
संवाददाता
नई दिल्ली। शुक्रवार को सोना और चांदी की कीमतों में जोरदार गिरावट दर्ज की गई. बीते कुछ सत्रों से लगातार तूफानी तेजी के बाद कीमती धातुओं में मुनाफावसूली हावी हो गई, जिससे बाजार खुलते ही दाम क्रैश हो गए. सबसे ज्यादा असर चांदी की कीमतों में देखने को मिला, जबकि सोना भी एक झटके में काफी सस्ता हो गया.
चांदी की कीमत में ऐतिहासिक गिरावट
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर शुक्रवार को चांदी के दाम में करीब 24,000 रुपये प्रति किलोग्राम की भारी गिरावट आई. 5 मार्च एक्सपायरी वाली चांदी का वायदा भाव टूटकर 3,75,900 रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गया. इससे पहले गुरुवार को चांदी ने इतिहास रचते हुए पहली बार 4 लाख रुपये प्रति किलोग्राम का स्तर पार किया था और कारोबार के अंत में 3,99,893 रुपये पर बंद हुई थी.
गौरतलब है कि 29 जनवरी को चांदी ने 4,20,048 रुपये प्रति किलोग्राम का लाइफ टाइम हाई बनाया था. इस रिकॉर्ड स्तर से तुलना करें तो महज एक दिन में चांदी करीब 44,148 रुपये सस्ती हो गई, जिसे निवेशक बड़ी एकदिनी गिरावट के रूप में देख रहे हैं.
सोने के दाम भी लुढ़के
चांदी के साथ-साथ सोने की कीमतों में भी तेज गिरावट दर्ज की गई. एमसीएक्स पर 2 अप्रैल एक्सपायरी वाले सोने का वायदा भाव शुक्रवार को खुलते ही 8,862 रुपये टूट गया और यह 1,75,100 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया. गुरुवार को सोना 1,83,962 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था.
अगर सोने के रिकॉर्ड स्तर की बात करें, तो गुरुवार को ही सोने ने 1,93,096 रुपये प्रति 10 ग्राम का नया ऑल टाइम हाई छुआ था. इस स्तर से देखें तो शुक्रवार को सोना करीब 17,996 रुपये तक सस्ता हो चुका है.
गिरावट के पीछे क्या है वजह
विशेषज्ञों के अनुसार सोना और चांदी में आई इस तेज गिरावट की मुख्य वजह भारी मुनाफावसूली है. कीमती धातुओं के दाम बहुत तेजी से नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गए थे, जिसके बाद निवेशकों ने मुनाफा काटना शुरू कर दिया. इसी बिकवाली के दबाव ने कीमतों को अचानक नीचे धकेल दिया.
वैश्विक संकेतों का असर
इसके अलावा वैश्विक स्तर पर भी कुछ राहत भरे संकेत मिले हैं. टैरिफ को लेकर तनाव बरकरार रहने के बावजूद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान के साथ परमाणु समझौते पर बातचीत की पहल की खबरों से भू-राजनीतिक चिंता कुछ कम हुई है. इसका असर सुरक्षित निवेश माने जाने वाले सोना-चांदी पर पड़ा है.
बाजार जानकारों का मानना है कि निकट भविष्य में सोना और चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है. निवेशकों को जल्दबाजी से बचते हुए सतर्कता के साथ निवेश करने की सलाह दी जा रही है.



