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बारामती में विमान हादसे में महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री अजित पवार का निधन, 6 अन्य लाेगाें की भी माैत

महाराष्ट्र सरकार ने राज्य में तीन दिन के राजकीय शौक की घोषणा की

संवाददाता

मुंबई। महाराष्ट्र में विमान हादसे में राज्य के डिप्टी सीएम अजित पवार के निधन का निधन हो गया है. बता दें कि पुणे जिले के बारामती में बुधवार सुबह उपमुख्यमंत्री और एनसीपी (NCP) प्रमुख अजित पवार का विमान लैंडिंग के समय हादसे का शिकार हो गया. इस विमान में अजित पवार समेत अन्य 6 लोगों की भी मौत हो गई है. उनका परिवार दुर्घटनास्थल पर पहुंच गया है और मौके पर पहुंचे अधिकारी राहत और बचाव कार्य में जुटे हैं. महाराष्ट्र सरकार ने राज्य में तीन दिन के राजकीय शौक की घोषणा की है.

अजित पवार के निधन पर PM मोदी ने दुख व्यक्त

अजित पवार के निधन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गहरा दुख व्यक्त किया है. जानकारी के अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से इस हादसे की जानकारी ली थी. प्रधानमंत्री मोदी ने एक्स पर एक पोस्ट के माध्यम से अजित पवार को जननेता बताते हुए श्रद्धांजलि दी. उन्होंने कहा कि अजित पवार लोगों से गहराई से जुड़े हुए थे और उनकी जमीनी स्तर पर मजबूत पकड़ थी. प्रधानमंत्री ने उनके मेहनती स्वभाव और जनता की सेवा के प्रति उनकी प्रतिबद्धता की सराहना की.

चाचा शरद के साथ राजनीति के गुर सीखे, फिर महाराष्ट्र की राजनीति के ‘दादा’ बने अजित पवार

महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के नेता अजित पवार का बारामती में एक विमान हादसे में निधन हो गया. वह बारामती में जिला परिषद चुनाव के प्रचार के लिए पहुंच रहे थे. हालांकि लैंडिंग के दौरान उनका प्लेन क्रैश हो गया. प्लेन में कुल 6 लोग सवार थे. हादसे में गंभीर रूप से घायल अजित गंभीर का निधन हो गया. यह हादसा आज बुधवार सुबह 8.45 बजे हुआ.

चाचा शरद पवार के साथ राजनीतिक पारी का ककहरा सीखने के बाद अजित पवार पिछले 4 दशक से भी अधिक समय से महाराष्ट्र की राजनीति का अहम चेहरा बने रहे. वह राज्य के 8वें उपमुख्यमंत्री थे और उन्होंने अलग-अलग सरकारों में मंत्री के रूप में भी काम किया.

हालांकि राजनीतिक परिस्थितियों की वजह से अजित साल 2022 में अपने चाचा शरद के खिलाफ चले गए और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी 2 हिस्से में बंट गई, लेकिन राजनीतिक के इतर वह हमेशा अपने चाचा के संपर्क में रहे और लगातार मिलते रहे. हाल में खत्म हुए स्थानीय निकाय चुनाव में चाचा-भतीजे पुणे नगर निगम में साथ आए और मिलकर चुनाव लड़ा था.

पहले लोकसभा फिर विधानसभा का सफर

अपने समर्थकों के बीच दादा के नाम से पुकारे जाने वाले, अजित पवार ने 1980 के दशक में चाचा शरद की छत्रछाया में राजनीति में कदम रखा था. साल 1991 में उन्हें पहली चुनावी सफलता तब मिली, जब उन्होंने बारामती लोकसभा सीट पर जीत हासिल की. हालांकि, उन्होंने कुछ समय बाद ही अपने चाचा के लिए पद से इस्तीफा दे दिया. फिर शरद ने यहां के उपचुनाव में जीत हासिल की और पीवी नरसिम्हा राव की तत्कालीन केंद्र सरकार में रक्षा मंत्री बने.

Ajit Pawar Chacha

इसी साल, अजित अपने परिवार के गढ़ बारामती विधानसभा सीट से मैदान में उतरे और विधायक चुने गए. और 8 बार इस निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया. साल 1991 के उपचुनाव में यहां से जीत हासिल करने के बाद वह लगातार इसी सीट से चुनाव लड़ते रहे और हर बार जीत भी हासिल की. अजित ने 1991 के अलावा 1995, 1999, 2004, 2009, 2014, 2019 और 2024 के चुनाव में जीत हासिल की.

साल 1991 में पहली बार बने मंत्री

वह साल 1991 से 1992 तक तत्कालीन सीएम सुधाकरराव नाइक की सरकार में कृषि और बिजली राज्य मंत्री बनाए गए. फिर 1992 में जब उनके चाचा शरद पवार मुख्यमंत्री बने, तो वे मृदा संरक्षण, बिजली और योजना राज्य मंत्री बने.

