
संवाददाता
आजमगढ़ । मौलाना शम्सुल हुदा खान, जो कि ब्रिटिश नागरिक हैं, उनके खिलाफ भारतीय प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने गंभीर आरोपों के तहत छापेमारी की है। यह मामला शुरू हुआ था जब यह सामने आया कि उन्होंने 2017 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में वोट डाला, जबकि वे 2013 में ब्रिटिश नागरिक बन चुके थे। यह भारत में चुनाव कानून का उल्लंघन है, क्योंकि केवल भारतीय नागरिक ही वोट डाल सकते हैं।
विदेशी नागरिक होने के बावजूद सरकारी वेतन और पेंशन का लाभ उठाया
इसके अलावा, खान पर आरोप हैं कि उन्होंने विदेशी नागरिक होने के बावजूद सरकारी वेतन और पेंशन का लाभ उठाया। ईडी को संदेह है कि उन्होंने कई संपत्तियों और बैंक खातों में अवैध लेनदेन किया और एनजीओ के माध्यम से धन शोधन किया। जांच में संत कबीर नगर और आजमगढ़ में उनके ठिकानों पर दस्तावेज जब्त किए गए, जिसमें बैंक रिकॉर्ड, संपत्ति से जुड़े कागजात और वित्तीय लेनदेन शामिल हैं।
किस तरह से विदेशी फंड और अन्य संसाधनों का इस्तेमाल किया
जांच एजेंसी यह भी देख रही है कि खान ने किस तरह से विदेशी फंड और अन्य संसाधनों का इस्तेमाल किया। ईडी की जांच अभी चल रही है, और इसे प्रीवेंशन आफ मनी लांड्रिंग एक्ट (पीएमएलए) के तहत आगे बढ़ाया जा रहा है। संक्षेप में, यह मामला चुनावी धोखाधड़ी, मनी लॉन्ड्रिंग और जालसाजी के संयोजन का उदाहरण है, जिसमें विदेशी नागरिक होने और सरकारी लाभ लेने के बीच कानूनी गड़बड़ी सामने आई



