
संवाददाता
नई दिल्ली। जेडीयू नेता केसी त्यागी द्वारा लिखी ‘संकट की खेती’ पुस्तक का विमोचन केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी ने किया। इस अवसर पर केसी त्यागी ने कहा कि चौधरी चरण सिंह जमीन से जुड़े स्पष्टवादिता और साफगोई वाले व्यक्ति थे। मेरे यहां 1950 की एक तस्वीर है जिसमें चौधरी साब, लालबहादुर शास्त्री, गोविंद वल्लभ पंत, उनके तीन पर्लियामेंट सेकेट्ररी शामिल हैं। यह नैनीताल की तस्वीर थी। उनकी स्पष्टता व साफगोई का थोड़ा असर मुझ पर भी है। उस तस्वीर में लाल बहादुर शास्त्री देश के पीएम बन गए, वीबी पंत दो-दो बार प्रदेश के सीएम गए और चौधरी चरण सिंह साब को अपनी स्पष्टवादिता के कारण पशुपालन मंत्री बनाया गया। लेकिन उनकी विपक्षी एकता ने उन्हें देश का प्रधानमंत्री मनाया। वह आने वाली नस्लों के लिए बहुत कुछ छोडक़र गए, स्वाभिमान से जीना, अपने ईमानदारी से जीना, अपने अधिकारों के लिए लडऩा आदि। अब चौधरी अजीत सिंह के बाद जयंत चौधरी, हरियाणा में चौधरी ओमप्रकाश के बाद चौधरी रंजीत सिंह हाथ में बागडोर है। चौधरी चरण सिंह और चौधरी देवीलाल के बीच वैचारिक, राजीनीति रिश्ते थे। अब अगर किसानों के आंसू कम होने हैं जो यह जोड़ी आने वाले समय में एकसाथ आकर एकसाथ काम करें।

केन्द्रीय मंत्री जयंत चौधरी ने इस अवसर पर कहा कि यह किताब केसी त्यागी की आवाज में सुनाई जा सकती है। केसी त्यागी की यह किताब एक छोटा सा अशं हैं जिसकेे लिए मैं यहां आया हॅू, लेकिन मैं यहां केसी त्यागी जी को मनाने भी आया हॅूं। जयंत चौधरी ने कहा कि यह सच है कि आपकी बेबाकी, आपकी कलम, कभी-कभी राजनीतिक व्यवस्था में सोचसमझकर बोलते हैं। मुझे लगाता है कि केसी त्यागी का हार्ट टू माउथ हैं वह छोटा कनेक्शन है जिसमें फिल्टर नहीं लगे हैं। पश्चिमी यूपी की पानी और मिट्टी का असर है और चौधरी चरण सिंह की नजदीकी और साफगोई का यह परिणाम है यह ऐसे ही सोच समझकर बोलते होंगे। लेकिन कोई सुनता है तो ऐसा लगता है कि कह तो सही रहा है दिल की बात है, इसलिए कोई माइंड नहीं करता। व्यंग्य में कर देते हैं।
इस अवसर पर पूर्व मंत्री बालेश्वर त्यागी, रालोद नेता अमरजीत सिंह बिड्डी, अजयवीर सिंह चौधरी, वरिष्ठ अधिवक्ता सत्यकेतु सिंह, भाजपा के वरिष्ठ नेता पृथ्वी सिंह कसाना, डॉ. मरगूब त्यागी, आदि मौजूद रहे। अतिथियों का स्वागत अम्बरीश त्यागी ने किया। मंच पर केसी त्यागी, जयंत चौधरी के अलावा वरिष्ठ नेता सुरेंद्र त्यागी रहे। संचालन पूर्व मंत्री रमाशंकर सिंह ने किया। स्वामी सहजानंद सरस्वती और भारत रत्न एवं भूतपूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह को समर्पित यह पुस्तक किसानों की समस्याओं, उनके संघर्षों तथा भारत के विकास में उनकी भूमिका को प्रभावी ढंग से रेखांकित करती है।