इसी तरह 1999 में, कांग्रेस और NCP गठबंधन सरकार में सिंचाई मंत्री बने. इसके अलावा 2003 में सुशील कुमार शिंदे की कैबिनेट में उन्हें ग्रामीण विकास विभाग का मंत्री बनाया गया. 2004 के विधानसभा चुनावों में जब कांग्रेस और NCP गठबंधन की वापसी हुई तो वह विलासराव देशमुख और बाद में अशोक चव्हाण की कैबिनेट में जल संसाधन मंत्री बने.

6 बार महाराष्ट्र के बने उपमुख्यमंत्री

कई विभागों में मंत्री रहने वाले अजित पवार साल 2010 में पहली बार राज्य के उपमुख्यमंत्री बने. वह राज्य के 8वें उपमुख्यमंत्री रहे और कुल 6 बार इस पद पर बने. वह करीब 8 साल तक इस पद पर रहे.

अजित पवार कुल 6 बार उपमुख्यमंत्री बने. इसमें वह 2-2 बार पृथ्वीराज चव्हाण और देवेंद्र फडणवीस के कार्यकाल में उपमुख्यमंत्री रहे. इसके अलावा वह उद्धव ठाकरे और एकनाथ शिंदे के कार्यकाल में भी उपमुख्यमंत्री बने.

बारामती से लगातार चुनाव लड़ने के बाद भी उनकी लोकप्रियता बनी रही. साल 2019 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने 1.65 लाख से अधिक वोटों के अंतर से जीत हासिल की. 2024 के चुनाव में उनका अंतर एक लाख (100,899) से अधिक वोटों का रहा.

चाचा के खिलाफ बगावत, फिर भी रहे साथ

महाराष्ट्र की राजनीति में कद्दावर नेताओं में शुमार अजित पवार अपने चाचा शरद के नक्शेकदम पर चलते हुए आगे बढ़ने के बावजूद, उन्हें हमेशा यह लगता रहा कि उन्हें “दबाया” गया है और मुख्यमंत्री जैसे प्रतिष्ठित पद पाने की उनकी अंतिम मंजिल से दूर रखा गया. उनका मानना ​​था कि 2004 से शरद पवार ने उन्हें “अन्यायपूर्ण तरीके से और बार-बार” अवसर देने से मना किया. यही वजह रही कि साल 2022 में वह अपने चाचा के खिलाफ हो गए.

साल 2022 में, शिवसेना में फूट पड़ने की वजह से उद्धव ठाकरे की अगुवाई वाली महा विकास अघाड़ी सरकार गिर गई. ऐसे में बीजेपी ने बागी शिवसेना गुट के नेता एकनाथ शिंदे को CM बनाकर महायुति सरकार का गठन किया जिसमें अजित पवार उपमुख्यमंत्री बन गए. हालांकि चाचा शरद के साथ बागी तेवर दिखाने वाले भतीजे का अंत तक अपने चाचा के साथ मधुर संबंध बना रहा. वह कई बार अपने चाचा के घर पर जाकर मिलकर उनका आशीर्वाद भी लेते रहे.

अजित पवार महाराष्ट्र की राजनीति का बड़ा नाम थे. साल 2024 में वह छठवीं बार महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम बने थे. पहली बार साल 2010 में उन्हें डिप्टी सीएम बनने का मौका मिला था.

अजित पवार महाराष्ट्र के एक बड़े राजनीतिक परिवार से आते हैं, जिनका सिक्का पूरे महाराष्ट्र में चलता है. वह एनसीपी (शरद पवार गुट) के अध्यक्ष शरद पवार के भतीजे हैं. हालांकि 2024 में वो अपने चाचा शरद पवार से अलग होकर बीजेपी-शिवसेना गठबंधन सरकार में शामिल हो गए थे, जिसके बाद उन्हें उपमुख्यमंत्री बनाया गया था.

फिल्म निर्देशक के साथ काम करते थे पिता

अगर अजित पवार राजनीति में नहीं आते तो फिल्मी दुनिया में भी जा सकते थे और अच्छा नाम कमा सकते थे. दरअसल, उनके पिता अनंतराव पवार बॉलीवुड के फेमस फिल्म निर्देशक वी. शांताराम के साथ ‘राजकमल स्टूडियो’ में काम करते थे, लेकिन अजित पवार ने फिल्मी दुनिया में न जाकर राजनीति में हाथ आजमाने का सोचा और अपने चाचा शरद पवार से राजनीति के सारे गुर सीखे, जिसकी बदौलत वह महाराष्ट्र के सबसे ताकतवर नेताओं में से एक बने.

Ajit Pawar Family: अजित पवार के परिवार में कौन-कौन? छोटा बेटा राजनीति से दूर तो बड़े भाई हैं बिजनेसमैन

अजित पवार के परिवार में कौन-कौन?

