
संवाददाता
नई दिल्ली। राजनीति में जिस पार्टी के पास जितना ज्यादा फंड होता है, वह उतनी ही मजबूत मानी जाती है। ये फंड चुनावी अभियान चलाने समेत कई जरूरतें पूरी करने में मदद करते हैं। दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी मानी जाने वाली बीजेपी कमाई के मामले में सबसे आगे हैं।
एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (एडीआर) की ओर से 6 राष्ट्रीय पार्टियों की इनकम-खर्च की रिपोर्ट जारी की गई है। इन सियासी दलों में बीजेपी, कांग्रेस, बसपा,सीपीआई (एम), आम आदमी पार्टी और नेशनल पीपुल्स पार्टी शामिल हैं।
रिपोर्ट के अनुसार इन सभी पार्टियों में भाजपा की आय सबसे ज्यादा 6769.1498 करोड़ है। यह राशि अन्य 5 पार्टियों से कई गुना अधिक है। भाजपा ने अपनी आय में से 3774.582 करोड़ ही यानी करीब 55.76 फीसदी खर्च किया है। इसी कड़ी में कांग्रेस ने अपनी कमाई 918.2865 करोड़ बताई है। जबकि 1111.9496 करोड़ खर्च कर दिए। यानी कुल आय से 193 करोड़ ज्यादा (21.09 फीसदी) खर्च कर दिए।
रिपोर्ट के मुताबिक सीपीआई(एम) ने इस वित्तीय वर्ष (2024-25 के दौरान) अपनी आय 172.603 करोड़ बताई है। जबकि पार्टी ने इनमें से 173.8649 करोड़ खर्च कर दिए। पार्टी ने अपनी आय से 1.2619 करोड़ (0.73%) ज्यादा खर्च कर दिए। वहीं बीएसपी की कुल कमाई 58.5887 करोड़ रही। पार्टी ने 106.3081 करोड़ खर्च किए। यह कुल आय का 47.7194 करोड़ (81.45 फीसदी) ज्यादा रहा।
एडीआर की रिपोर्ट के अनुसार आम आदमी पार्टी की कुल आय 39.2813 करोड़ रही। इनमें से पार्टी ने 36.4639 करोड़ खर्च किए। यह कुल कमाई का 7.17% कम रहा। एनपीईपी की आय 2.1898 करोड़ रही। इसमें से 1.1983 करोड़ खर्च किए। यह खर्च कुल कमाई का 45.28 फीसदी रहा। इस तरह सभी 6 पार्टियों ने कुल 7960 करोड़ की कमाई की। इसमें भाजपा ने अकेले 85 फीसदी तक कमाई कर डाली।
कमाई के मामले में भाजपा पहले स्थान पर, कांग्रेस दूसरे, सीपीआई(एम) तीसरे, बीएसपी चौथे, आप पांचवें जबकि एनपीईपी छठवें स्थान पर है। सभी दलों में कांग्रेस की आय की हिस्सेदारी 11.53 फीसदी है।
वित्तीय वर्ष 2023-24 की तुलना में भाजपा ने पिछली बार से इस बार 55.95 फीसदी ज्यादा कमाई की है। पार्टी ने पिछली बार से 4.967 करोड़ ज्यादा कमाए.
कांग्रेस की आय में पिछली बार से 25.05 फीसदी की गिरावट देखी गई। इस पार्टी ने पिछली बार से 306.83 करोड़ की कम कमाई की। जबकि बसपा ने 6.1911 करोड़ रुपये की कम कमाई की। वहीं आम आदमी पार्टी ने पिछली बार से 16.60 करोड़ ज्यादा हासिल किए।
रिपोर्ट के मुताबिक राजनीतिक दलों की कमाई मुख्य स्रोत चंदा रहा। कांग्रेस ने चंदे के अलावा कूपन बेचकर भी अच्छी कमाई की। इससे पार्टी को करीब 350.05 करोड़ रुपये मिले।
चुनाव आयोग ने सभी राष्ट्रीय राजनीतिक पार्टियों को 31 अक्टूबर 2025 तक ऑडिट रिपोर्ट जमा करने के निर्देश दिए थे। लेकिन भाजपा, कांग्रेस और सीपीआई एम ने देरी से ये रिपोर्ट चुनाव आयोग में जमा की।



