
संवाददाता
नई दिल्ली । दिल्ली पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और नए आपराधिक कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन में देश भर में शीर्ष स्थान हासिल किया है। गृह मंत्रालय और राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो द्वारा मॉनिटर किए जाने वाले सीसीटीएन प्रगति डैशबोर्ड पर दिल्ली पुलिस ने अक्टूबर, नवंबर और दिसंबर 2025 के दौरान लगातार तीन महीनों तक 100 प्रतिशत स्कोर के साथ देश में पहला स्थान प्राप्त किया है।
सफलता के मूल्यांकन में कुल 15 प्रमुख पैरामीटर शामिल
इस सफलता के मूल्यांकन में कुल 15 प्रमुख पैरामीटर शामिल हैं, जिनमें सीसीटीएनएस से जुड़े पुलिस स्टेशनों का प्रतिशत, डिजास्टर रिकवरी सेंटर की स्थापना, कोर एप्लीकेशन साफ्टवेयर में डेटा एंट्री, लिगेसी डेटा माइग्रेशन, स्टेट और नेशनल डेटा सेंटर पर डेटा सिंकिंग व रिप्लिकेशन, सीसीटीएनएस-जनरेटेड एफआइआर का कोर्ट में प्रस्तुतिकरण, सिटीजन पोर्टल सेवाएं और स्टेट एम्पावर्ड और आइसीजेएस एपेक्स कमेटियों की बैठकों की नियमितता प्रमुख हैं। जिसे गृह मंत्रालय द्वारा मान्यता मिली है।
प्रगति डैशबोर्ड के तहत पुलिस स्टेशनों की कनेक्टिविटी, डिजास्टर रिकवरी सेंटर की स्थापना, कोर एप्लिकेशन सॉफ्टवेयर में प्रविष्टियां, पुराने डेटा का माइग्रेशन, स्टेट और नेशनल डेटा सेंटर में सिंक्रोनाइजेशन, इलेक्ट्रॉनिक रूप से एफआईआर का न्यायालयों में प्रेषण, नागरिक सेवाएं और आईसीजेएस से जुड़ी बैठकों जैसे मानकों पर राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों का मूल्यांकन किया जाता है।
विशेष पुलिस आयुक्त ने बतायी सफलता की कुंजी
इस उपलब्धि पर पुलिस आयुक्त सतीश गाेलचा ने कहा कि यह रैंकिंग दिल्ली पुलिस की सतत मेहनत, मजबूत डेटा गवर्नेंस और राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस प्लेटफॉर्म के प्रभावी उपयोग का परिणाम है। उनका कहना है कि अपराध और आपराधिक ट्रैकिंग नेटवर्क और सिस्टम और इंटर-ऑपरेबल आपराधिक न्याय प्रणाली के तहत सभी जिलों और इकाइयों ने तय मानकों के अनुसार गुणवत्ता, समयबद्धता और सटीकता के साथ डेटा अपलोड सुनिश्चित किया, जिससे यह सफलता संभव हो सकी।
दिल्ली पुलिस की ताकत टीमवर्क, पेशेवर दक्षता और जवाबदेही-विशेष पुलिस आयुक्त
पुलिस आयुक्त के अनुसार इस उपलब्धि में क्राइम ब्रांच की सीसीटीएमएस टीम की भूमिका अहम रही, जिसने डेटा गुणवत्ता की लगातार निगरानी, जिलों के साथ रियल-टाइम समन्वय, तकनीकी समस्याओं के त्वरित समाधान और फील्ड इकाइयों को नियमित मार्गदर्शन प्रदान किया । साथ ही सभी जिलों के अधिकारियों और कर्मचारियों ने समयसीमा का पालन करते हुए जांच से जुड़े रिकॉर्ड का सही और शीघ्र पालन किया। उन्होंने कहा कि यह सफलता दिल्ली पुलिस की टीमवर्क, पेशेवर दक्षता और जवाबदेही को दर्शाती है। आने वाले समय में भी दिल्ली पुलिस न्याय संहिता के प्रभावी क्रियान्वयन, पारदर्शिता और नागरिक-केंद्रित पुलिसिंग को और मजबूत करने के लिए इसी प्रतिबद्धता के साथ काम करती रहेगी।



