
संवाददाता
सूरत (गुजरात) । सूरत में पैकर्स एंड मूवर्स की आड़ में करीब 200 करोड़ रुपये के इंटरनेशनल हवाला रैकेट का एसओजी ने भंडाफोड़ किया है. इस सिलसिले में गुजरात एसओजी ने चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है.
बताया जाता है कि सूरत शहर के डिडोली इलाके में सर्विस के नाम पर क्राइम का एक ऐसा नेटवर्क चल रहा था जिसने पुलिस और बैंकिंग सिस्टम की नींद उड़ा दी है. यहां पर ग्रीन वैली बिल्डिंग में ‘कृष्णा पैकर्स एंड मूवर्स’ के द्वारा सामान नहीं, बल्कि ब्लैक मनी का एक बड़ा अड्डा चल रहा था. सूरत एसओजी ने इसका खुलासा करते हुएमास्टरमाइंड प्रतीक वसावा समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया है. इस रैकेट के तार दुबई और चीन तक फैले हुए हैं.
एपीके फाइल्स के जरिए अकाउंट्स तक पहुंच
इस रैकेट ने टेक्नोलॉजी का खतरनाक तरीके से इस्तेमाल किया. दुबई में बैठा ‘बिग ब्रो’ नाम का मास्टरमाइंड प्रतीक वसावा को एपीके फाइल्स भेजता था. इन फाइलों के जरिए उसे सूरत के उन खातों तक सीधी पहुंच मिल जाती थी जिनमें पैसे ट्रांसफर किए जाते थे. गेमिंग और स्टॉक मार्केट के नाम पर ठगे गए लोगों के करोड़ों रुपये इन अकाउंट्स में जमा किए जाते थे. इन फाइलों के जरिए उसे सूरत के उन खातों तक सीधी पहुंच मिल जाती थी जिनमें पैसे ट्रांसफर किए जाते थे
गरीबों के अकाउंट ‘किराए’ पर लेता था
मुख्य आरोपी प्रतीक वसावा आर्थिक रूप से कमजोर लोगों के बैंक अकाउंट सिर्फ 20 से 25 हजार रुपये में किराए पर लेता था. जैसे ही अकाउंट में रकम जमा होती, वह तुरंत कैश निकाल लेता, ताकि साइबर टीम के ट्रेस करने से पहले ही पैसा सिस्टम से निकल जाए. जांच में पता चला है कि सीज किए गए 14 बैंक अकाउंट देश भर में 71 साइबर फ्रॉड मामलों में शामिल हैं.
क्रिप्टोकरेंसी के जरिए दुबई भेजा गया पैसा
जांच में सबसे बड़ा खुलासा कैश के हेरफेर का हुआ है. प्रतीक वसावा लिंबायत के सलीम उर्फ समीर के संपर्क के जरिए करोड़ों कैश को USDT (क्रिप्टोकरेंसी) में बदलवाता था. फिर इस डिजिटल करेंसी को दुबई में बैठे मास्टरमाइंड के वॉलेट में ट्रांसफर कर दिया जाता था.
प्रतीक वसावा के खिलाफ दर्ज हैं छह केस
पुलिस जांच में पता चला है कि प्रतीक वसावा नैतिक रूप से भी बिगड़ा हुआ है. उसके खिलाफ पहले भी 6 क्राइम दर्ज हैं, जिसमें अपने ही दोस्त की पत्नी को ब्लैकमेल करने का गंभीर क्राइम भी शामिल है. साइबर फ्रॉड केस में 90 दिन जेल में बिताने के बावजूद, वह बाहर आया और एक बड़ा नेटवर्क बनाया.
पुलिस के रडार पर लोकल ‘बड़े लोग’
एसओजी डीसीपी राजदीप सिंह नकुम की टीम अब इस बात की जांच कर रही है कि सूरत के कौन से ताकतवर लोग प्रतीक को पुलिस से बचने के लिए फाइनेंशियल मदद और संरक्षण दे रहे थे. आने वाले दिनों में इस स्कैम में सूरत के कुछ बड़े बिजनेसमैन के नाम भी सामने आने की संभावना है.
पुलिस ने क्या-क्या जब्त किया?
होंडा सिटी कार
7 स्टेट-ऑफ-द-आर्ट मोबाइल
2 कंप्यूटर और 7 डेबिट कार्ड
कुल Rs. 10.19 लाख का माल
वांटेड आरोपी
पुलिस ने दुबई के मुख्य मास्टरमाइंड गणेश उर्फ प्रेम, राज श्रीवास्तव और सलीम आरटीओ समेत कुल 9 लोगों को वॉन्टेड घोषित किया है.



