
संवाददाता
न्यूरेमबर्ग। उत्तर प्रदेश वैश्विक मंच पर लगातार अपनी पहचान मजबूत कर रहा है। इसी क्रम में उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के नेतृत्व में राज्य का प्रतिनिधिमंडल जर्मनी के न्यूरेमबर्ग स्थित रेलवन जीएमबीएच के अत्याधुनिक विनिर्माण संयंत्र के दौरे पर पहुंचा।
उप मुख्यमंत्री के साथ सूचना प्रौद्योगिकी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स मंत्री सुनील शर्मा और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे। प्रतिनिधिमंडल ने संयंत्र में रेल ट्रैक और कंक्रीट स्लीपरों के उत्पादन की उन्नत तकनीकी प्रक्रियाओं का विस्तृत निरीक्षण किया।
विशेषज्ञों से संवाद करते हुए उप मुख्यमंत्री व आईटी मंत्री ने रेल अवसंरचना व गुणवत्ता मानकों में वैश्विक सर्वोत्तम तौर-तरीकों की जानकारी प्राप्त की। प्रतिनिधिमंडल ने रेलवन के अधिकारियों के साथ संभावित तकनीकी सहयोग और निवेश के अवसरों पर विचार-विमर्श किया। चर्चा में रेलवे ट्रैक निर्माण की नवीनतम सामग्रियां, उत्पादन दक्षता तथा रेल अवसंरचना को और टिकाऊ बनाने के तरीकों पर फोकस रहा। जर्मनी जैसे देशों से तकनीकी सहयोग हमारे औद्योगिक विकास के नए अध्याय लिखेगा।

कंपनी के प्रतिनिधियों ने अपने प्लेटफॉर्म और तकनीकी क्षमताओं के बारे में बताया। उनके ड्रोन और हवाई निगरानी तकनीक की परिचालन सीमा लगभग 160 किलोमीटर तक है और यह तकनीक जर्मनी और स्पेन की सशस्त्र सेनाओं द्वारा भी उपयोग की जा रही है। बैठक में दोनों पक्षों ने ड्रोन मैन्युफैक्चरिंग, अनुसंधान एवं विकास (R&D) केंद्र को उत्तर प्रदेश में स्थापित करने के संभावित अवसरों पर चर्चा की।

उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और इलेक्ट्रॉनिक एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री सुनील कुमार शर्मा के नेतृत्व में प्रदेश का प्रतिनिधिमंडल जर्मनी में कई तकनीकी और औद्योगिक बैठकों में शामिल हुआ। मंगलवार को प्रतिनिधिमंडल ने जर्मन-इजराइल की अग्रणी कंपनी क्वांटम सिस्टम जीएमबीएच से मुलाकात की, जो मानवरहित और ड्रोन आधारित प्रणालियों में विशेषज्ञ है।

प्रतिनिधिमंडल ने रेलवन के निशांत मित्तल व अन्य अधिकारियों से मुलाकात कर तकनीकी जानकारी ली। उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य व आईटी/इलेक्ट्रॉनिक मंत्री सुनील कुमार शर्मा के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश प्रतिनिधिमंडल ने जर्मनी के प्रतिष्ठित न्यूरेंबर्ग किले का दौरा किया।

प्रतिनिधिमंडल ने ऐतिहासिक किला परिसर का भ्रमण किया, इसकी मध्ययुगीन वास्तुकला की सराहना की, और इसके संरक्षण एवं आगंतुक प्रबंधन प्रणालियों का अवलोकन किया। यह दौरा वैश्विक संपर्क, सांस्कृतिक प्रशंसा, और ज्ञान के आदान-प्रदान में उत्तर प्रदेश की निरंतर भागीदारी को रेखांकित करता है।



