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दिल्ली का पहला ‘मिनी सचिवालय’ 212 करोड़ की लागत से होगा तैयार, सीएम रेखा गुप्ता ने परियोजना को दी हरी झंडी

दिल्ली का यह पहला मिनी सचिवालय द्वारका सेक्टर 10 में तैयार होगा. इस बहुमंजिला इमारत का निर्माण आधुनिक सुविधाओं को ध्यान में रखकर किया जाएगा.

संवाददाता

नई दिल्ली। दिल्ली सरकार ने प्रशासनिक सेवाओं को जनता के और करीब लाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है. मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में हुई एक्सपेंडिचर फाइनेंस कमेटी की बैठक में द्वारका में दिल्ली के पहले ‘डिस्ट्रिक्ट मिनी सचिवालय’ के निर्माण के लिए 212.91 करोड़ रुपये के बजट को मंजूरी दे दी है. यह परियोजना न केवल द्वारका बल्कि पूरी दिल्ली के प्रशासनिक ढांचे के लिए एक मील का पत्थर साबित होने वाली है.

द्वारका सेक्टर-10 में बनेगा हाई-टेक मुख्यालय

दिल्ली का यह पहला मिनी सचिवालय द्वारका सेक्टर 10 में तैयार होगा. इस बहुमंजिला इमारत का निर्माण आधुनिक सुविधाओं और ‘स्मार्ट गवर्नेंस’ के विजन को ध्यान में रखकर किया जाएगा. इस सचिवालय के बनने से द्वारका और आसपास के लाखों निवासियों को अब अपने प्रशासनिक कार्यों, जैसे कि राजस्व संबंधी मामले, सर्टिफिकेट बनवाने या अन्य सरकारी कामकाजों के लिए शहर के अलग-अलग कोनों में चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे. यह एक ‘वन-स्टॉप सेंटर’ के रूप में कार्य करेगा, जहाँ जिला प्रशासन के सभी प्रमुख विभाग एक ही छत के नीचे मौजूद होंगे.

मिनी सचिवालय में एकीकृत सेवाएं होंगीं. इसमें जिला मजिस्ट्रेट, एसडीएम, और विभिन्न विभागों के कार्यालय एक साथ होंगे. बिल्डिंग में जनता के बैठने की समुचित व्यवस्था, ई-सेवा केंद्र और डिजिटल काउंटर होंगे. स्थानीय स्तर पर सचिवालय होने से फाइलों का निस्तारण तेजी से होगा और लोगों के समय व पैसे दोनों की बचत होगी.

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बैठक के दौरान केवल द्वारका तक ही सीमित न रहने का संकेत दिया है. सरकार ने राजस्व विभाग को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वह दिल्ली के सभी जिलों के लिए मिनी सचिवालय बनाने का एक विस्तृत प्रस्ताव तैयार करे. मुख्यमंत्री कार्यालय के मुताबिक द्वारका का यह मिनी सचिवालय एक मॉडल के रूप में काम करेगा, जिसे जल्द ही पूरी दिल्ली में लागू किया जाएगा.

वर्तमान में, दिल्ली के कई जिला कार्यालय पुरानी इमारतों या किराए के परिसरों से संचालित होते हैं, जहाँ जगह की कमी और सुविधाओं का अभाव एक बड़ी चुनौती है. 212.91 करोड़ रुपये की इस भारी-भरकम राशि के निवेश से सरकार एक ऐसा इकोसिस्टम तैयार करना चाहती है, जहाँ जवाबदेही और पारदर्शिता सुनिश्चित की जा सके. द्वारका सेक्टर-10 की इस प्रस्तावित परियोजना के लिए टेंडर प्रक्रिया जल्द ही शुरू होने की उम्मीद है, जिसके बाद निर्माण कार्य को समय सीमा के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा जाएगा. दिल्ली के सभी 13 राजस्व जिलों में अत्याधुनिक जिला मिनी सचिवालयों के निर्माण की आवश्यकता है, जिनमें जनसंपर्क और नागरिक-केंद्रित सेवा पर फोकस किया जा सके. सीएम ने राजस्व विभाग को निर्देश दिया कि द्वारका मिनी सचिवालय का निर्माण 18 महीनों के भीतर पूरा किया जाए.

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