
संवाददाता
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत की वैश्विक साख और मजबूत हुई है। मोदी सरकार आने के बाद से भारत की तमाम रैंकिंग में सुधार हुआ है। इसी क्रम में भारतीय पासपोर्ट की रैंकिंग में भी बढ़ोतरी हुई है। लंदन स्थित हेनले एंड पार्टनर्स ने दुनिया के सबसे पावरफुल पासपोर्ट की Henley Passport Index 2026 जारी कर दी है। इसमें भारत ने पांच पायदान की छलांग लगाते हुए 80वां स्थान हासिल किया है। इस रैंक पर भारत के साथ अल्जीरिया और नाइजर भी शामिल हैं। पिछले वर्ष भारत 85वें स्थान पर था। मौजूदा रैंकिंग के अनुसार, भारतीय पासपोर्ट धारकों को 55 देशों में वीजा-फ्री, वीजा-ऑन-अराइवल या ई-ट्रैवल अथॉराइजेशन (ETA) की सुविधा मिलेगी। हेनले पासपोर्ट इंडेक्स 2026 में सिंगापुर शीर्ष स्थान पर है, जिसके पासपोर्ट से 192 देशों में बिना वीजा यात्रा की जा सकती है। वहीं जापान और दक्षिण कोरिया 188 देशों के साथ दूसरे स्थान पर हैं।
भारत के पासपोर्ट की ताकत बढ़ने के पीछे अहम वजह है – लगातार बढ़ती अंतरराष्ट्रीय साझेदारियां, आपसी वीजा समझौते और जी20, ब्रिक्स, आसियान जैसे बड़े मंचों पर भारत की सक्रिय भूमिका। यही सब दिखाता है कि भारत के रिश्ते दुनिया भर में मजबूत हो रहे हैं और अर्थव्यवस्था से लेकर रक्षा सहयोग तक, हर मोर्चे पर देश की अहमियत बढ़ी है।



