
संवाददाता
नई दिल्ली । दिल्ली विधानसभा के शीतकालीन सत्र का आज दूसरा दिन है। आज प्रश्नकाल है। इस दौरान कई जरूरी विधेयक और रिपोर्ट पेश होने हैं। आज ही विधानसभा सत्र में सीएजी रिपोर्ट और फांसी घर विवाद से जुड़ा मामला सदन में उठाया जाएगा। इससे पहले विधानसभा की कार्यवाही के दौरान जबरदस्त हंगामा देखने को मिल रहा है। सदन में जमकर नारेबाजी हो रही है। सुबह कार्यवाही शुरू होते ही सदन को आधे घंटे के लिए स्थगित कर दिया गया है।
संदन शुरू हाेते ही दिल्ली की सीएम रेखा गुप्ता ने कहा कि प्रदूषण जैसे मुद्दों पर, जिन पर सरकार ने सभी को चर्चा के लिए बुलाया है। सभी विधायकों को बहस में हिस्सा लेना चाहिए और दिल्ली को बेहतर समाधान देने के लिए मिलकर काम करना चाहिए। यह सत्र बहुत महत्वपूर्ण है और यह हमारी जिम्मेदारी है कि हम इसके हर पल का इस्तेमाल दिल्ली की भलाई के लिए करें। मैं कहना चाहूंगी कि सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों को अपनी जिम्मेदारियां निभानी चाहिए।
ये दस्तावेज पेश किए गए
- बिजली मंत्री आशीष सूद दिल्ली विद्युत नियामक आयोग से जुड़े संशोधित नियम
- वार्षिक रिपोर्ट और नवीकरणीय ऊर्जा से संबंधित अधिसूचनाएं
- दिल्ली तकनीकी विवि और नेताजी सुभाष प्रौद्योगिकी विवि की वार्षिक और ऑडिट रिपोर्ट
- अलग-अलग समितियों की रिपोर्
- बिजनेस एडवाइजरी कमेटी की तीसरी रिपोर्ट
- विशेषाधिकार समिति की पहली रिपोर्ट
- फांसी घर का मामला उठना तय
- विधायी कार्य मंत्री प्रवेश साहिब सिंह कोर्ट फीस (दिल्ली संशोधन) विधेयक 2026
दिल्ली के मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि वे (AAP नेता, जिसमें आतिशी भी शामिल हैं) अपना चेहरा छिपा रहे थे। आपने दिल्ली को ग्यारह साल तक प्रदूषित हवा दी है। ग्यारह साल तक अरविंद केजरीवाल झूठ पर झूठ बोलते रहे। हर साल वह कहते रहे कि अगले साल प्रदूषण ठीक हो जाएगा। अब वे मास्क के पीछे अपना चेहरा छिपा रहे हैं। क्या दिल्ली के लोग उनके मास्क वाले मुंह के पीछे असली चेहरे नहीं देख सकते? यह पहली बार है जब कोई सरकार खुद कह रही है, चलो प्रदूषण पर बहस करते हैं।
दिल्ली विधानसभा सत्र आधे घंटे के लिए स्थगित
हंगामे के बीच दूसरी बार स्थगित हुआ दिल्ली विधानसभा का सत्र
गुरुओं ने दिया देश के लिए बलिदान- सिरसा
गुरु तेग बहादुर की शहादत पर 5 लाख किताबें बांटी- रेखा गुप्ता
इस बीच रेखा गुप्ता सरकार में मंत्री आशीष सूद ने आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को चिट्ठी लिखी है। यह पत्र कुछ समय पहले आई खबर के संबंध में है, जिसमें कहा गया था कि दिल्ली के सरकारी और प्राइवेट टीचर्स को आवारा कुत्तों की गिनती का काम सौंपा गया है। दिल्ली सरकार ने इस खबर का खंडन करते हुए आप पर अफवाह फैलाने का आरोप लगाया था।
मंत्री आशीष सूद ने अरविंद केजरीवाल को जो चिट्ठी लिखी है, उसमें यही अफवाह फैलाने का आरोप लगाते हुए कड़े शब्दों में निंदा की है। आशीष सूद ने लिखा है कि अरविंद केजरीवाल को दिल्ली की जनता से सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए. साथ ही, उन्होंने दिल्ली में आवारा कुत्तों की गिनती को भ्रामक बताया है।
आशीष सूद ने अरविंद केजरीवाल से क्या कहा?
आशीष सूद ने पत्र में लिखा है, “आपने सार्वजनिक रूप से यह आरोप लगाया था कि रेखा गुप्ता सरकार की ओर से टीचर्स को कुत्ते गिनने के आदेश दिए गए हैं। यह बात न केवल गलत थी, बल्कि अतार्किक भी थी. आपके पास मुख्यमंत्री होने का अनुभव है, ऐसे में आपके द्वारा दिए गए बयान गलतफहमी करार नहीं दिए जाते। यह साफ तौर पर सरकार के सुचारू क्रियान्वयन में बाधा डालने की कोशिश थी।”
आशीष सूद ने कहा कि इस तरह की राजनीति अनावश्यक अशांति पैदा करती है, जनता के विश्वास को ठेस पहुंचाती है और शासन व्यवस्था को बाधित करती है। शिक्षा मंत्री के रूप में, मैं ऐसी गतिविधियों को बच्चों के कल्याण या विद्यालयों के कामकाज में बाधा डालने की अनुमति नहीं दे सकता और न ही दूंगा। साथ ही, मैं आपसे निवेदन करता हूं कि पूर्व मुख्यमंत्री होने के नाते, आप दिल्ली की जनता से दुष्प्रचार फैलाने के लिए सार्वजनिक रूप से माफी मांगें।



