोदी ने नेहरू और इंदिरा गांधी के बयानों को कोट करते हुए कहा कि कांग्रेस हमेशा से देश की जनता को एक ‘समस्या’ मानती आई है। उन्होंने कहा कि नेहरू जी कहते थे कि उनके सामने 35 करोड़ समस्याएं हैं। लेकिन मेरी सोच अलग है। अगर देश की आबादी 140 करोड़ है, तो मेरे पास 140 करोड़ समाधान हैं। उन्होंने विपक्ष पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु, आदिवासी समाज, नॉर्थ ईस्ट के सांसदों और सिख समुदाय के अपमान का भी आरोप लगाया।

विपक्ष पर पलटवार करते हुए प्रधानमंत्री ने कुछ नेताओं पर तंज भी कसा। उन्होंने टीएमसी, डीएमके, लेफ्ट और आम आदमी पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि ये पार्टियां दशकों तक सत्ता में रहीं, लेकिन इनका एक ही लक्ष्य रहा अपनी जेब भरना। दिल्ली शराब घोटाले और ‘शीशमहल’ का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि कुछ लोग ‘काला दिन’ कहते नहीं थकते, लेकिन “ब्लैक” से उनका पुराना रिश्ता रहा है। इस पर भी सत्ता पक्ष में हल्की हंसी देखने को मिली। उन्होंने कहा कि ये लोग दूसरों को उपदेश देने से पहले अपने गिरेबान में झांकें।

भारत की वैश्विक स्थिति पर बोलते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि आज दुनिया एक नए ग्लोबल ऑर्डर की तरफ बढ़ रही है और भारत आत्मविश्वास के साथ उसमें अपनी भूमिका निभा रहा है। भारत आज ग्लोबल साउथ की आवाज बनकर उभरा है और बड़े-बड़े देशों के साथ फ्यूचर-रेडी ट्रेड डील्स कर रहा है। प्रधानमंत्री ने भारत के हाई ग्रोथ और लो इन्फ्लेशन का उदाहरण देते हुए कहा कि हम दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर बढ़ रहे हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि भारत का युवा टैलेंट और इनोवेशन आज दुनिया की चुनौतियों का समाधान दे रहा है।

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