
संवाददाता
नई दिल्ली । नई दिल्ली में रंगमंच प्रेमियों के लिए बड़ी खुशखबरी है. नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा (एनएसडी) द्वारा आयोजित भारत रंग महोत्सव 2026 की शुरुआत 27 जनवरी से हो चुकी है. यह महोत्सव 20 फरवरी तक चलता रहेगा, जिसमें हर दिन दर्शकों को थिएटर की अलग-अलग विधाओं और रंगों से रूबरू होने का मौका मिल रहा है. देश-विदेश के कलाकार इस मंच पर अपनी कला का प्रदर्शन कर रहे हैं. केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री श्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने मंगलवार शाम एनएसडी, मंडी हाउस, नई दिल्ली में भव्य उद्घाटन समारोह के साथ भारत रंग महोत्सव (BRM) 2026 के 25वें संस्करण का शुभारंभ किया.
भारत का सबसे बड़ा थिएटर फेस्टिवल
भारत रंग महोत्सव को देश का सबसे बड़ा और प्रतिष्ठित थिएटर फेस्टिवल माना जाता है. हर साल की तरह इस बार भी यह महोत्सव भारतीय रंगमंच की विविधता को सामने ला रहा है. नाटक, संगीत, लोक कला, प्रयोगधर्मी थिएटर और आधुनिक प्रस्तुतियों का अनोखा संगम यहां देखने को मिल रहा है. NSD परिसर और राजधानी के कई थिएटर स्थल दर्शकों से गुलजार हैं.
देश-विदेश की प्रस्तुतियों का मंच
इस साल भारत रंग महोत्सव में भारत के अलग-अलग राज्यों के साथ-साथ विदेशी थिएटर ग्रुप्स की प्रस्तुतियाँ भी शामिल हैं. अलग-अलग भाषाओं, बोलियों और संस्कृतियों में मंचित नाटक दर्शकों को एक वैश्विक अनुभव दे रहे हैं. सामाजिक मुद्दों, इतिहास, महिला सशक्तिकरण, मानवीय संवेदनाओं और समकालीन विषयों पर आधारित नाटक खास आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं.इसमें 228 भाषाओं और बोलियों में प्रदर्शन शामिल होंगे. चयनित नाटक विभिन्न थिएटर समूहों के 817 राष्ट्रीय और 34 अंतर्राष्ट्रीय आवेदनों के स्क्रीनिंग का परिणाम हैं. इसके अलावा महोत्सव में 19 विश्वविद्यालय प्रस्तुतियां और 14 स्थानीय प्रस्तुतियां भी प्रदर्शित की जाएंगी. खास बात यह है इस बार महिला निर्देशकों की 33 प्रस्तुतियों को प्रदर्शित किया जाएगा.
हर दिन कुछ नया, हर मंच पर अलग कहानी
महोत्सव की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यहां हर दिन अलग-अलग प्रस्तुतियाँ हो रही हैं. कहीं क्लासिकल नाटक हैं तो कहीं आधुनिक प्रयोग. कई नाटक ऐसे हैं जो समाज के हाशिए पर खड़े वर्गों की आवाज़ बनकर सामने आ रहे हैं.युवा कलाकारों के साथ-साथ अनुभवी रंगकर्मियों की प्रस्तुतियाँ भी दर्शकों को खूब पसंद आ रही हैं.
दर्शकों की भारी मौजूदगी
भारत रंग महोत्सव को लेकर दिल्ली के दर्शकों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है. छात्र, थिएटर प्रेमी, कलाकार और आम दर्शक बड़ी संख्या में नाटक देखने पहुंच रहे हैं.कई शो हाउसफुल चल रहे हैं, जिससे साफ है कि रंगमंच के प्रति लोगों की दिलचस्पी लगातार बढ़ रही है.
33 महिला निर्देशकों के नाटक शामिल
भारत रंग महोत्सव 2026 में समावेशिता की नई मिसाल देखने को मिल रही है. इस वर्ष 33 महिला निर्देशकों के नाटक महोत्सव का हिस्सा हैं. साथ ही पहली बार ट्रांसजेंडर समुदायों, महिला यौनकर्मियों, वरिष्ठ नागरिकों और अन्य कम प्रतिनिधित्व वाले सामाजिक वर्गों द्वारा भी थिएटर प्रस्तुतियाँ मंचित की जा रही हैं. भारंगम में किसी तरह का लैंगिक भेदभाव नहीं दिखता, जहां समान मंच और अवसर के साथ हर वर्ग की आवाज़ को जगह दी जा रही है.



