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दिल्ली में होगा भव्य साहित्यिक उत्सव ‘शब्दोत्सव’ का आयोजन, अजीत डोभाल सहित 100 से अधिक वक्ता होंगे शामिल

दिल्ली में 2 से 4 जनवरी तक तीन दिवसीय 'दिल्ली शब्दोत्सव' सांस्कृतिक साहित्यिक महोत्सव आयोजित होगा.

संवाददाता

नई दिल्ली। दिल्ली एक बार फिर ऐतिहासिक और सांस्कृतिक गौरव की साक्षी बनने जा रही है. नए साल में 2 से 4 जनवरी तक मेजर ध्यानचंद नेशनल स्टेडियम में ‘दिल्ली शब्दोत्सव’ का भव्य आयोजन किया जाएगा. दिल्ली सरकार के पर्यटन मंत्री कपिल मिश्रा के अनुसार, यह दिल्ली का अब तक का सबसे बड़ा साहित्यिक उत्सव होगा, जहां भारतीय ज्ञान परंपरा, कला और आधुनिक विमर्श का अनूठा मेल देखने को मिलेगा.

दिल्ली सचिवालय में प्रेस कांफ्रेंस के दौरान मंत्री कपिल मिश्रा ने बताया कि इसका उदघाटन मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता द्वारा किया जाएगा. इसमें राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख सुनील आम्बेकर समेत देश की कई जानी-मानी हस्तियां, बुद्धिजीवी, लेखक और कलाकार शिरकत करेंगे. आयोजकों के अनुसार, इस मंच पर 100 से अधिक वक्ता, लेखक और युवा आइकन अपने विचारों को साझा करेंगे.

सांस्कृतिक प्रस्तुतियों की धूम

शब्दोत्सव केवल किताबी विमर्श तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि यह भारतीय लोक और शास्त्रीय कलाओं का उत्सव भी होगा. कार्यक्रम के मुख्य आकर्षणों में शास्त्रीय नृत्य भरतनाट्यम और कथक की प्रस्तुतियां होंगी. आध्यात्मिक शांति के लिए सुप्रसिद्ध गायकों द्वारा भजनों का गायन और देश के प्रतिष्ठित कवियों का जमावड़ा, जो अपनी कविताओं से वर्तमान सामाजिक परिवेश को स्वर देंगे. कार्यक्रम स्थल पर सोमनाथ ज्योतिर्लिंग दर्शन के लिए एक विशेष दीर्घा तैयार की गई है, जहां श्रद्धालु और आगंतुक इस पावन ज्योतिर्लिंग के दर्शन कर सकेंगे.

साहित्यिक उपलब्धि के बारे में जानकारी देते हुए मंत्री कपिल मिश्रा ने कहा कि 40 नई पुस्तकों का विमोचन इस महोत्सव की सबसे बड़ी उपलब्धि साहित्य जगत को मिलने वाली नई कृतियां होंगी. उत्सव के दौरान विभिन्न विषयों पर आधारित 40 से अधिक नई पुस्तकों का विमोचन किया जाएगा. यह कदम उभरते हुए लेखकों को एक बड़ा मंच प्रदान करने और पाठकों को नई सामग्री से रूबरू कराने के उद्देश्य से उठाया गया है.

बता दें कि ‘दिल्ली शब्दोत्सव’ का मुख्य उद्देश्य युवा पीढ़ी को अपनी जड़ों और भारतीय विरासत से जोड़ना है. इसमें ‘यूथ वॉइसेस’ जैसे सत्र आयोजित होंगे, जहाँ छात्र और युवा चिंतक अपनी बात रख सकेंगे. महोत्सव में प्रवेश के लिए पंजीकरण प्रक्रिया शुरू हो चुकी है. तीन दिनों तक चलने वाला यह उत्सव न केवल शब्दों का आदान-प्रदान होगा, बल्कि यह ‘भारत की विचार यात्रा’ को प्रदर्शित करने वाला एक सशक्त माध्यम बनेगा.

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