
संवाददाता
नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस ने चालू वर्ष 2026 के शुरूआती महीने में कई बड़े नीतिगत बदलाव किए हैं, जिसमें थाना प्रभारियों के लिए 3 साल की समयसीमा को अब खत्म कर दिया है। साथ ही प्रदर्शन-आधारित कार्यकाल और संवेदनशील पदों पर पुलिसकर्मियों का एक साल में अनिवार्य रोटेशन शामिल को शामिल किया गया है। इसके अलावा गणतंत्र दिवस सुरक्षा के लिए एआई-सक्षम स्मार्ट चश्मों का इस्तेमाल चंद रोज पहले प्रर्दशित हो चुका है। ड्रग्स के खिलाफ जीरो टोलरेंस की नीति भी लागू की गई।
दिल्ली पुलिस ने जनवरी महीने में कई नए नीतिगत बदलावों को लागू किया है। जिसके तहत थाना प्रभारियों का कार्यकाल अब S 3 साल तक सीमित नहीं रहेगा। अब खराब प्रदर्शन करने वालों को जल्द हटाया जा सकता है और अच्छे काम करने वालों को लंबे समय तक तैनात रखा जा सकता है।
पुलिस स्टेशनों में चिट्ठा मुंशी, ड्यूटी ऑफिसर और ट्रैफिक/बटालियन के संवेदनशील पदों पर कोई भी पुलिसकर्मी 1 साल से ज्यादा नहीं रहेगा। इसका उद्देश्य पारदर्शिता और निष्पक्षता बनाए रखना है।
इस साल 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस की सुरक्षा में दिल्ली पुलिस ने 65,000 अपराधियों के डेटाबेस से जुड़े एआई-सक्षम स्मार्ट चश्मों और चेहरे की पहचान करने वाली (एफआरएस) कैमरों का उपयोग किया है।
ज़ीरो टॉलरेंस पॉलिसी के तहत ऑपरेशन कवच के माध्यम से पुलिस सख्त कदम उठा रही है। नशीले पदार्थो का बरामद करने व उन्हें नष्ट करने के लिए अभियान लगातार चलाए रखने के निर्देश दिए गए हैं।
इसके अलावा ‘आंखें और कान’ योजना, ‘नौकर सत्यापन’, और ‘किरायेदार सत्यापन’ अभियान जोर शोर से चलाने पर बल दिया गया है, क्योंकि शहर में गुमनामी को बड़ी चुनौती माना जा रहा है।
साल के शुरूआती महीने में पुलिस आयुक्त सतीश गाेलचा ने प्रदर्शन को प्राथमिकता देते हुए 105 जवानों को समय से पहले पदोन्नति का तोहफा दिया है।
ये बदलाव दिल्ली पुलिस की कार्यशैली में अधिक पारदर्शिता, जवाबदेही और तकनीकी उपयोग को बढ़ावा देने के लिए किए गए हैं।