अजित पवार के परिवार की बात करें उनकी पत्नी का नाम सुनेत्रा पवार है, जो महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री पद्मसिंह बाजीराव पाटिल की बहन हैं. अजित पवार और सुनेत्रा पवार के दो बेटे हैं, जिसमें बड़े बेटे का नाम पार्थ पवार तो छोटे बेटे का नाम जय पवार है. पार्थ ने महाराष्ट्र के मवाला से लोकसभा चुनाव लड़ा था, लेकिन वो हार गए थे, जबकि जय पवार का राजनीति से कोई लेना देना नहीं है.

अजित पवार के भाई-बहन

अगर अजित पवार के भाई-बहनों की बात करें तो उनके बड़े भाई श्रीनिवास पवार हैं, जो एक बड़े बिजनेसमैन हैं. उनका बिजनेस कृषि से लेकर ऑटोमोबाइल क्षेत्र तक फैला हुआ है. कहते हैं कि हर महत्वपूर्ण फैसले में श्रीनिवास अपने छोटे भाई अजित को सलाह देते रहते थे. वहीं, उनकी बहन की बात करें तो उनका नाम विजया पाटिल है, जो मीडिया जगत से जुड़ी हुई हैं.

सुप्रिया सुले से अजित पवार का क्या रिश्ता?

सुप्रिया सुले शरद पवार की बेटी हैं. वह एनसीपी नेता हैं और फिलहाल सांसद भी हैं. जब साल 2023 में अजित पवार एनसीपी से अलग कर बीजेपी के साथ आ गए थे, तब उन्होंने कहा था कि ये उनका अपना फैसला है, लेकिन अजित पवार के साथ मेरा रिश्ता कभी नहीं बदलेगा, वो हमेशा मेरे बड़े भाई रहेंगे.

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सीएम देवेंद्र फडणवीस बोले- उनके जैसा नेता खोना अभूतपूर्व क्षति

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा, “महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार का विमान दुर्घटना में निधन हो गया है. राज्य में शोक का माहौल है. उनके जैसे नेता को खोना एक अभूतपूर्व क्षति है. व्यक्तिगत जीवन में वे एक अच्छे मित्र थे। हमने उनके साथ कई मुश्किलों का सामना किया.

उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे बोले यह एक दुखद घटना

अपने सहयोगी अजित पवार के निधन पर महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा, “यह महाराष्ट्र के लिए एक दुर्भाग्यपूर्ण दिन है. यह हम सभी और पूरे महाराष्ट्र के लिए एक दुखद घटना है. अजित दादा अपने वचन के पक्के थे. जब मैं मुख्यमंत्री था और वे उपमुख्यमंत्री थे, तब हमने एक टीम के रूप में काम किया. एक टीम के रूप में हमने लाडली बहन योजना शुरू की थी और अजित दादा ने इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी.” इसके साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए हादसे की गहन और निष्पक्ष जांच होगी.

रक्षा मंत्री ने जताया दुख

इस दुखद घटना पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने दुख जताया है उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री श्री अजित पवार के असामयिक निधन की खबर सुनकर गहरा दुख हुआ है. अपने लंबे सार्वजनिक जीवन में वे महाराष्ट्र के विकास और समृद्धि के प्रति समर्पित रहे.  मैं उनके परिवार, शुभचिंतकों और प्रशंसकों के प्रति अपनी हार्दिक संवेदना व्यक्त करता हूं.”

सीएम योगी आदित्यनाथ ने दी श्रद्धांजलि

महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री श्री अजित पवार के निधन पर यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने दुख जताया है. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “अजित पावर जी एवं अन्य सदस्यों का निधन अत्यंत दुःखद एवं हृदय विदारक है. उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि. मेरी संवेदनाएं शोक संतप्त परिजनों के साथ हैं.

कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा अजित पवार की पत्नी से की बात

विमान दुर्घटना में महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार के निधन पर कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा, “मैं पूरे पवार परिवार और उनके समर्थकों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करती हूं.   मैंने अजित पवार की पत्नी और सुप्रिया जी (सुप्रिया सुले) से बात की है. ”

शिवसेना (यूबीटी) सांसद प्रियंका चतुर्वेदी व्यक्त की संवेदना

इस घटना पर शिवसेना (यूबीटी) सांसद प्रियंका चतुर्वेदी कहती हैं, “यह बेहद चौंकाने वाला, दर्दनाक और दिल दहला देने वाला है. हमारे बीच मतभेद रहे हैं, लेकिन हमने साथ मिलकर काम किया है. वे वास्तव में एक समर्पित व्यक्ति थे जो अपने काम के प्रति निष्ठावान थे. मैं पवार साहब, सुप्रिया जी के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करती हूं.”

नितिन गडकरी बोले यह एक बहुत बड़ी क्षति

महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार की विमान दुर्घटना में निधन पर केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा, “अजित पवार का निधन दुर्भाग्यपूर्ण है.   वे राजनीति में मेरे घनिष्ठ मित्र थे और हमारे पारिवारिक संबंध भी थे.   उनका निधन एक बहुत बड़ी क्षति है.

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