
संवाददाता
नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली के हर चौराहों, मार्केट या सड़क किनारे भिखारियों का नजर आना आम सी बात हो गई है. बड़ी तदाद में भीख मांगने वाले शहर के एक बड़ी समस्या बन गए हैं. लेकिन केंद्र सरकार इनको लेकर एक बड़ा प्लान लाने वाली है. केंद्र सरकार ने लोकसभा में जानकारी दी है कि राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में सड़कों और रेड लाइट पर भीख मांगने की समस्या से निपटने के लिए दिल्ली पुलिस लगातार सक्रिय कदम उठा रही है.
केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने सांसद वी. एस. मथेस्वरन द्वारा भिखारियों को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में कहा कि खासकर ट्रैफिक सिग्नल और प्रमुख चौराहों पर भिक्षावृत्ति रोकने के लिए कई स्तरों पर कार्रवाई की जा रही है.
सरकार के मुताबिक, दिल्ली पुलिस समय-समय पर विशेष अभियान (स्पेशल ड्राइव) चलाकर ट्रैफिक सिग्नलों और जंक्शनों से भिखारियों को हटाती है. इसके अलावा, भीख मांगने की गतिविधियों को रोकने के लिए संवेदनशील रेड लाइट्स पर पीक ऑवर्स के दौरान पुलिसकर्मियों की तैनाती की जाती है.
भिखारियों को सिर्फ हटाया ही नहीं जाएगी बल्कि पुनर्वास की भी कोशिश
वी. एस. मथेस्वरन ने ये भी कहा कि योजना सिर्फ हटाने तक ही सीमित नहीं है, बल्कि पुनर्वास पर भी ध्यान दिया जा रहा है. दिल्ली पुलिस, दिल्ली सरकार के सामाजिक कल्याण विभाग के साथ समन्वय कर भिखारियों और बेघर लोगों को शेल्टर होम्स में शिफ्ट कराती है. कुछ इसी तरह की एक मुहिम चला इन भिखारियों से दिल्ली को निजात दिलाई जा सकती है.
CCTV से रखी जाएगी नजर
इसके साथ ही दिल्ली प्रमुख चौराहों पर CCTV निगरानी के जरिए भी स्थिति पर नजर रखी जा रही है, ताकि किसी भी तरह की अव्यवस्था या परेशानी को समय रहते रोका जा सके. सरकार ने संकेत दिया कि राजधानी में भिक्षावृत्ति पर नियंत्रण के लिए प्रिवेंटिव और मॉनिटरिंग दोनों स्तरों पर लगातार कार्रवाई जारी रहेगी.



