
संवाददाता
लखनऊ। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के अनुरोध पर महाठग राशिद नसीम को शुक्रवार को दुबई में गिरफ्तार किया गया है। शाइन सिटी ग्रुप का प्रमोटर राशिद नसीम निवेश के नाम पर यूपी समेत कई राज्यों से सैकड़ों करोड़ रुपए ठग कर दुबई भाग गया था।
लखनऊ की विशेष पीएमएलए अदालत ने अप्रैल 2025 में राशिद को भगोड़ा घोषित किया था। राशिद की प्रयागराज और लखनऊ समेत तमाम जिलों में अवैध संपत्तियां जब्त की गई हैं। राशिद नसीम पर 50,000 का ईनाम घोषित किया गया था। अब राशिद को जल्द दुबई से भारत लाया जाएगा।
राशिद नसीम के खिलाफ उत्तर प्रदेश में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने निवेश में धोखाधड़ी के मामले में केस दर्ज किया था। भगोड़े आर्थिक अपराधी राशिद नसीम को संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में गिरफ्तार कर लिया गया है।
अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। लखनऊ की विशेष धन शोधन रोकथाम अधिनियम (पीएमएलए) अदालत ने पिछले वर्ष अप्रैल में रियल एस्टेट फर्म शाइन सिटी समूह के प्रवर्तक नसीम को भगोड़ा आर्थिक अपराधी अधिनियम (एफईओए) के तहत अपराधी घोषित किया था। यह जांच धनशोधन रोकथाम के एक मामले से संबंधित है।
नसीम और लखनऊ की शाइन सिटी समूह की कंपनियों के खिलाफ उत्तर प्रदेश पुलिस के दर्ज 554 मामलों का संज्ञान लेने के बाद ईडी ने इस मामले में जांच शुरू की थी। उन्होंने आरोप लगाया कि धोखाधड़ी वाली रियल एस्टेट योजनाओं और ‘मल्टी-लेवल मार्केटिंग’ के माध्यम से उच्च मुनाफे के वादे के साथ 800-1000 करोड़ रुपये की धनराशि एकत्र की गई।
अधिकारियों ने बताया कि जनवरी 2026 में प्रवर्तन निदेशालय के अधिकारियों ने उसके खिलाफ यूएई के अधिकारियों को एक डोजियर सौंपा था। अधिकारियों ने कहा कि इस फाइल में भारत में उसके खिलाफ चलाई गई पीएमएलए और एफईओए की कार्यवाही का विवरण था।
इससे पहले जारी एक बयान में एजेंसी ने कहा था कि नसीम ने ‘जानबूझकर’ जांच से बचने की कोशिश की और समन जारी होने के बावजूद पेश नहीं हुआ, तथा अंततः वह नेपाल के रास्ते भारत से भाग गया और दुबई में रह रहा है। दिसंबर 2025 में, लखनऊ की अदालत ने नसीम के खिलाफ एफईओए की कार्यवाही के तहत उसकी 127.98 करोड़ रुपये की संपत्ति को कुर्क करने का भी आदेश दिया था।



