
संवाददाता
देहरादून। उत्तराखंड की नौकरशाही में देर शाम बड़ा प्रशासनिक री-शफल देखने को मिला है। उत्तराखंड सरकार ने देर शाम प्रशासनिक महकमे में बड़ा कदम उठाते हुए आईएएस-पीसीएस समेत 11 अधिकारियों के तबादले कर दिए। इस सूची में एक जिलाधिकारी का बदलाव भी शामिल है। आदेश जारी होते ही शासन-प्रशासन के गलियारों में हलचल तेज हो गई है और नई जिम्मेदारियों के मुताबिक अफसरों की तैनाती शुरू हो गई है। जारी आदेश के अनुसार रुद्रप्रयाग के डीएम प्रतीक जैन को गढ़वाल मंडल विकास निगम (GMVN) का प्रबंध निदेशक बनाया गया है। वहीं आईएएस विशाल मिश्रा को रुद्रप्रयाग का नया जिलाधिकारी नियुक्त किया गया है। इसके साथ ही प्रतीक जैन को निगम के एमडी पद के अलावा जल जीवन मिशन के मिशन निदेशक और नमामि गंगे के परियोजना निदेशक की अतिरिक्त जिम्मेदारी भी सौंपी गई है।
कई विभागों में बदली गई जिम्मेदारियां
तबादला सूची में अलग-अलग विभागों में भी अहम फेरबदल किए गए हैं –
- संजय कुमार को निदेशक सेवायोजन का अतिरिक्त प्रभार मिला है।
- एमडी सिडकुल डॉ. सौरभ गहरवार को अपर सचिव उद्योग की अतिरिक्त जिम्मेदारी दी गई है।
- नरेंद्र सिंह भंडारी को अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी, पर्यटन बनाया गया है।
- विनोद गिरी गोस्वामी को अपर सचिव आवास के साथ मुख्य कार्यपालक अधिकारी, भागीरथी नदी घाटी विकास प्राधिकरण नियुक्त किया गया है।
- गिरधारी सिंह रावत को अपर सचिव अल्पसंख्यक कल्याण,
- सुरेश जोशी को अपर सचिव जनगणना,
- कवीन्द्र सिंह को अपर सचिव कार्यक्रम क्रियान्वयन विभाग की जिम्मेदारी दी गई है।
- त्रिलोक सिंह को एमडी शुगर मिल बनाया गया है।
हल्द्वानी सिटी मजिस्ट्रेट की कुर्सी पर बाजपेयी की वापसी
हल्द्वानी में भी महत्वपूर्ण प्रशासनिक फैसला हुआ है। लंबे समय तक सिटी मजिस्ट्रेट रहे अब्ज प्रसाद बाजपेयी को एक बार फिर हल्द्वानी का सिटी मजिस्ट्रेट बनाया गया है। कुछ माह पहले उनके तबादले के बाद गोपाल चौहान को यह जिम्मेदारी दी गई थी, लेकिन अब शासन ने फिर से बाजपेयी को उसी पद पर तैनात कर दिया है। वहीं कमलेश मेहता को एसडीएम टिहरी नियुक्त किया गया है। गौरतलब है कि उत्तराखंड में इससे पहले अक्तूबर में भी व्यापक प्रशासनिक फेरबदल किया गया था। तब सरकार ने 22 आईएएस और 21 पीसीएस अधिकारियों के तबादले किए थे, जिनमें पांच जिलों के डीएम सहित कई एडीएम-एसडीएम भी शामिल थे। अब ताजा सूची में 11 अधिकारियों के तबादले ने फिर से प्रशासनिक गलियारों में चर्चा तेज कर दी है।



