
संवाददाता
हापुड़। जिला जल्द ही ऑटोमोबाइल लॉजिस्टिक्स के बड़े केंद्र के रूप में उभरकर सामने आएगा। कोलकाता से वाया हापुड़ गुजरने वाले डेडीकेटेड फ्रंट कॉरिडोर (डीएफसी) के अंतर्गत कुराना टोल प्लाजा के पास गांव हृदयपुर में विकसित किए गए लॉजिस्टिक पार्क में आज पहली बार गुजरात से 96 कारों से भरी एक डबल डेकर मालगाड़ी पहुंच गई।
इस ऐतिहासिक शुरुआत के साथ ही हापुड़ दिल्ली-एनसीआर के साथ ही प्रदेश में चार पहिया वाहनों की आपूर्ति का एक प्रमुख हब बन रहा है। शनिवार सुबह इस अवसर पर एक विशेष कार्यक्रम का भी आयोजन किया गया। इसमें कंपनी के अधिकारी और अन्य संबंधित लोग मौजूद रहे।
नोएडा से बड़े गोदामों को हापुड़ शिफ्ट करने की योजना
हाल ही में इस लॉजिस्टिक पार्क का उद्घाटन किया गया था और अब यहां से वाहनों की आवाजाही का सिलसिला शुरू हो गया है। इसके साथ ही हापुड़ से लोहे के गोदामों को भी हापुड़ में शिफ्ट किया जाएगा। वहीं नोएडा से बड़े गोदामों को हापुड़ के बुलंदशहर रोड पर शिफ्ट करने की योजना तैयार की गई है।
क्षेत्र के गांव ह्दयपुर के निकट डेडिकेटेड फ्रंट कॉरिडोर पर चार पहिया गाड़ियों के लिए बनाए गए लॉजिस्टिक पार्क में शनिवार को 25 वैगन की मालगाड़ी गुजरात के चंपानेर से 96 गाड़ियों को लेकर पहुंची। लॉजिस्टिक पार्क के अधिकारियों ने मालगाड़ी से गाड़ियों को उतरवाया और उसके बाद इन गाड़ियों को मालवाहक ट्रकों में लदवाकर दिल्ली व यूपी में भेज दिया गया।
दिल्ली-एनसीआर में होगी चार पहिया वाहनों की सप्लाई
दो सप्ताह पहले क्षेत्र के गांव ह्दयपुर के निकट डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया के प्रबंध निदेशक प्रवीन कुमार ने गांव ह्दयपुर में करीब 11:40 करोड़ रुपये की लागत से 12 एकड़ में बने लॉजिस्टिक पार्क उद्घाटन किया गया था। लॉजिस्टिक पार्क से एनसीआर क्षेत्र के करीब 300 किलोमीटर के दायरे में देश के अलग-अलग राज्यों से आने वाले चार पहिया वाहनों को एनसीआर के अलग-अलग क्षेत्रों में भेजने का काम किया जाएगा।
ऑटोमोबाइल कैरियर के लिए किया कंपनी के चार पहिया वाहन चेन्नई, हुंडई के वाहन बेंगलुरु, महेंद्र व टाटा कंपनी के चार पहिया वाहन पूना महाराष्ट्र से यहां पर लाए जा रहे हैं।
शनिवार को गुजरात के चंपानेर से एमजी कंपनी की 96 गाड़ियों को लेकर 25 वैगन की मालगाड़ी लॉजिस्टिक पार्क पहुंची। जिसके बाद मालगाड़ी से गाड़ियों को उतारा और उसके बाद इन्हें मालवाहक ट्रकों में लदवाने के बाद उत्तराखंड के देहरादून, हरिद्वार, हल्द्वानी, दिल्ली, गाजियाबाद, गौतमबुद्धनगर और अलीगढ़ के लिए रवाना किया गया।



