
संवाददाता
नई दिल्ली। देश की राजधानी दिल्ली में सिस्टम की लापरवाही की एक दर्दनाक तस्वीर सामने आई हैं। जहां शुक्रवार, 6 फरवरी की सुबह करीब 8:03 के पश्चिमी इलाके जनकपुरी में दिल्ली जल बोर्ड (DJB) द्वारा खोदे गए एक गहरे गड्ढे में बाइक सहित गिरने से 25 वर्षीय युवक की मौत हो गई।
मृतक की पहचान कमल ध्यानी के रूप में हुई है, जो एक निजी बैंक में काम करता था। इस हादसे के बाद सिस्टम की लापरवाही पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
दिल्ली पुलिस के अनुसार, शुक्रवार सुबह करीब 8:03 बजे पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना मिली कि जोगिंदर सिंह मार्ग पर एक 20 फीट गहरे गड्ढे में एक युवक और उसकी मोटरसाइकिल पड़ी है। यह गड्ढा दिल्ली जल बोर्ड द्वारा पाइपलाइन या अन्य कार्य के लिए खोदा गया था। सूचना मिलते ही पुलिस और दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंची। करीब 8:30 बजे युवक और उसकी बाइक को गड्ढे से बाहर निकाला गया। इसके बाद युवक को नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
संयुक्त पुलिस आयुक्त (पश्चिमी रेंज) जतिन नरवाल ने बताया कि मृतक की पहचान कमल ध्यानी, निवासी विकासपुरी, पश्चिमी दिल्ली के रूप में हुई है। वह रोहिणी स्थित एक निजी बैंक में कार्यरत था। पुलिस के मुताबिक, कमल ध्यानी ने गुरुवार, 5 फरवरी की रात करीब 11:30 बजे आखिरी बार अपने परिवार से बात की थी और बताया था कि वह मोटरसाइकिल से घर लौट रहा है। लेकिन देर रात तक जब वह घर नहीं पहुंचा और फोन भी बंद आने लगा, तो करीब 12:30 बजे परिजन विकासपुरी थाने पहुंचे और गुमशुदगी की सूचना दी। इसके बाद जनकपुरी थाना पुलिस ने युवक के मोबाइल फोन की लोकेशन ट्रेस की, जो जनकपुरी डिस्ट्रिक्ट सेंटर के पास दिखाई दे रही थी। पुलिसकर्मी और मृतक का भाई पूरी रात तलाश करते रहे, लेकिन उसका कोई पता नहीं चला।
शुक्रवार सुबह गड्ढे में शव मिलने से पूरे मामले का खुलासा हुआ। दिल्ली सरकार ने दिए जांच के आदेश पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया है। साथ ही यह जांच की जा रही है कि गड्ढे के आसपास पर्याप्त बैरिकेडिंग और चेतावनी संकेत लगाए गए थे या नहीं। हादसे के बाद दिल्ली सरकार ने भी मामले का संज्ञान लिया है। दिल्ली के गृह, शिक्षा, बिजली और शहरी विकास मंत्री आशीष सूद ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए कहा, “दिल्ली जल बोर्ड के कार्य के दौरान खोदे गए गड्ढे में गिरने से एक युवक की मौत बेहद दुखद है। मैं खुद मौके पर गया और मृतक के परिजनों से मिला। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता जी और पूरी सरकार इस दुख की घड़ी में परिवार के साथ खड़ी है। इस घटना की जांच के आदेश दे दिए गए हैं और दोषियों को सख्त सजा दी जाएगी।” राजनीतिक बयानबाजी तेज इस हादसे को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आई हैं।
आम आदमी पार्टी (AAP) के नेता और पूर्व विधायक सौरभ भारद्वाज ने दिल्ली सरकार पर लापरवाही का आरोप लगाया। उन्होंने X पर लिखा, यह हादसा पहले से तय था। शिकायतों के बावजूद इस मौत के जाल को ठीक से बैरिकेड नहीं किया गया। उस परिवार के बारे में सोचिए, जो पूरी रात अपने बेटे के लौटने का इंतजार करता रहा। अब वे जिंदगी भर इंतजार करेंगे। सबसे बड़ा सवाल: कौन है इसका जिम्मेदार? यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब कुछ हफ्ते पहले ही नोएडा सेक्टर-150 में एक 27 वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर की मौत हो गई थी। उसकी कार एक निर्माणाधीन स्थल के पास पानी से भरे गड्ढे में गिर गई थी। इस घटना ने एक बार फिर दिल्ली में निर्माण कार्यों के दौरान सुरक्षा इंतजामों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। खुले गड्ढे, बिना बैरिकेडिंग और चेतावनी बोर्ड के काम आम लोगों की जान पर भारी पड़ रहे हैं। अब देखना यह होगा कि जांच में क्या सामने आता है और क्या इस हादसे के बाद जिम्मेदार अधिकारियों पर कोई ठोस कार्रवाई होती है या नहीं।



