
संवाददाता
नई दिल्ली। बजट आते ही सबसे पहले लोगों की नजर इस पर जाती है कि क्या महंगा हुआ और क्या सस्ता हुआ. खासकर शराब और सिगरेट जैसे उत्पादों को लेकर चर्चाएं तेज हो जाती हैं. इस बार भी कुछ ऐसा ही हुआ है. बजट 2026 में किए गए टैक्स बदलावों के बाद शराब की कीमतों में बढ़ोतरी तय मानी जा रही है. सवाल यही है कि अब 1000 रुपये वाली बोतल कितने की मिलेगी और आम आदमी की जेब पर इसका कितना असर पड़ेगा?
बजट 2026 और महंगाई की नई तस्वीर
वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने आज लोकसभा में अपना लगातार नौवां बजट पेश किया. बजट 2026 में कई चीजों के दाम घटे हैं तो कई चीजें महंगी भी हुई हैं. इन्हीं में शराब और सिगरेट जैसे उत्पाद भी शामिल हैं. बजट में किए गए टैक्स और शुल्क से जुड़े बदलावों के कारण शराब की कीमतों में बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है. देश में शराब पीने वालों की संख्या काफी ज्यादा है, ऐसे में इस फैसले का असर बड़े स्तर पर महसूस किया जाएगा.
शराब क्यों हुई महंगी?
शराब पर लगने वाला टैक्स राज्यों के अधिकार क्षेत्र में आता है, लेकिन बजट में टैक्स कलेक्शन और अन्य शुल्कों से जुड़े फैसलों का असर इसकी कीमत पर पड़ता है. बजट 2026-27 में शराब स्क्रैप और खनिजों की बिक्री पर टैक्स कलेक्टेड एट सोर्स यानी टीसीएस की दर को 1 प्रतिशत से बढ़ाकर 2 प्रतिशत कर दिया गया है. इसके अलावा राज्यों द्वारा एक्साइज ड्यूटी में बदलाव किए जाने की संभावना भी रहती है, जिससे खुदरा दाम बढ़ जाते हैं
अब 1000 रुपये वाली बोतल कितने की पड़ेगी?
अगर सीधे शब्दों में समझें तो 1000 रुपये की शराब की बोतल अब हर राज्य में एक जैसी कीमत पर नहीं मिलेगी. टैक्स और एक्साइज ड्यूटी राज्य सरकारें तय करती हैं, इसलिए कहीं 50 से 100 रुपये तक बढ़ोतरी हो सकती है, तो कहीं इससे ज्यादा भी. यानी जो बोतल पहले 1000 रुपये में मिलती थी, वह अब लगभग 1050 से 1100 रुपये या उससे अधिक कीमत पर बिक सकती है. हालांकि अंतिम कीमत राज्य के नियमों पर निर्भर करेगी.
शराब के शौकीनों की जेब पर असर
देश में शराब पीने वालों की संख्या बड़ी है. ऐसे में कीमत बढ़ने का सीधा असर ग्राहकों की जेब पर पड़ेगा. जो लोग नियमित तौर पर शराब खरीदते हैं, उनके मासिक खर्च में बढ़ोतरी होना तय है. जानकारों का कहना है कि अगर शराब की खपत में बड़ी गिरावट नहीं आती, तो सरकार के राजस्व में भी बढ़ोतरी होगी, क्योंकि टैक्स से मिलने वाली आय बढ़ेगी.
सिगरेट और तंबाकू भी हुए महंगे
बजट 2026 में सिर्फ शराब ही नहीं, बल्कि सिगरेट और तंबाकू उत्पाद भी महंगे हो गए हैं. सिगरेट पर टैक्स और एक्साइज ड्यूटी बढ़ा दी गई है. नए नियमों के तहत सिगरेट पर करीब 40 प्रतिशत जीएसटी के साथ अतिरिक्त सेस और एक्साइज शुल्क लगाया जा रहा है. इसके अलावा प्रति स्टिक शुल्क भी लागू किया गया है. इसका सीधा असर यह होगा कि सिगरेट पीने वालों को पहले से ज्यादा पैसे चुकाने होंगे.
बीड़ी सस्ती, लेकिन सिगरेट महंगी
जहां सिगरेट और तंबाकू उत्पादों की कीमतें बढ़ी हैं, वहीं बीड़ी की कीमतों में अपेक्षाकृत राहत दी गई है. इसका मकसद छोटे स्तर पर जुड़े कामगारों और उद्योग को नुकसान से बचाना माना जा रहा है. हालांकि स्वास्थ्य विशेषज्ञ लगातार यह सलाह देते रहे हैं कि किसी भी तरह का तंबाकू स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक है.



