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शेख हसीना के भारत से पहले भाषण में बांग्लादेश की यूनुस सरकार बेनकाब

यूनुस सरकार बनने के बाद अल्पसंख्यकों पर कहर, महिलाओं और लड़कियां को प्रताड़ित करने के आरोप

संवाददाता

नई दिल्ली। भारत में निर्वासित जीवन जी रहीं बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने अपने पहले सार्वजनिक भाषण में बांग्लादेश की मोहम्मद यूनुस की अगुवाई वाली अंतरिम सरकार को बेनकाब कर दिया है। उन्होंने बांग्लादेश में होने वाले चुनाव से पहले वहां की जनता का आह्वान किया कि वह यूनुस की मौजूदा सरकार के खिलाफ उठ खड़े हों, क्योंकि यह स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव करवाने में सक्षम नहीं है। बांग्लादेश की अवामी लीग की नेता ने अपने भाषण में जो कुछ बताया है, उससे साफ हो गया है कि जब से यूनुस की सरकार बनी है, वहां पर अल्पसंख्यकों पर किस तरह से कहर बरपाया गया है, खासकर महिलाओं और लड़कियां किस तरह से प्रताड़ित की जा रही हैं।

शेख हसीना ने जारी किया ऑडियो संदेश

बांग्लादेश में 12 फरवरी को आम चुनाव होने हैं। मोहम्मद यूनुस की सरकार के कार्यकाल में अवामी लीग की सरकार को चुनाव लड़ने से रोक दिया गया है। बांग्लादेश में आम चुनाव से करीब तीन हफ्ते पहले अवामी लीग की चीफ ने एक ऑडियो संदेश में न सिर्फ बांग्लादेश की वास्तविक स्थिति बताने की कोशिश की है, बल्कि यूनुस सरकार के मंसूबों को ध्वस्त करने का भी आह्वान किया है। हसीना 5 अगस्त, 2024 को जबरन सत्ता से बेदखल किए जाने के बाद से भारत में रह रही हैं।

यूनुस को ‘भ्रष्ट, सत्ता का भूखा गद्दार’ कहा

शेख हसीना का एक ऑडियो संदेश पहले फॉरेन कॉरेस्पॉन्डेंट्स क्लब में आयोजित ‘सेव डेमोक्रेसी इन बांग्लादेश’ के नाम से आयोजित कार्यक्रम में सुनाया गया, फिर बांग्लादेश अवामी लीग के एक्स हैंडल पर भी उनका एक ऑडियो भाषण जारी किया गया। अपने भाषण में यूनुस को शेख हसीना ‘भ्रष्ट, सत्ता का भूखा गद्दार’ कह रही हैं और उन्हें सत्ता से बेदखल करने की साजिश में शामिल होने का आरोप लगा रही हैं। उन्होंने कहा, ‘इस मुश्किल घड़ी में, पूरे देश को एकजुट होकर और महान मुक्ति संग्राम की हमारी भावना से प्रेरित होकर आगे बढ़ना चाहिए।’

‘महिलाओं के खिलाफ यौन हमले नहीं रुके’

उन्होंने कहा, ‘(बांग्लादेश में) लोकतंत्र अब निर्वासन में है। मानवाधिकारों को धूल में मिला दिया गया है। प्रेस की स्वतंत्रता खत्म की जा चुकी है। हिंसा, यातना और महिलाओं और लड़कियों के खिलाफ यौन हमले रुक नहीं रहे हैं।’ उनका कहना है, ‘धार्मिक अल्पसंख्यकों को लगातार उत्पीड़नों का सामना करना पड़ रहा है। कानून और व्यवस्था नाम की चीज नहीं रह गई है।’

‘मोहम्मद यूनुस सरकार विदेशी कठपुतली’

बांग्ला में दिए अपने भाषण में उन्होंने कहा कि पिछले दिनों जो कुछ भी बांग्लादेश में हुआ है, उसकी ‘अंतरराष्ट्रीय एजेंसी के हाथों निष्पक्ष जांच’ होनी चाहिए। उन्होंने मौजूदा सरकार को ‘विदेशी कठपुतली’ बताते हुए इसे अपने ‘राष्ट्र का दुश्मन’ बताया है और बांग्लादेश के ‘बहादुर बेटे और बेटियों को उस संविधान की रक्षा’ करने को कहा है, जिसे ‘शहीदों ने अपने खून से’ लिखा और जिससे ‘बांग्लादेश को आजादी’ मिली।

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