
संवाददाता
नई दिल्ली । केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए देश का बजट पेश किया. केंद्रीय बजट 2026 में कैंसर की 17 दवाओं के साथ बैटरी और विमानों के ईंधन पर कस्टम ड्यूटी कम करने की घोषणा की गई है. साथ ही विदेश यात्रा, शिक्षा और चिकित्सा के लिए टीसीएस दर कम की गई है. वहीं, विदेशी नागरिकों को भारत के बाहर से होने वाली आय पर टैक्स में राहत दी गई है.
सरकार की तरफ से बजट में की गई घोषणाओं से जहां कुछ वस्तुएं सस्ती होंगी, वहीं, शराब और अन्य वस्तुएं महंगी हो जाएंगी. बजट भाषण में सीतारमण ने कहा कि स्पोर्ट्स का सामान और सस्ता होगा. डायबिटीज और कैंसर के इलाज की दवाएं सस्ती हो जाएंगी.
ये वस्तुएं होंगी सस्ती
- कैंसर की 17 दवाएं सस्ती होंगी
- चमड़े के सामान सस्ते होंगे
- मोबाइल फोन और EV बैटरी सस्ती होंगी
- माइक्रोवेव ओवन सस्ता होगा
- सोलर पैनल सस्ते होंगे
- विदेशी पर्यटन पैकेज: TCS (Tax Collected at Source) दर 5–20% से घटाकर 2% किया गया
- विदेश में शिक्षा: LRS के तहत एजुकेशन खर्च पर कम TDS
- जूते के ऊपरी हिस्से का निर्यात पर ड्यूटी-फ्री इंपोर्ट की अनुमति
- एनर्जी ट्रांजिशन इक्विपमेंट पर बेसिक कस्टम ड्यूटी (BCD) से छूट
- सोलर ग्लास इंग्रेडिएंट्स पर BCD से छूट
- महत्वपूर्ण मिनरल के लिए कैपिटल गुड्स पर BCD से छूट
- सिविलियन एयरक्राफ्ट मैन्युफैक्चरिंग के लिए कंपोनेंट्स और पार्ट्स पर BCD से छूट
- निजी इस्तेमाल के लिए इंपोर्ट पर BCD 20% से घटाकर 10% किया गया
- भारतीय मछुआरों द्वारा भारतीय जलक्षेत्र में पकड़ी गई मछली पर BCD छूट
- न्यूक्लियर पावर प्रोजेक्ट के लिए इंपोर्ट किए गए सामान पर BCD छूट
- तेंदू पत्ता, शराब स्क्रैप, और कुछ खनिजों पर टीसीएस को 5% से घटाकर 2% किया गया
- बायो-गैस मिश्रित सीएनजी पर एक्साइज ड्यूटी छूट
- कुछ अस्पष्ट आय दंड के लिए टैक्स दर 60% से घटाकर 30% की गई
- मखाना और भुने हुए मेवों पर ड्यूटी 150% से घटाकर 30% की गई
- बादाम और अखरोट पर ड्यूटी में कमी
- बुवाई के लिए बीज और बीजाणु पर BCD 30% से घटाकर 15% किया गया
- फॉस्फोरिक एसिड पर BCD 7.5% से घटाकर 5% किया गया
- सोलर ग्लास केमिकल (सोडियम एंटीमोनेट) पर ड्यूटी घटाकर शून्य की गई
- चमड़ा क्षेत्र (गीला नीला चमड़ा) के लिए शून्य आयात शुल्क
- पेट्रोलियम क्रूड पर ड्यूटी 5% एड वेलोरम से बदलकर 1 रुपये प्रति टन की गई
- टेक्सटाइल और लेदर एक्सपोर्ट के लिए एक्सपोर्ट रियलाइजेशन पीरियड 1 साल तक बढ़ाया गया
क्या महंगा होगा?
- शराब, खनिज, स्क्रैप बिक्री पर TCS 1% से बढ़कर 2% हुआ
- इंडस्ट्रियल सामान, खास मशीनरी और पार्ट्स की कीमतें बढ़ सकती हैं
- आयकर की गलत रिपोर्टिंग पर टैक्स अमाउंट के 100% के बराबर पेनल्टी
- चल संपत्ति का खुलासा न करने पर अब पेनल्टी लगेगी
- स्टॉक ऑप्शन पर सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स (एसटीटी) 0.15% तक बढ़ाया गया
- फ्यूचर ट्रेडिंग पर एसटीटी 0.02% से बढ़ाकर 0.05% किया गया
- छाते और छाते के पुर्जे पर फ्लोर इम्पोर्ट प्राइस शुरू किया गया
- क्रैनबेरी और ब्लूबेरी पर शुल्क क्रमशः 5% और 10% तक बढ़ाया गया
- क्रैनबेरी उत्पाद पर शुल्क में 10% तक वृद्धि
- पोटेशियम हाइड्रॉक्साइड पर शुल्क शून्य से बढ़ाकर 7.5% किया गया
- रेफ्रीजिरेटर कंटेनर पर शुल्क बढ़ाकर 5% किया गया
- चबाने वाले तंबाकू, जर्दा, गुटखा पर एनसीसीडी 25% से बढ़ाकर 60% किया गया
इसके अलावा सरकार बजट में ड्यूटी-फ्री इंपोर्ट लिमिट को 3% तक बढ़ाकर, एक्सपोर्टर्स के लिए प्रोडक्शन कॉस्ट कम कर रही है, जिससे भारतीय सीफूड और टेक्सटाइल को ग्लोबल लेवल पर बढ़ने में मदद मिल रही है.
इंपोर्टेड लेदर से बने फाइनल प्रोडक्ट के एक्सपोर्ट के लिए दी गई समय-सीमा को 6 महीने से बढ़ाकर 1 साल कर दिया गया है, जिससे टैनर्स और मैन्युफैक्चरर्स को ऑपरेशनल तौर पर काफी राहत मिली है.
मोबाइल फोन के अलावा, तैयार सामान पर ड्यूटी ज्यादा रखकर लोकल वैल्यू एडिशन पर जोर बना हुआ है, जबकि घरेलू प्रोडक्शन लाइनों के लिए कैपिटल इक्विपमेंट पर बोझ कम किया जा रहा है.
एथलेटिक पार्टिसिपेशन को बढ़ावा देने के लिए स्पोर्ट्स के सामान ज्यादा सस्ते होंगे.
सरकार ने बजट में पूंजीगत व्यय बढ़ाकर 12.2 लाख करोड़ रुपये कर दिया है. हाई-स्पीड रेल, एमएसएमई, सेमीकंडक्टर, बायोफार्मा और मेडिकल टूरिज्म जैसे क्षेत्रों में निवेश की घोषणाएं की गई हैं. सरकार किसानों के लिए बहुभाषी एआई टूल और छोटे करदाताओं के लिए ऑटोमेटेड प्रक्रिया लागू करेगी.



