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आधी रात JNU में फिर मचा बवाल! विवादित नारेबाजी के बाद सियासी उबाल, BJP नेताओं का फूटा गुस्सा

अक्सर चर्चा में रहने वाला जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय एक बार फिर सुर्खियों में है. वजह विवादित नारेबाजी बताई जा रही है.

संवाददाता

नई दिल्ली । रविवार को जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में हुई एक कार्यक्रम हुआ. जिसमें विवादित नारेबाजी हुई. जिसके बाद दिल्ली सरकार के मंत्रियों में नाराजगी देखी जा रही है.

JNU में हुई कथित नारेबाजी का वीडियो बीजेपी प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने अपने एक्स अकाउंट पर साझा किया.

जेएनयू में छात्रों की तरफ से कई तरह की नारेबाजी की गई. जिसे लेकर दिल्ली सरकार में मंत्री कपिल मिश्रा और मंत्री आशीष सूद ने कई सवाल उठाए. मंत्री कपिल मिश्रा ने कहा बात JNU की नहीं है, कुछ लोग हैं जो इस प्रकार के देश विरोधी, धर्म विरोधी नारे लगाते हैं, ये अफजल गुरू के लिए भी नारे लगाते हैं, सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ, आतंकियों के समर्थन में, नक्सलियों के समर्थन में नारे लगाते हैं लेकिन कुल मिलाकर इनके नारे बस नारे तक ही सीमित हैं. जहां नक्सलवादी होते थे वहां नक्सलवादी खत्म हो गए हैं, जहां आतंकवादी होते थे वहां आतंकवादी खत्म हो गए हैं और जिन लोगों ने दिल्ली के खिलाफ साजिश रची उनके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का फैसला आ गया है, तो यह बस उनकी छटपटाहट है.

वहीं दिल्ली के शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने कहा कि निजी हिंसा की टिप्पणी करना निंदनीय है. ये टिप्पणियां इसलिए की जा रही है क्योंकि शरजिल इमाम और उमर खालिद की जमानत रद्द हो गई. मंत्री आशीष सूद ने कहा कि दिल्ली दंगों में उमर खालिद का हाथ था. उन्होंने कहा कि विदेशी ताकतें इनका साथ दे रही हैं.

दिल्ली के मंत्री आशीष सूद ने कहा ऐसे लोगों के प्रति सहानुभूति इसलिए दिखाई जाती है क्योंकि इस विधानसभा में ऐसे लोग हैं जिन्होंने शरजील इमाम के साथ मंच साझा किया था…जब आप ऐसे लोगों को बढ़ावा देते हैं, तो JNU में ऐसे गैर-जिम्मेदार तत्व सिर उठाते हैं, जिसकी मैं निंदा करता हूं। JNU में जो हुआ है, जहां शरजील इमाम और उमर खालिद का एक तरह से समर्थन किया गया है, यह निंदनीय है और देश के खिलाफ है”.

केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने भी अपनी प्रतिक्रिया साझा की, उन्होंने कहा कि ऐसे नारेबाजी करने वाले लोग देशद्रोही हैं.

उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री दयाशंकर सिंह ने कथित नारेबाजी पर कहा कि “JNU में वे भारत के पैसे से पढ़ते हैं और विदेशी मानसिकता रखते हैं, ऐसे लोगों से देश को सावधान रहना चाहिए.

जेएनयू प्रशासन ने की एफआईआर दर्ज करने की मांगजवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) प्रशासन ने सबरमती हॉस्टल के बाहर आपत्तिजनक और भड़काऊ नारेबाजी के मामले में एफआईआर दर्ज कराने की मांग की है. सुरक्षा विभाग की ओर से वसंत कुंज (नॉर्थ) थाना प्रभारी को लिखे पत्र में बताया गया कि 5 जनवरी 2026 की रात ‘गुरिल्ला ढाबा’ कार्यक्रम के दौरान कुछ छात्रों ने सुप्रीम कोर्ट के प्रति अवमाननापूर्ण और उकसाने वाले नारे लगाए. पत्र के अनुसार, यह कृत्य जेएनयू आचार संहिता का उल्लंघन है और इससे परिसर की शांति व सुरक्षा को खतरा पैदा हुआ. प्रशासन ने संबंधित धाराओं में एफआईआर दर्ज करने का अनुरोध किया

बता दें 5 जनवरी की रात दिल्ली के जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय में छात्रों द्वारा कथित रूप से नारेबाजी की गई. जिसके बाद विवाद बढ़ गया. आज सड़क से लेकर दिल्ली विधानसभा तक इन नारों की चर्चा है.

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