
संवाददाता
नई दिल्ली । देश की प्रमुख विमानन कंपनी एयर इंडिया ने दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे (IGI) के टर्मिनल 3 पर अपने पहले फ्लैगशिप ‘महाराजा लाउंज’ सेवा की शुरुआत की है. 16,000 वर्ग फुट में फैला यह लाउंज न केवल यात्रियों को विश्वस्तरीय सुविधाएं प्रदान करेगा, बल्कि दिल्ली को एक वैश्विक पर्यटन हब के रूप में नई पहचान भी दिलाएगा.
विरासत और आधुनिकता का अनूठा संगम
मशहूर ग्लोबल डिजाइन स्टूडियो हर्श बेडनर एसोसिएट्स द्वारा तैयार किया गया यह लाउंज भारतीय संस्कृति और आधुनिक विलासिता का नमूना है. लाउंज में कदम रखते ही यात्रियों का स्वागत 256 वर्ग फुट की एक विशाल डिजिटल स्क्रीन द्वारा किया जाता है. लाउंज के डिजाइन में एयर इंडिया के नए ब्रांड लोगो ‘विस्टा’ की झलक साफ दिखाई देती है. यहां लगी कलाकृतियां भारत की समृद्ध विरासत की कहानियां बयां करती हैं. इस लाउंज को दो प्रमुख हिस्सों में बांटा गया है. ‘बिजनेस क्लास’ और ‘फर्स्ट क्लास’. कुल 300 मेहमानों की क्षमता वाला यह लाउंज अंतर्राष्ट्रीय यात्रियों को उड़ान से पहले विश्राम का एक शाही अनुभव प्रदान करता है.
खान-पान: बेवरेज ऑन व्हील्स और शाही चाय
महाराजा लाउंज में खान-पान का अनुभव भी बेहद खास है. यहां लाइव कुकिंग स्टेशन के साथ-साथ भारतीय और अंतर्राष्ट्रीय व्यंजनों की लंबी फेहरिस्त है. विशेष ‘बेवरेज ऑन व्हील्स’ सेवा के जरिए मेहमानों को उनकी सीट पर ही पसंदीदा कॉकटेल परोसी जाती है. इसके अलावा, भारतीय संस्कृति के अभिन्न अंग चाय को सम्मान देने के लिए एक विशेष ‘टी प्रोग्राम’ शुरू किया गया है, जिसमें एक कलात्मक ट्रॉली पर ताजी ब्रूड चाय और स्नैक्स परोसे जाते हैं. समय की कमी वाले यात्रियों के लिए ‘क्विक बाइट’ स्टेशन भी बनाए गए हैं, जहां से सैंडविच, सलाद और स्मूदी जैसे पैक किए गए आहार तुरंत लिए जा सकते हैं.

प्रवेश के नियम: किसे मिलेगा मौका
लाउंज में प्रवेश के लिए कड़े मानक तय किए गए हैं. एयर इंडिया के मुताबिक वर्तमान में भुगतान के आधार पर प्रवेश की सुविधा नहीं है. यह सुविधा केवल एयर इंडिया के अंतर्राष्ट्रीय फर्स्ट और बिजनेस क्लास के यात्री, महाराजा क्लब के गोल्ड और प्लैटिनम टियर सदस्य और स्टार अलायंस के गोल्ड सदस्य (जो अंतर्राष्ट्रीय यात्रा कर रहे हों) उन यात्रियों के लिए आरक्षित है.
विशेषज्ञों का मानना है कि इस स्तर के लाउंज की शुरुआत से भारत में ‘लक्जरी टूरिज्म’ को बढ़ावा मिलेगा. जब विदेशी पर्यटक या बिजनेस लीडर्स दिल्ली आएंगे, तो उन्हें एयरपोर्ट पर ही विश्वस्तरीय सुविधाएं मिलेंगी, जिससे देश की छवि बेहतर होगी. यह कदम सरकार के ‘मेक इन इंडिया’ और पर्यटन विकास के लक्ष्यों के भी अनुरूप है.

प्रमुख आकर्षण: जो बनाते हैं इसे खास
एविएटर्स बार
यह बार केवल मदिरा प्रेमियों के लिए नहीं, बल्कि इतिहास प्रेमियों के लिए भी आकर्षण का केंद्र है. इसकी छत को 1932 में जेआरडी टाटा की कराची से बॉम्बे की ऐतिहासिक उड़ान की याद में ‘पुस मोथ’ विमान के प्रोपेलर के आकार में डिजाइन किया गया है.
क्रिस्टल बार और स्लीप सुइट्स
फर्स्ट क्लास यात्रियों के लिए बना ‘क्रिस्टल बार’ अपनी चमक और डिजाइन से किसी का भी मन मोह सकता है. वहीं, लंबी दूरी की यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए विशेष ‘स्लीप सुइट्स’ बनाए गए हैं, जहां वे उड़ान से पहले तरोताजा होने के लिए गहरी नींद ले सकते हैं.
ग्लोबट्रोटर्स स्टडी
पठन-पाठन के शौकीनों और बिजनेस प्रोफेशनल्स के लिए यह एक शांत कोना है. यहां किताबों का शानदार संग्रह और हाई-स्पीड इंटरनेट की सुविधा उपलब्ध है.
रनवे का नजारा
फर्स्ट क्लास डाइनिंग एरिया से यात्री सीधे रनवे पर विमानों की आवाजाही देख सकते हैं. प्लेन-स्पॉटर्स के लिए यह किसी तोहफे से कम नहीं है.



