
संवाददाता
नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली समेत देश के तमाम बड़े महानगरों में कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की किल्लत ने व्यापारिक जगत की चिंताएं बढ़ा दी हैं. तेल कंपनियों (HPCL, IOCL) द्वारा जारी ताजा निर्देशों के बाद दिल्ली के हजारों होटल, ढाबे और रेस्टोरेंट संचालकों के सामने चूल्हा जलते रहने का संकट खड़ा हो गया है. सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे पेट्रोलियम कंपनियों के पत्र ने इस आग में घी डालने का काम किया है, जिसमें कमर्शियल ग्राहकों को वैकल्पिक ईंधन तलाशने की सख्त हिदायत दी गई है.
पश्चिम एशिया में गहराते युद्ध के संकट और अंतरराष्ट्रीय बाजार में गैस की कीमतों में आई भारी उछाल के कारण सरकार ने घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता देने का फैसला किया है. केंद्र सरकार के 5 मार्च के निर्देश के बाद कंपनियों ने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक सप्लाई चेन सामान्य नहीं होती, तब तक व्यावसायिक इस्तेमाल के लिए सिलेंडर की रिफिलिंग में भारी कटौती की जाएगी.
दिल्ली के खान-पान बाजार पर सीधा असर
दिल्ली के चांदनी चौक, कनॉट प्लेस और करोल बाग जैसे प्रमुख फूड हब में इस फैसले का असर दिखने लगा है. दिल्ली में 19 किलो वाले कमर्शियल सिलेंडर की कीमत अब ₹1,883 के पार जा चुकी है. कई गैस एजेंसियों ने रेस्टोरेंट मालिकों को साफ कह दिया है कि आगामी आदेश तक नए ऑर्डर लेना मुश्किल होगा. हालांकि, राहत की बात यह है कि अस्पतालों और शिक्षण संस्थानों के मेस के लिए सप्लाई को फिलहाल ‘जरूरी सेवाओं’ के तहत जारी रखा गया है.
जानकारों का मानना है कि दिल्ली के लिए इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड का पीएनजी कनेक्शन सबसे सुरक्षित विकल्प है. हालांकि, दिल्ली की तंग गलियों में पाइपलाइन का विस्तार न होना अभी भी एक बड़ी बाधा है. फिलहाल, व्यापारियों की नजरें पेट्रोलियम मंत्रालय के अगले कदम पर टिकी हैं.
केजरीवाल ने सरकार पर साधा निशाना
केजरीवाल ने एक्स पर पर लिखा,
“देश भर में, शैक्षणिक संस्थानों और अस्पतालों को छोड़कर, बाक़ी सभी कमर्शियल संस्थानों को LPG गैस की सप्लाई बंद कर दी गई है। केवल घरेलू उपयोग के लिए गैस दी जाएगी। आने वाले दिनों में गैस और तेल की स्थिति और खराब होने के आसार हैं। मोदी जी अपनी किन्हीं मजबूरियों के चलते ट्रम्प के सामने नतमस्तक हैं। क्या आज देश उसी की सज़ा भुगत रहा है?”



