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रॉबर्ट वाड्रा मनी लॉन्ड्रिंग केस: राउज एवेन्यू कोर्ट ने ED से 26 फरवरी तक मांगी ‘अन-रिलाइड’ दस्तावेजों की सूची

हथियार डीलर संजय भंडारी से जुड़े मामले में रॉबर्ट वाड्रा के खिलाफ दायर पूरक चार्जशीट पर दलीलें रखने के लिए ईडी को समय मिला.

संवाददाता

नई दिल्ली। दिल्ली के राउज एवेन्यू कोर्ट ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में हथियार डीलर संजय भंडारी से जुड़े मामले में रॉबर्ट वाड्रा के खिलाफ दाखिल पूरक चार्जशीट पर ईडी को दलीलें रखने का समय दे दिया है. स्पेशल जज सुशांत चंगोट्रा ने मामले की अगली सुनवाई 26 फरवरी को करने का आदेश दिया. इसके पहले सुनवाई के दौरान रॉबर्ट वाड्रा की ओर से कहा गया था कि उसके खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का कोई मामला नहीं बनता है.

रॉबर्ट वाड्रा की ओर से पेश वकील ने कहा था कि ईडी की ओर से दाखिल चार्जशीट पर कोर्ट को संज्ञान नहीं लेना चाहिए. इस मामले में ईडी ने जवाब दाखिल कर संजय भंडारी की इस दलील का विरोध किया कि संपत्तियों को जब्त करने की याचिका खारिज की जाए. 4 अक्टूबर 2025 को संजय भंडारी ने संपत्तियों को जब्त करने की ईडी की याचिका को खारिज करने की मांग की थी. संजय भंडारी ने कहा था कि ईडी को अपनी याचिका में नये तथ्यों को पेश करने की अनुमति नहीं दी जा सकती है.

कोर्ट ने 5 जुलाई को संजय भंडारी को मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में भगोड़ा घोषित कर दिया था. ईडी की ओर से कहा गया था कि संजय भंडारी की भारत, दुबई और ब्रिटेन में बेनामी संपत्तियां हैं. दिल्ली के वसंत विहार, पंचशील शॉपिंग कॉम्प्लेक्स और शाहपुर जाट के अलावा नोएडा और गुरुग्राम में भी बेनामी संपत्तियां हैं. इसके अलावा कई बैंक खाते संजय भंडारी की पत्नी के नाम से है. ईडी ने कहा था कि संजय भंडारी के पास सौ करोड़ रुपये से ज्यादा की संपत्ति है. कोर्ट के इस फैसले का संजय भंडारी की ओर से दिल्ली हाईकोर्ट में चुनौती दी गई है, जो अभी लंबित है.

कोर्ट ने दिसंबर 2023 में ईडी की ओर से संजय भंडारी के खिलाफ दाखिल पूरक चार्जशीट पर संज्ञान लिया था. पूरक चार्जशीट में संयुक्त अरब अमीरात के बिजनेसमैन सीसी थम्पी और ब्रिटेन स्थित व्यवसायी सुमित चड्ढा का नाम शामिल किया है. उनमें से संजय भंडारी कथित तौर पर कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी के पति रॉबर्ट वाड्रा के करीबी सहयोगी हैं.

ईडी के मुताबिक, सुमित चड्ढा और उनकी पत्नी को समन जारी किया था लेकिन दोनों जांच एजेंसी के सामने पेश नहीं हुए. ईडी के चार्जशीट में कहा गया है कि यूपीए के शासनकाल में भंडारी ने कमीशन लिया और लंदन में संपत्ति खरीदी जिसके लाभार्थी मालिक रॉबर्ट वाड्रा हैं. रॉबर्ट वाड्रा ने ईडी के आरोपों को गलत बताया था. इस मामले में पहले ईडी ने हथियार डीलर संजय भंडारी के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में दक्षिण दिल्ली में पंचशील पार्क में पंचशील शॉपिंग कॉम्प्लेक्स में स्थित संपत्ति को कब्जे में लिया था, जो कि एसबी हॉस्पिटेलिटी एंड सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड के नाम पर रजिस्टर्ड कराया गया है. ईडी ने 2017 में भंडारी और दूसरे आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया था.

राजनीतिक बदले की भावना का आरोप

वहीं, रॉबर्ट वाड्रा शुरू से ही इन आरोपों को खारिज करते रहे हैं. उनके कानूनी दल का कहना है कि यह जांच पूरी तरह से “राजनीति से प्रेरित” है और उनके मुवक्किल को परेशान करने के लिए पुराने मामलों को बार-बार खोला जा रहा है. वर्तमान में वाड्रा 2019 से इस मामले में अग्रिम जमानत पर चल रहे हैं.

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