latest-newsदेश

लव जेहाद: जबरन धर्मांतरण के बाद ‘मिस इंडिया अर्थ’ की अब सनातन में घर वापसी

सायाली बोलीं- ‘आतिफ से शादी जिंदगी की सबसे बड़ी भूल’

विशेष संवाददाता

नई दिल्ली । महाराष्ट्र के पुणे के पिंपरी-चिंचवाड की रहने वाली और ‘मिस इंडिया अर्थ 2019’ की विजेता रहीं सायली सुर्वे ने इस्लाम से हिंदू धर्म में घर वापसी की है। दरअसल, यह लव-जिहाद की जड़ों में मठ्ठा डालने वाला साहसी कदम है। इससे बेटियों की आंखें जरूर खुलेंगी, जो लव जिहाद में अंधी होकर बिना सोचे-समझे कदम उठा लेती हैं। सायली ने माना कि उसने आतिफ के प्यार में पड़कर सब कुछ छोड़ा, मगर आतिफ ने उसके साथ सिर्फ ज्यादती की। उन्होंनें शौहर आतिफ तासे पर मारपीट और धर्मांतरण के गंभीर आरोप लगाए हैं। सुर्वे का कहना है कि आतिफ से शादी के बाद उनका जबरन धर्मांतरण कराया गया और उन्हें लगातार मानसिक व शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया गया। अब उन्हें हिंदू धर्म में वापस लौटते हुए बेहद खुशी हो रही है। उन्होंने अपना नाम बदलकर ‘आद्या सुर्वे’ रख लिया है।

परिवार के विरोध के बावजूद आतिफ तासे से की थी लव मैरिज

सौंदर्य प्रतियोगिता ‘मिस इंडिया अर्थ 2019’ का खिताब जीतकर देशभर में पहचान बनाने वाली सयाली सुर्वे एक बार फिर चर्चा में हैं। लेकिन इस बार वजह ग्लैमर की दुनिया में कोई नई उपलब्धि नहीं, बल्कि उनकी निजी जिंदगी से जुड़ा एक साहसी और आंखे खोलने वाला फैसला है। सायाली ने पुणे के पिंपरी-चिंचवाड में आयोजित एक समारोह में फिर से हिंदू धर्म अपना लिया। उनके इस फैसले ने एक बार फिर उस बहस को हवा दे दी है, जिसे देश में लव जेहाद के नाम से जाना जाता है। सायली के अनुसार, उन्होंने परिवार के विरोध के बावजूद मीरा-भायंदर के उद्यमी आतिफ तासे से लव मैरिज की थी। कुछ समय तक सब ठीक था, लेकिन फिर उनके साथ बुरा व्यवहार किया जाने लगा। उनसे मारपीट की गई, जबरन इस्लाम कबूल करवाकर उनका नाम ‘अतेज़ा तासे’ कर दिया गया। बाद में दोनों के चार बच्चे हुए। मॉडल होने के बावजूद सायली अपने बच्चों की खातिर सबकुछ सहती रहीं।

पुलिस से नहीं मिला न्याय, हिंदू संगठन बने घर वापसी का जरिया

ब्यूटी पेजेंट रहीं सायली ने मीडिया को बताया, “परिवार के विरोध के बावजूद आतिफ तासे से शादी करना मेरी जिंदगी की सबसे बड़ी भूल थी। शादी के बाद मैंने काफी कुछ झेला। मैंने कई बार पुलिस से मदद की गुहार लगाई, लेकिन मुझे वहाँ से कोई न्याय नहीं मिला।” उन्होंने आगे बताया कि अंत में उन्होंने हिंदुत्ववादी संगठनों से संपर्क किया, जिनकी मदद से उनकी ‘घर वापसी’ संभव हो पाई। पिंपरी-चिंचवड में वैदिक मंत्रोच्चार और होम-हवन के जरिए शुद्धिकरण की प्रक्रिया पूरी की गई। सायाली का मामला केवल एक व्यक्ति के निजी जीवन का निर्णय नहीं रह गया है। यह तेजी से एक सामाजिक और राजनीतिक बहस का विषय बन गया है। जब कोई सार्वजनिक पहचान रखने वाला व्यक्ति अपने जीवन में इस तरह का बड़ा निर्णय लेता है, तो स्वाभाविक रूप से वह समाज में व्यापक चर्चा का कारण बनता है।

सोशल मीडिया से राजनीतिक मंचों तक सुर्खियों में लव-जिहाद

सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक मंचों तक यह सुर्खियों में है और इसे लव जेहाद का ताजा मामला बताया जा रहा है। दरअसल, जब ऐसे संबंधों में धोखे, दबाव या हिंसा के आरोप सामने आते हैं, तब मामला केवल व्यक्तिगत नहीं रह जाता। तब यह सामाजिक विश्वास और पारदर्शिता का भी प्रश्न बन जाता है। यही कारण है कि ऐसे मामलों को लेकर समाज में गहरी प्रतिक्रिया देखने को मिलती है। इससे न केवल दो व्यक्तियों के बीच बल्कि समुदायों के बीच भी अविश्वास पैदा होता है। समाज के लिए यह एक गंभीर चेतावनी होती है कि रिश्तों में ‘अपना धर्म’ होने के साथ-साथ पारदर्शिता और ईमानदारी कितनी जरूरी है। यदि कहीं अन्याय या उत्पीड़न होता है, तो उसका विरोध होना चाहिए।

देशभर में 10 राज्यों में जबरन धर्मांतरण विरोधी कानून लागू

दरअसल, सायाली का यह कोई पहला मामला नहीं है। देशभर के कई राज्यों में चल रहा लव जेहाद भोली-भाली हिंदू युवतियों को प्रलोभन, लालच देकर प्रेम के जाल में फंसाने, मुस्लिम आबादी बढ़ाने और धर्मांतरण को बढ़ावा देने की सुनियोजित साजिश है। वास्तव में लव जिहाद आतंकवाद का ही दूसरा महीन चेहरा है। यह हिंदू बेटियों पर अंतहीन अत्याचार, उनके धर्मांतरण और जिहाद की जुगुत्सा का बेहद वीभत्स और जीवंत चेहरा है। इसी के चलते उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने भी ‘लव जिहाद’ के मामलों पर लगाम कसने के लिए बेहद सख्त कदम उठाया था। यूपी विधानसभा में उप्र विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध (संशोधन) विधेयक-2024 पास किया। यूपी में भी  लव जिहाद के दोषियों को पहली बार उम्रकैद तक की सजा होगी। अवैध मतांतरण की गंभीर घटनाओं की रोकथाम के लिए सरकार ने कानून का दायरा और सजा की अवधि बढ़ाई गई है। देशभर में 10 राज्यों में जबरन धर्मांतरण विरोधी कानून लागू हैं। उत्तर प्रदेश के साथ उत्तराखंड, मध्य प्रदेश, कर्नाटक, हरियाणा, गुजरात, झारखंड, छत्तीसगढ़, हिमाचल प्रदेश और ओडिशा में ये कानून हैं।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
WP2Social Auto Publish Powered By : XYZScripts.com