
संवाददाता
नई दिल्ली । हैदराबाद: देश में सोने की कीमतों में लगातार तेजी देखने को मिल रही है. 27 दिसंबर की सुबह राजधानी दिल्ली में 24 कैरेट सोने का भाव बढ़कर 1,40,180 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गया. यह अब तक का एक ऐतिहासिक स्तर माना जा रहा है. वहीं 22 कैरेट सोना 1,28,510 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया है. इस तेजी ने निवेशकों और ज्वैलरी बाजार दोनों का ध्यान खींचा है.
मुंबई समेत बड़े शहरों में भाव 1.40 लाख के पार
देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में भी सोने की कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर हैं. मुंबई, चेन्नई और कोलकाता में 24 कैरेट सोने का भाव 1,40,003 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज किया गया है, जबकि 22 कैरेट सोना 1,28,360 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बिक रहा है. पुणे और बेंगलुरु में भी यही भाव बने हुए हैं.
अन्य शहरों में क्या हैं ताजा रेट
जयपुर, लखनऊ, चंडीगढ़ और दिल्ली जैसे शहरों में 24 कैरेट सोना 1,40,180 रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गया है. अहमदाबाद और भोपाल में यह 1,40,080 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज किया गया. कुल मिलाकर देश के लगभग सभी प्रमुख शहरों में सोने के दाम एक समान ऊंचाई पर बने हुए हैं.
अंतरराष्ट्रीय बाजार का असर
अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने ने नया रिकॉर्ड बनाया है. हाजिर सोना 4,530.42 डॉलर प्रति औंस के स्तर पर पहुंच गया है. इस साल घरेलू बाजार में अब तक सोना करीब 80.24 प्रतिशत मजबूत हुआ है. वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता और सुरक्षित निवेश की मांग ने कीमतों को समर्थन दिया है.
आगे भी जारी रह सकती है तेजी
गोल्डमैन सैक्स सहित कई बड़े एनालिस्ट्स का मानना है कि अगले साल भी सोने में तेजी बनी रह सकती है. गोल्डमैन सैक्स ने अनुमान जताया है कि दिसंबर तक सोना 4,900 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच सकता है. केंद्रीय बैंकों द्वारा लगातार गोल्ड खरीदारी इसकी बड़ी वजह बताई जा रही है.
चांदी ने भी बनाया नया रिकॉर्ड
शुक्रवार को एमसीएक्स पर 5 मार्च वायदा के लिए चांदी की कीमत में जबरदस्त उछाल दर्ज किया गया. कारोबार बंद होने तक 1 किलो चांदी 17,145 रुपये की तेजी के साथ 2,40,935 रुपये पर बंद हुई. दिन के दौरान यह 19,000 रुपये चढ़कर 2,42,000 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई, जो अब तक का सबसे ऊंचा स्तर है. इंडस्ट्रियल डिमांड और निवेशकों की मजबूत खरीदारी ने चांदी को नई ऊंचाई दी है.
तेजी के पीछे प्रमुख कारण
विशेषज्ञों के मुताबिक मजबूत औद्योगिक मांग, सुरक्षित निवेश की चाह और वैश्विक सप्लाई में कमी सोने-चांदी की कीमतों में तेजी के मुख्य कारण हैं. ऐसे में आने वाले समय में कीमती धातुओं की चमक और बढ़ने की संभावना जताई जा रही है.



