संवाददाता
पुणे । महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम और एनसीपी नेता अजित पवार का बुधवार को बारामती में प्लेन क्रैश में निधन हो गया. आज गुरुवार 29 जनवरी 2026 को बारामती के कटेवाड़ी में राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया. जानकारी के मुताबिक सुबह 9 बजे के करीब उनकी अंतिम यात्रा शुरू हुई. बता दें, अजित पवार अगले महीने होने वाले स्थानीय निकाय चुनाव के लिए चुनाव प्रचार करने जा रहे थे. सुबह 8 बजकर 10 मिनट पर उन्होंने चार्टर प्लेन से उड़ान भरी और 8 बजकर 45 मिनट पर उनका प्लेन क्रैश हो गया. उनके साथ 5 लोगों की भी मौके पर ही मौत हो गई. सभी दिग्गजों ने अजित पवार के आसामयिक निधन पर शोक व्यक्त किया है. वहीं, कुछ लोगों ने प्लेन क्रैश हादसे की जांच की भी बात कही हैं. इस पर महाराष्ट्र के सीएम देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि इस दुख के समय में किसी को भी राजनीति नहीं करनी चाहिए. डिप्टी सीएम अजित पवार के निधन पर राज्य सरकार ने तीन दिन के राजकीय शोक का ऐलान किया है.

गुरुवार 29 जनवरी 2026 को पूरे राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा. महाराष्ट्र के सबसे लंबे समय तक उपमुख्यमंत्री रहने वाले अजित पवार को राज्य की राजनीति का एक प्रभावशाली और निर्णायक नेता माना जाता था. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने उनके निधन पर शोक व्यक्त करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी. प्रधानमंत्री मोदी ने एनसीपी (एसपी) प्रमुख और अजित पवार के चाचा शरद पवार से फोन पर बात कर संवेदना प्रकट की. उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, ‘बारामती में हुए दुखद विमान हादसे से बेहद आहत हूं. इस हादसे में अपने प्रियजनों को खोने वालों के साथ मेरी संवेदनाएं हैं. ईश्वर से प्रार्थना है कि इस कठिन समय में उन्हें शक्ति और साहस मिले.’
प्रधानमंत्री ने अजित पवार को जनता से जुड़े नेता बताते हुए कहा कि प्रशासनिक मामलों की उनकी गहरी समझ और कमजोर वर्गों के सशक्तीकरण के प्रति उनकी प्रतिबद्धता उल्लेखनीय रही है. मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इसे महाराष्ट्र के लिए अपूरणीय क्षति बताया और कहा कि राज्य सरकार इस दुख की घड़ी में पवार परिवार के साथ खड़ी है. उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने हादसे की जांच के आदेश दिए और कहा कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जाएंगे. शिंदे ने भावुक होते हुए कहा, ‘हम महाराष्ट्र की प्रगति के लिए एक टीम के रूप में काम कर रहे थे. उनके जाने से न सिर्फ टीम का एक अहम हिस्सा खो गया है, बल्कि मैंने अपने बड़े भाई को भी खो दिया है.’ एनसीपी (एसपी) सांसद और अजित पवार की चचेरी बहन सुप्रिया सुले भी परिवार के सदस्यों के साथ शोक में डूबी नजर आईं.
महाराष्ट्र समेत देशभर में शोक
अजित पवार ने विभिन्न सरकारों में उपमुख्यमंत्री के रूप में सेवा दी, जिनमें पृथ्वीराज चव्हाण, देवेंद्र फडणवीस, उद्धव ठाकरे और एकनाथ शिंदे की सरकारें शामिल हैं. उन्होंने सांसद के रूप में भी अपनी भूमिका निभाई और पार्टी संगठन को मजबूत करने में अहम योगदान दिया. एनसीपी ने दिल्ली स्थित अपने केंद्रीय कार्यालय में शोकसभा का आयोजन किया, जहां पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने दो मिनट का मौन रखकर उन्हें श्रद्धांजलि दी. कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा सहित कई नेताओं ने उनके निधन पर दुख जताया. कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने हादसे को अस्वाभाविक बताते हुए इसकी निष्पक्ष जांच की मांग की. उन्होंने कहा कि छोटे विमान से यात्रा करने वाले नेताओं और उद्योगपतियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ऐसे हादसों की गहन जांच जरूरी है. तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी ने भी घटना की उचित जांच की मांग की और सोशल मीडिया पर अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं.
राजनीतिक रंग न दें – शरद पवार
इस बीच शरद पवार ने लोगों से अपील की कि वे इस दुखद घटना को राजनीतिक रंग न दें. उन्होंने कहा कि यह एक दुर्घटना है और राजनीति को इसमें नहीं घसीटना चाहिए. एकनाथ शिंदे ने भी किसी साजिश की आशंका को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि ऐसे संवेदनशील समय में राजनीति करना उचित नहीं है. अजित पवार महाराष्ट्र के सबसे प्रभावशाली राजनीतिक परिवारों में से एक से आते थे. वह अपनी स्पष्टवादी शैली, तेज फैसलों और प्रशासनिक दक्षता के लिए जाने जाते थे. समर्थकों के बीच उनकी छवि एक ऐसे नेता की रही जो जमीनी स्तर पर लोगों की समस्याओं को समझता और उनके समाधान के लिए सक्रिय रहता था. उनके अचानक निधन से न सिर्फ एनसीपी बल्कि महाराष्ट्र की राजनीति में भी एक बड़ा शून्य पैदा हो गया है. अजित पवार अपने पीछे पत्नी सुनेत्रा पवार और दो बेटों के पीछे छोड़ गए हैं. राज्यभर में उनके निधन पर शोक की लहर है और राजनीतिक, सामाजिक संगठनों तथा आम नागरिकों द्वारा उन्हें श्रद्धांजलि दी जा रही है. गुरुवार को पूरे राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा, जिसमें राज्य और केंद्र के कई वरिष्ठ नेता शामिल होने की संभावना है.