
संवाददाता
गाजियाबाद। गाजियाबाद पुलिस की क्राइम ब्रांच ने शुक्रवार को गांजा तस्करी सिंडिकेट से जुड़े दो लोगों को गिरफ्तार किया है। ये सिंडिकेट उड़ीसा से गांजा लाकर दिल्ली-एनसीआर और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में सप्लाई करता था। आरोपियों से 220 किलो गांजा बरामद हुआ है, जो कैंटर में नमक की बोरियों के नीचे छिपाकर लाया जा रहा था। अंतरराष्ट्रीय मार्केट में इसकी कीमत करीब 1.10 करोड़ रुपए आंकी गई है।
एडीसीपी (क्राइम) सच्चिदानंद ने बताया, पकड़े गए आरोपी विपिन नविासी विघेपुर हाथरस और प्रदीप निवासी पटौदी हरियाणा हैं। पूछताछ में विपिन ने बताया, ‘मैं पहले ट्रक पर ड्राइवरी करता था। उसमें कुछ ज्यादा फायदा नहीं होता था। फिर मैं अलीगढ़ क्षेत्र में गांजा बेचने वाले कुछ लोगों के संपर्क में आया और धीरे-धीरे उड़ीसा से गांजा लाकर सप्लाई करने लगा।’ आरोपी विपिन पूर्व में आगरा, अलीगढ़, फिरोजाबाद से जेल जा चुका है लेकिन हर बार जमानत पर छूटते ही फिर से गांजा तस्करी का धंधा शुरू कर देता है।
दूसरे आरोपी प्रदीप ने बताया, ‘मैं पहले राजमिस्त्री का काम करता था। पूरे दिन मेहनत करने के बावजूद 300-400 रुपए मिल पाते थे। फिर मैं विपिन और चौटाला नामक व्यक्ति के संपर्क में आया और गांजा तस्करी शुरू कर दी।’
एडीसीपी (क्राइम) सच्चिदानंद ने बताया, ये गैंग कैंटर में नमक, कबाड़, सब्जी या अन्य सामान लोड करता है और उन बोरियों के नीचे गांजे के पैकेट छिपा देता है। इससे रास्ते में न तो किसी को शक होता और न ही भारी सामान की वजह से कोई चेकिंग में इसे नीचे उतरवाता है। आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि उड़ीसा से रवाना होने के बाद माल डिलीवरी होने तक वे अपने मोबाइल बंद रखते हैं, जिससे पकड़ में न आएं।



