
संवाददाता
नई दिल्ली । किताबों के शौकीनों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है । पहली बार विश्व पुस्तक मेले में प्रवेश पूरी तरह मुफ्त होगा और पहली बार बच्चों के लिए ‘किड्स एक्सप्रेस’ नाम से अलग पवेलियन भी होगा। यह मेला 10 जनवरी से 18 जनवरी तक भारत मण्डपम में आयोजित किया जाएगा, जहां सुबह 11 बजे से रात 8 बजे तक लोग आकर किताबों की दुनिया में खो सकते हैं । ये भारत मंडपम के हॉल नंबर 2 से 6 में चलेगा। यानी पूरे 9 दिन तक आप इस मेले का मजा ले सकते हैं।
विश्व पुस्तक मेला 2026 में दुनिया भारतीय सेना के इतिहास, वीरता और ज्ञान से रूबरू होगी। पुस्तक मेले की थीम इंडियन मिलिट्री हिस्ट्री: वालोर, विजडम एट 75 रखी गई है। थीम पवेलियन के गेट का डिजाइन आईएमए देहरादून से प्रेरित है। भारत समेत 30 देशों के दर्शकों को, आजाद भारत मे 1947 को कश्मीर स्थित के बड़गाव में भारतीय सैनिकों और पाकिस्तानी कबायलियों के बीच पहला युद्ध, 1962 1965,1971, 1999 में कारगिल युद्ध से लेकर सर्जिकल स्ट्राइक और ऑपरेशन सिंदूर की भी जानकारी मिलेगी। खास बात है कि देश की सरहदों की रक्षा के लिए मिलने वाले सर्वोच्च सम्मान परमवीर चक्र, महावीर चक्र और वीर चक्र पाने वाले सैनिकों और उनके परिवारों से रूबरू होने का मौका भी मिलेगा।
मेले में, भारतीय सेना के अलावा डेढ़ सौ साल पुराना राष्ट्रीय सुरक्षा और रक्षा थिंक टैंक यानी यूनाइटेड सर्विस इंस्टीट्यूशन ऑफ इंडिया भी सहयोग कर रहा है, ताकि, युवाओं को भारत की थल,वायु और जल सेना की वर्दी, रैंक, मैडल से लेकर उनके कामकाज के तरीके के बारे में भी सही जानकारियां मिल सकें। वर्दी, मैडल, रैँक को भी प्रदर्शित किया जाएगा। इसमें तीन सेेना किस रंग के कॉरपेट बिछाती है, भी शामिल है। इसके अलावा, प्रदर्शनी, किताबों, फोटो, ऑडियो-वीडियो के माध्यम से भारतीय सैनिक और सैन्य अधिकारी बनने के अवसर, परीक्षा, योग्यता, वेतन, सुविधाओं की जानकारी मिलेगी।
इस मेले में 1000 से अधिक प्रकाशक और 3000 से ज्यादा स्टॉल्स होंगे, जहां हर उम्र और रुचि के पाठकों के लिए किताबें उपलब्ध होंगी। यहां न केवल किताबें होंगी, बल्कि बच्चों के लिए विशेष पवेलियन, लेखक कॉर्नर, अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम और सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित होंगे। अगर आप नई किताबों की खोज करना चाहते हैं या लेखकों और प्रकाशकों से मिलना चाहते हैं, तो यह मेला आपके लिए बिल्कुल सही जगह है।
इस बार बच्चों के लिए खास इंतजाम किए गए हैं। ‘किड्स एक्सप्रेस’ नाम से एक अलग बच्चों का पवेलियन बनाया जा रहा है, जिसमें बच्चों का लिटरेचर, क्रिएटिव एक्टिविटीज, वर्कशॉप और एंटरटेनमेंट प्रोग्राम होंगे। इसके अलावा, नेशनल ई-लाइब्रेरी के डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए पाठकों को छह हजार से ज़्यादा ई-बुक्स मुफ्त में उपलब्ध कराई जाएंगी।



