latest-newsविदेश

ईरान में पेट्रोकेमिकल संयंत्र पर बड़ा हमला, कुवैत में एक पावर स्टेशन पर ईरान के हमले में एक भारतीय की मौत

संवाददाता

नई दिल्ली। अमेरिका-इजराइल-ईरान युद्ध का आज 31वां दिन है. एक महीने से अधिक समय बीत जाने के बाद भी संघर्ष थमने का नाम नहीं ले रहा है. इजराइल का ईरान और लेबनान में हमले जारी है. वहीं ईरान की ओर से इजराइल और खाड़ी देशों में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया जा रहा है. अमेरिका ने ईरान को होर्मुज समुद्री मार्ग खोलने को लेकर 10 दिनों का अल्टीमेट दिया है. इस बीच अमेरिका ने मिडिल ईस्ट में भारी संख्या में सेना को तैनात किया है. ईरान के नेताओं का कहना है कि अमेरिका जमीनी लड़ाई कर किसी खार्द द्वीप पर कब्जा करना चाहता है. एक महीने से अधिक समय से चले आ रहे इस युद्ध में 3,000 से ज्यादा लोग मारे जा चुके हैं.

यह युद्ध 28 फरवरी को ईरान पर US और इजराइली हमलों से शुरू हुआ था, जिसके जवाब में ईरान ने इजराइल और पड़ोसी खाड़ी अरब देशों पर हमले किए. शुरुआती हमलों में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई और उनके परिवार के कई सदस्य मारे गए थे. ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले व्यापारिक जहाजों पर लगी कुछ पाबंदियों में ढील दी है. ईरान की रणनीति जलडमरूमध्य को पूरी तरह से बंद करने के बजाय उस पर दबाव बनाकर आवाजाही को सीमित करने की है. इस बीच अमेरिकी अधिकारियों ने जोर देकर कहा है कि युद्ध शायद एक निर्णायक मोड़ पर पहुँच रहा है, लेकिन ईरानी नेता सार्वजनिक रूप से बातचीत से इनकार करते रहे हैं. ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने रविवार को एक कड़ी चेतावनी जारी की. इसमें कहा गया कि पश्चिमी एशियाई क्षेत्र में स्थित अमेरिकी और इजराइली विश्वविद्यालयों को ‘वैध लक्ष्य’ माना जा सकता है.

अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा कि वाशिंगटन ने ईरान में अपने ‘अधिकांश’ सैन्य उद्देश्यों को हासिल कर लिया है. हालाँकि वे अपने अभियान को कुछ समय तक और जारी रखेंगे, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि तेहरान की परमाणु योजनाओं को लंबे समय के लिए पूरी तरह से निष्क्रिय कर दिया जाए. इस युद्ध के कारण तेल और प्राकृतिक गैस की वैश्विक आपूर्ति पर संकट मंडरा गया है, उर्वरकों की कमी हो गई है और हवाई यात्रा भी बाधित हुई है. होर्मुज पर ईरान के नियंत्रण ने बाजारों और कीमतों को हिलाकर रख दिया है. यदि हूती विद्रोही लाल सागर के पास स्थित बाब अल-मंडेब जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों को फिर से निशाना बनाते हैं, तो वैश्विक जहाजरानी को और भी ज्यादा नुकसान पहुँच सकता है. इस जलडमरूमध्य से आमतौर पर दुनिया का लगभग 12फीसदी व्यापार होता है.

US ने ईरान के एक स्कूल पर हमले में एक नए तरह की मिसाइल का इस्तेमाल किया: रिपोर्ट

न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार अमेरिका ने 28 फरवरी को ईरान में नागरिक ठिकानों पर हमला करते समय जिसमें लामर्ड शहर का एक स्पोर्ट्स हॉल और एक प्राइमरी स्कूल शामिल था, एक नई विकसित मिसाइल का इस्तेमाल किया. ईरानी मीडिया ने बताया कि इस हमले में कम से कम 21 लोग मारे गए. यह हमला उसी दिन हुआ था जब अमेरिका की एक टॉमहॉक क्रूज मिसाइल ने मिनाब शहर के एक स्कूल पर हमला किया था जिसमें कई स्कूली बच्चों सहित 175 लोग मारे गए थे. घटनास्थल से मिले वीडियो और तस्वीरों के विश्लेषण के आधार पर न्यूयॉर्क टाइम्स ने बताया कि इस्तेमाल किया गया हथियार संभवतः एक प्रिसिजन स्ट्राइक मिसाइल था जो अमेरिकी सेना द्वारा विकसित एक छोटी दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल है.

ईरान ने रिवोल्यूशनरी गार्ड नेवी चीफ की मौत की पुष्टि की

ईरान ने सोमवार को रिवोल्यूशनरी गार्ड नेवी के चीफ अलीरेजा तंगसिरी की मौत की पुष्टि की. यह पुष्टि इज़राइल के रक्षा मंत्री के 26 मार्च के उस बयान के कुछ दिनों बाद हुई है, जिसमें उन्होंने कहा था कि एक इजराइली हवाई हमले में तंगसिरी मारे गए थे. ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) की नेवी की ओर से जारी एक बयान, जिसे सरकारी टेलीविजन पर पढ़ा गया में कहा गया कि तंगसिरी अपनी चोटों की गंभीरता के कारण अल्लाह की शरण में चले गए.’ बयान में उनके प्रयासों की सराहना की गई, विशेष रूप से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर ईरान की मजबूत पकड़ बनाए रखने में उनकी मदद के लिए. बयान में आगे कहा गया, ‘हर लड़ाका एक तंगसिरी है, और हम देखेंगे कि आने वाले दिनों और महीनों में वे क्या-क्या चौंकाने वाली चीजें सामने लाते हैं.’

ट्रंप ने खार्ग द्वीप पर कब्जा करने के संकेत दिये

खाड़ी में चल रहे संघर्ष के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अमेरिका ईरान के खिलाफ कई विकल्पों पर विचार कर रहा है, जिसमें उसके मुख्य तेल केंद्र खर्ग द्वीप पर कब्जा करने की संभावना भी शामिल है. इस कदम से क्षेत्र में तनाव और बढ़ने की आशंका है. ट्रंप ने सोमवार की सुबह ‘द फाइनेंशियल टाइम्स’ में प्रकाशित एक इंटरव्यू में कहा, ‘सच कहूँ तो, मेरी पसंदीदा चीज है ईरान का तेल लेना, लेकिन अमेरिका में कुछ बेवकूफ लोग कहते हैं, ‘आप ऐसा क्यों कर रहे हैं?’ लेकिन वे बेवकूफ लोग हैं.’ उन्होंने आगे खर्ग द्वीप पर कब्जा करने का कदम उठाने का सुझाव दिया. हो सकता है हम खार्ग द्वीप ले लें, हो सकता है न लें. हमारे पास बहुत सारे विकल्प हैं. ट्रंप ने अखबार को बताया. इसका मतलब यह भी होगा कि हमें वहाँ (खार्ग द्वीप पर) कुछ समय के लिए रहना होगा. वहाँ ईरान के सुरक्षा इंतजामों के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, ‘मुझे नहीं लगता कि उनके पास कोई सुरक्षा इंतजाम है. हम बहुत आसानी से उस पर कब्जा कर सकते हैं.’

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
WP2Social Auto Publish Powered By : XYZScripts.com