
संवाददाता
पटना । बिहार की राजनीति बदलाव के दौर से गुजर रही है. एक ओर नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने की तैयारी है तो दूसरी ओर राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) अपनी राजनीतिक रसूख फिर से कायम करने की तैयारियों में लग गई है. इसी कड़ी में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम लालू परिवार के भीतर भी हुआ है और लालू परिवार में बदलते रिश्तों के संकेत सार्वजनिक तौर पर दिखने शुरू हो गए हैं. राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे पूर्व मंत्री और जनशक्ति जनता दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष तेज प्रताप यादव की खास तस्वीरें सामने आई हैं जिनमें वे तेजस्वी यादव की बेटी कात्यायनी के साथ खेलते नजर आ रहे हैं. फोटो में लालू यादव भी पीछे बैठे दिख रहे हैं. बता दें कि इससे पहले कात्यायनी के जन्मदिन पर तेज प्रताप तेजस्वी के बेटे इराज के साथ नजर आए थे. ऐसे में सवाल पूछा जा रहा है कि क्या परिवार और पार्टी से निष्कासित तेज प्रताप यादव की घर वापसी हो गई है?
कात्यायनी के साथ दिखे तेज प्रताप
खास बात यह है कि तेजप्रताप यादव ने ही अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर इन तस्वीरों और वीडियो को शेयर किया है. उन्होंने पोस्ट में कात्यायनी के साथ खेलते हुए तस्वीर शेयर किया है. तीन तस्वीरें शेयर की गई हैं जिनमें से एक में लालू यादव भी दिख रहे हैं. तेज प्रताप बच्ची को एक साथ कई गिफ्ट दे रहे हैं. एक अन्य तस्वीर में तेज प्रताप यादव ने कात्यायनी को गोद में उठा रखा है. तस्वीरों में वे बच्ची के साथ काफी कूल नजर आ रहे हैं. उन्होंने पोस्ट के साथ लिखा है- “बड़े पापा की लाडली बेटी, घर की सबसे प्यारी सी रानी होती है. एक वीडियो पोस्ट कर भी तेजप्रताप यादव ने अपनी भावना प्रकट करते हुए लिखा- बेटा पापा का गर्व होता है, और पापा बेटे की सबसे बड़ी ताकत!

क्या खत्म हो गई लालू परिवार की दूरी?
दरअसल, बीते वर्ष अनुष्का यादव के साथ तस्वीरें वायरल होने के बाद तेज प्रताप यादव काफी मुश्किल में पड़ गए थे. 25 मई 2025 को उन्हें एक साथ पार्टी और परिवार से बेदखल कर दिया गया था. इसके बाद उन्होंने अलग पार्टी जनशक्ति जनता दल बनाई थी और इसी राजनीतिक दल से चुनाव भी लड़ा. लेकिन, राजद के मजबूत गढ़ वैशाली जिले के महुआ विधानसभा सीट से वह चुनाव हार गए और विधानसभा की सदस्यता से भी हाथ धोना पड़ गया.
क्या फिर एक होंगे तेज प्रताप-तेजस्वी?
अब सवाल यह है कि हार के झटके और बिहार में बदल रही राजनीतिक परिस्थितियों के बीच क्या तेज प्रताप की घर वापसी हो गई है. जाहिर है यह ऐसा सवाल है जिसका उत्तर हर कोई जानना चाहता है. राजनीति के जानकार कहते हैं कि अब ऐसा लग रहा है कि लालू परिवार में बिखरे रिश्ते फिर से पटरी पर आने लगे हैं.
जानकार इसके लिए बीते 14 जनवरी का हवाला देते हैं जब मकर संक्रांति के मौके पर तेज प्रताप यादव के आवास पर दही चूड़ा भोज लालू प्रसाद यादव पहुंचे थे. तभी कुछ संकेत मिले थे, लेकिन उसी भोज से छोटे भाई तेजस्वी यादव ने जब किनारा कर लिया तो सवाल फिर उभरे कि अभी भी खाई पटी नहीं है.
RJD में वापसी की अटकलें तेज
यहां यह भी बता दें कि तेज प्रताप यादव खुद कहते रहे हैं कि राजद में उनकी वापसी किसी भी कीमत पर नहीं होगी. इसके लिए उन्होंने सार्वजनिक रूप से धार्मिक ग्रंथ गीता की कसम भी खाई है. लेकिन, इसके साथ दूसरा पहलू यह भी है कि माता राबड़ी देवी और पिता लालू यादव के लिए उनके मन में बहुत आदर है.
लालू परिवार की खास तस्वीरों से बढ़ी हलचल
फिलहाल तस्वीरें भले ही पारिवारिक हों, लेकिन इनके राजनीतिक मायने गहरे हैं. तेज प्रताप यादव की वापसी पर अभी कोई आधिकारिक मुहर नहीं लगी है, मगर बिगड़े रिश्तों के पटरी पर आने के संकेत साफ दिख रहे हैं. ऐसे में आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि ये परिवर्तन केवल तस्वीरों तक सीमित रहती है या फिर टूटे दिलों के भीतर भी कोई बड़ा बदलाव लेकर आती है.



